शुभ मुहूर्त और राहुल गांधी से कनेक्शन... डीके शिवकुमार ने शपथ के लिए 3 जून का दिन ही क्यों चुना?
डीके शिवकुमार 3 जून को कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। यह तारीख राहुल गांधी की उपलब्धता के आधार पर तय की गई है।

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कर्नाटक में डीके शिवकुमार 3 जून को मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। शिवकुमार के नेतृत्व में कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल आज राज्यपाल थावरचंद गहलोत से मिलकर शपथ ग्रहण समारोह के बारे में चर्चा करेगा।
एनडीटीवी की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया कि डीके शिवकुमार का शपथ ग्रहण समारोह सादा होगा। गुरुवार को निवर्तमान मुख्यमंत्री सिद्दरमैया के इस्तीफा देने के बाद से ही शपथ ग्रहण समारोह की तारीख को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं।
ज्योतिषी से निकलवाया शुभ मुहुर्त
शिवकुमार एक बहुत ही धार्मिक व्यक्ति हैं। उन्होंने अपने ज्योतिषी बेलूर द्वारकानाथ से सलाह लेने के बाद शपथ ग्रहण के लिए 3 जून की तारीख तय की है। ज्योतिषी ने शपथ ग्रहण के लिए 3 जून को "शुभ मुहूर्त" (शुभ समय) के रूप में तय किया है।
सूत्रों के अनुसार, शपथ ग्रहण के लिए 3 जून की तारीख तय किए जाने के पीछे एक और वजह विपक्ष के नेता राहुल गांधी की उपलब्धता है, जिनके इस शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने की उम्मीद है।
दो उपमुख्यमंत्री भी ले सकते हैं शपथ
डीके शिवकुमार के साथ दो उपमुख्यमंत्री भी शपथ ले सकते हैं। इनमें से एक उपमुख्यमंत्री दलित समुदाय से और दूसरा अल्पसंख्यक समुदाय से होने की संभावना है। सिद्दरमैया के जाने के बाद नई सरकार में कांग्रेस अलग-अलग जातियों और समुदायों के साथ-साथ पार्टी के अलग-अलग गुटों के बीच भी संतुलन बनाने की कोशिश करेगी।
सूत्रों के मुताबिक, सिद्दरमैया के बेटे यतींद्र सिद्दरमैया को नई सरकार में कोई अहम मंत्रालय मिल सकता है। पिछले हफ्ते सिद्दरमैया और डीके शिवकुमार के बीच महीनों तक चली सत्ता की खींचतान के बाद कांग्रेस नेतृत्व ने आखिरकार शिवकुमार के पक्ष में फैसला लेते हुए सिद्दरमैया से इस्तीफा देने को कहा।
राहुल गांधा का निर्देश
विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शिवकुमार के नेतृत्व वाली नई सरकार के स्वरूप को लेकर अहम निर्देश जारी किए हैं। गांधी चाहते हैं कि नई कैबिनेट में दलितों, ओबीसी और अल्पसंख्यकों को ज्यादा प्रतिनिधित्व मिले।
राहुल गांधी के सामाजिक न्याय के एजेंडे के लिए यह बात बेहद अहम है, क्योंकि डीके शिवकुमार खेमे की ओर से लगातार बदलाव की मांग के चलते कांग्रेस को अपने इकलौते ओबीसी मुख्यमंत्री सिद्दरमैया को हटाना पड़ा है।
सूत्रों ने आगे बताया कि राहुल गांधी कैबिनेट में युवा चेहरों को शामिल करने के इच्छुक हैं। इसे बदलाव का संकेत देने और 2028 में होने वाले चुनावों से पहले ज्यादा से ज्यादा युवाओं को आकर्षित करने के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
