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    श्रद्धा मर्डर केस: आफताब को नहीं हत्या का पछतावा, पॉलीग्राफ टेस्ट में खुलासा; आज भी अंतिम संस्कार को तरस रहा परिवार

    Updated: Tue, 14 Jul 2026 07:27 PM (IST)

    आफताब पूनावाला के पॉलीग्राफ टेस्ट में एक साथ कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। दूसरी ओर श्रद्धा का परिवार आज भी अपनी बेटी की अंतिम संस्कार को तरस र ...और पढ़ें

    श्रद्धा मर्डर केस।

    श्रद्धा मर्डर केस।

    HighLights

    1. आफताब के पॉलीग्राफ टेस्ट में साइको-समाज-विरोधी प्रवृत्तियां उजागर हुईं।

    2. उसमें भावनाओं की कमी और पछतावे का अभाव पाया गया।

    3. परीक्षा के बहाने ट्रायल टलने से श्रद्धा का अंतिम संस्कार रुका।

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। साल 2022 का चर्चित श्रद्धा वॉल्कर हत्याकांड एक बार फिर सुर्खियों में है। इस मामले में आरोपी आफताब अमीन पूनावाला के पॉलीग्राफ टेस्ट को लेकर बेहद चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं। फॉरेंसिक सूत्रों के मुताबिक, साल 2022 में जब आफताब का पॉलीग्राफ टेस्ट किया गया था, तब उसमें उसके भीतर 'साइको' और 'सोशियोपैथिक' (समाज-विरोधी) प्रवृत्तियां देखी गई थीं।

    जानकारी के अनुसार आफताब के कई तरह के टेस्ट किए गए थे, जिनमें गुस्सा नापने का पैमाना, पर्सनालिटी टेस्ट और भावनाओं से जुड़े टेस्ट शामिल थे। इन जांचों की रिपोर्ट में तीन बड़ी बातें भी सामने आईं। 

    आफताब की रिपोर्ट में क्या-क्या?

    सामने आई रिपोर्ट में इस बात को दर्शाया गया है कि आफताब के भीतर भावनाओं और संवेदनाओं की भारी कमी देखी गई। साथ ही अपनी लिव-इन पार्टनर श्रद्धा की हत्या करने और उसके शव के टुकड़े-टुकड़े करने के बावजूद उसके चेहरे या बर्ताव में कोई पछतावा नहीं था।

    खुद को बचाने की ज्यादा फिक्र

    इसके अलावा रिपोर्ट में तीसरी सबसे बड़ी बात यह सामने आई कि टेस्ट के दौरान आफताब का पूरा ध्यान सिर्फ खुद को सुरक्षित रखने पर था। वह लगातार यही सोच रहा था कि कानून के शिकंजे से खुद को कैसे बचाया जाए।

    परीक्षा के बहाने ट्रायल में देरी का आरोप

    वहीं दूसरी तरफ, कानूनी अड़चनों और तारीखों के टलने की वजह से श्रद्धा का परिवार आज भी उसका अंतिम संस्कार नहीं कर पाया है। श्रद्धा वॉल्कर के परिवार का प्रतिनिधित्व कर रही वकील सीमा समृद्धि कुशवाहा ने आरोप लगाया है कि बचाव पक्ष जानबूझकर मामले की सुनवाई में देरी कर रहे हैं।

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    अब समझिए क्या है ताजा विवाद?

    बता दें कि कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए 20 जुलाई से 27 जुलाई तक की तारीखें तय की थीं। लेकिन आफताब ने कोर्ट में अर्जी दी कि 20 जुलाई को तिहाड़ जेल के इग्नू सेंटर पर उसकी एमए (समाजशास्त्र) की परीक्षा है।

    आफताब की इस अर्जी के बाद कोर्ट ने 20 जुलाई की सुनवाई रद्द कर दी, लेकिन इसके बदले अगली कोई तारीख तय नहीं की। वकील सीमा कुशवाहा ने कहा कि इस देरी के खिलाफ वे जल्द ही 'फास्ट ट्रैक' सुनवाई के लिए दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगी।

    अंतिम संस्कार के लिए तरस रहा परिवार

    इस मामले का सबसे दुखद पहलू यह है कि हत्या के इतने साल बीत जाने के बाद भी श्रद्धा का अंतिम संस्कार नहीं हो सका है। वकील सीमा कुशवाहा ने बताया कि श्रद्धा के शव के बरामद हिस्से इस समय कानूनी तौर पर केस प्रॉपर्टी हैं। ऐसे में जब तक अदालत में ट्रायल पूरी तरह खत्म नहीं हो जाता, तब तक पुलिस इन हिस्सों को परिवार को नहीं सौंप सकती। यही वजह है कि परिवार अपनी बेटी की अंतिम विदाई की रस्में भी पूरी नहीं कर पा रहा है।

    श्रद्धा वॉल्कर हत्याकांड, एक नजर

    गौरतलब है कि मई 2022 में आफताब पूनावाला ने दिल्ली के महरौली में अपनी लिव-इन पार्टनर श्रद्धा वॉल्कर की गला दबाकर हत्या कर दी थी। इसके बाद उसने शव के 35 टुकड़े किए थे और उन्हें कई दिनों तक फ्रिज में रखने के बाद शहर के अलग-अलग इलाकों और जंगलों में फेंक दिया था।