'छात्रों से दुश्मनों जैसा व्यवहार, कायरता और क्रूरता की हद पार'; NEET विवाद के बीच सोनिया गांधी का केंद्र पर हमला
NEET पेपर लीक विवाद पर सोनिया गांधी ने केंद्र सरकार पर छात्रों के साथ 'कायरता और क्रूरता' से पेश आने का आरोप लगाया। उन्होंने सरकार से पुलिस कार्रवाई र ...और पढ़ें

सोनिया गांधी ने केंद्र सरकार पर बोला हमला (फोटोःPTI)

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। NEET पेपर लीक विवाद को लेकर जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने केंद्र सरकार का तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सरकार ने शांतिपूर्ण छात्र प्रदर्शनों का जवाब कायरता और क्रूरता से दिया है और देश के युवाओं के साथ राष्ट्र के दुश्मनों जैसा व्यवहार किया है।
एक अखबार में लिखे लेख में सोनिया गांधी ने केंद्र से पुलिस कार्रवाई तुरंत रोकने और संवाद शुरू करने की अपील की।
उन्होंने 20 जुलाई के संसद चलो मार्च को कलंक का दिन बताया। 20 जुलाई काला दिन, लाठी और आंसू गैस का इस्तेमाल सोनिया गांधी ने लिखा, पिछले कुछ हफ्तों से पूरे भारत में छात्र परीक्षा पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था के पतन के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी मांगें सीधी हैं, सरकार से जवाबदेही और शिक्षा सुधार। नरेंद्र मोदी सरकार ने उनके साहस का जवाब कायरता और क्रूरता से दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि 20 जुलाई, 2026 को दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों ने बर्बर लाठीचार्ज और आंसू गैस से उन्हें दबाने की कोशिश की। दर्जनों शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारी घायल हुए। घर लौट रहे छात्रों को भी नहीं बख्शा गया।
सोनिया ने यह भी दावा किया कि विरोध में शामिल युवाओं के शरीर छर्रों से जख्मी हैं और इसका आदेश केंद्रीय गृह मंत्री ने दिया होगा।
शिक्षा के बजट और NTA पर उठाए सवाल
सोनिया ने सरकार पर शिक्षा के बजट में कटौती का आरोप लगाते हुए कहा कि स्कूल शिक्षा के हिस्से में 50 प्रतिशत और उच्च शिक्षा में 33 प्रतिशत की कटौती की गई है। पिछले 12 सालों में मोदी सरकार ने लगभग एक लाख सरकारी स्कूल बंद कर दिए, जबकि 43,000 निजी स्कूल खोले गए।
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उन्होंने NTA को बेबस और स्टाफ की कमी से जूझने वाली संस्था बताया जो निजी ठेकेदारों पर निर्भर है। सोनिया ने कहा कि पिछले 12 सालों में देशभर में 152 पेपर लीक हुए, जिनमें से 9 NTA के गठन 2017 के बाद हुए।
सोनिया ने बढ़ती बेरोजगारी को भी आंदोलन की वजह बताया। उन्होंने कहा ग्रेजुएट्स में बेरोजगारी दर पिछले कुछ सालों से लगभग 40 प्रतिशत रही है। शिक्षा के निजीकरण और व्यवसायीकरण की वजह से छात्रों की हताशा बढ़ी है।
वहीं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर निशाना साधा। पीएम मोदी के देर रात वीडियो संदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए राहुल ने एक्स पर लिखा, मिस्टर मोदी, हमारे छात्र धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। आधी रात को जारी इस बेकार से वीडियो से उनकी समझदारी का अपमान न करें।
1. प्रधान को पद से हटाएं।
2. छात्रों की पिटाई करने वालों को सज़ा दें।
3. माफी मांगें।