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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 11, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    जम्मू-कश्मीर में माहौल खराब करने की अलगाववादियों की कोशिश नाकाम

    By Atul GuptaEdited By:
    Updated: Fri, 11 Nov 2016 09:45 PM (IST)

    हुर्रियत कांफ्रेंस ने शुक्रवार भी कश्मीर बंद का आह्वान करते हुए लोगों से जामिया मस्जिद श्रीनगर मार्च का एलान किया था। ...और पढ़ें

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    श्रीनगर, राज्य ब्यूरो। अलगाववादियों के यौम-ए-इस्तकलाल मनाने और जामिया मस्जिद चलो मार्च के बहाने हालात बिगाड़ने की साजिश को शुक्रवार प्रशासन ने डाउन-टाउन में कफ्र्यू व अन्य संवेदनशील इलाकों में निषेधाज्ञा लागू कर नाकाम बना दिया। वहीं, लगातार 18वें जुमे को भी जामिया मस्जिद में नमाज नहीं हुई और नजरबंदी भंग कर जामिया मार्च के लिए निकले मीरवाइज मौलवी उमर फारूक को पुलिस ने उनके घर के बाहर ही पकड़ हवालात में बंद कर दिया। कट्टरपंथी गिलानी की नजरबंदी को और ज्यादा सख्त बनाया गया। इस बीच, लगातार 127वें दिन भी कश्मीर में अलगाववादियों के बंद के चलते सामान्य जनजीवन पूरी तरह अस्तव्यस्त रहा।

    हुर्रियत कांफ्रेंस ने शुक्रवार भी कश्मीर बंद का आह्वान करते हुए लोगों से जामिया मस्जिद श्रीनगर मार्च का एलान किया था। लोगों से कहा गया था कि वह जामिया मस्जिद पहुंचे और नमाज ए जुमा अदा करने के साथ ही यौम-ए-इस्तकलाल मनाएं। नमाज ए जुमा के बाद हुर्रियत नेताओं ने वहां एक रैली का भी एलान कर रखा था।

    वादी में सुधरते हालात के बीच अलगाववादियों के इस मार्च के दौरान हिंसा भड़कने की आशंका को देखते हुए ही पुलिस ने गत रोज जेकेएलएफ चेयरमैन मुहम्मद यासीन मलिक को गिरफ्तार करने के अलावा मीरवाइज मौलवी उमर फारूक समेत सभी प्रमुख अलगाववादियों को नजरबंद कर दिया था।

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