भारत-चीन सीमा से लेकर गंगटोक बाईपास तक... सिक्किम में सड़क नेटवर्क को नई रफ्तार; केंद्रीय मंत्री अजय टम्टा ने किया निरीक्षण
केंद्रीय मंत्री अजय टम्टा ने सिक्किम में सड़क और राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा की, जिनमें 8,000 करोड़ रुपये से अधिक के कार्य शामिल हैं। ...और पढ़ें

मंत्री टम्टा को स्वागत करते हुए गेजिंग के जिला अधिकारी। जागरण

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जागरण न्यूज नेटवर्क, गंगटोक। केंद्र सरकार ने सिक्किम में सड़क और राजमार्ग अवसंरचना को मजबूत करने की दिशा में बड़े कदम तेज कर दिए हैं। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा ने राज्य के दौरे के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग-10 और राष्ट्रीय राजमार्ग-510 का निरीक्षण कर विभिन्न विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की तथा अधिकारियों को निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक में मंत्री ने सिक्किम के लिए प्रस्तावित और निर्माणाधीन कई महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं पर विशेष ध्यान दिया। इनमें रिनाक-रोंगली सड़क परियोजना को सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है। लगभग 15.30 किलोमीटर लंबी इस परियोजना की अनुमानित लागत 595 करोड़ रुपये है। वहीं राष्ट्रीय राजमार्ग-10 के 25.75 किलोमीटर हिस्से के उन्नयन और विकास पर 1,018 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
राज्य में बढ़ते यातायात दबाव को कम करने के लिए रंगपो-रोड़ाथांग तथा मल्ली-सिंगताम बाईपास परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। इन परियोजनाओं के पूरा होने से यातायात जाम में कमी आने के साथ सड़क सुरक्षा और संपर्क व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (एनएचआईडीसीएल) द्वारा सिक्किम में अब तक 58 किलोमीटर लंबाई की छह परियोजनाएं पूरी की जा चुकी हैं, जिन पर लगभग 1,323 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। इसके अलावा 147 किलोमीटर लंबाई की सात अन्य परियोजनाएं विभिन्न चरणों में निर्माणाधीन हैं, जिनकी कुल लागत 3,749 करोड़ रुपये आंकी गई है।
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सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सड़क एवं राष्ट्रीय राजमार्ग प्रकोष्ठ ने भी राज्य में 117 किलोमीटर सड़क परियोजनाएं पूरी की हैं, जिन पर 1,202 करोड़ रुपये का निवेश किया गया। इसके अतिरिक्त 50 किलोमीटर लंबाई के सड़क निर्माण कार्य जारी हैं, जबकि 58 किलोमीटर लंबाई की नई परियोजनाओं की तैयारी चल रही है, जिनकी अनुमानित लागत 2,575 करोड़ रुपये है।
दौरे के दौरान मंत्री ने बहुप्रतीक्षित गंगटोक बाईपास परियोजना की प्रगति की भी समीक्षा की और अधिकारियों को इसे हर हाल में नवंबर 2026 तक पूरा करने का निर्देश दिया। यह परियोजना राजधानी क्षेत्र में यातायात दबाव कम करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) द्वारा निर्मित गंगटोक-शेराथांग-नाथूला मार्ग की भी समीक्षा की गई। लगभग 59 किलोमीटर लंबा यह रणनीतिक मार्ग भारत-चीन सीमा से जुड़े नाथूला दर्रे तक पहुंच प्रदान करता है। मंत्री ने पर्यटकों की सुविधा के लिए मार्ग पर पार्किंग स्थलों (ले-बाई) के निर्माण और भूस्खलन रोकने के प्रभावी उपाय सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया।
बीआरओ वर्तमान में राष्ट्रीय राजमार्ग-310 और एनएच-310एजी के अंतर्गत 241 किलोमीटर लंबाई की 17 परियोजनाओं पर कार्य कर रहा है, जो विभिन्न चरणों में हैं। दौरे के दौरान अजय टम्टा ने कहा कि बेहतर सड़क संपर्क किसी भी राज्य के आर्थिक विकास, व्यापार, पर्यटन और दूरदराज के क्षेत्रों तक पहुंच सुनिश्चित करने की आधारशिला है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार सिक्किम में सुरक्षित, आधुनिक और मजबूत सड़क नेटवर्क विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे राज्य के सामाजिक और आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।