यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 29, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
गंगा नदी में प्रदूषण का मामला, बिहार सरकार को राहत; NGT के जुर्माना वाले आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक
देश के सर्वोच्च न्यायालय ने एनडजीटी के उस आदेश पर रोक लगा दी है जिसमें बिहार सरकार पर 50 हजार रुपए जुर्माना लगाया गया था। मामले की सुनवाई के दौरान को ...और पढ़ें

HighLights
- एनजीटी ने लगाया था 50 हजार रुपये का जुर्माना।
- सुप्रीम कोर्ट ने एनजीटी के आदेश पर रोक लगाई।
पीटीआई, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें बिहार सरकार पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया था। एनजीटी ने गंगा नदी के प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण से संबंधित मामले में अपने निर्देशों का पालन नहीं करने और उचित सहायता नहीं करने के लिए बिहार सरकार पर यह जुर्माना लगाया था।
एनजीटी ने पिछले साल 15 अक्टूबर को पारित अपने आदेश में बिहार के मुख्य सचिव को गंगा नदी में प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण के लिए उठाए गए कदमों के बारे में उसे अवगत कराने के लिए वीडियो कांफ्रेंस के जरिये अपने समक्ष पेश होने का भी निर्देश दिया था।
सुप्रीम कोर्ट में हुई मामले की सुनवाई
जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस आगस्टीन जार्ज मसीह की पीठ ने एनजीटी के आदेश को चुनौती देने वाली बिहार सरकार की याचिका पर सुनवाई की। पीठ ने इस मामले में केंद्र और अन्य हितधारकों को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के भीतर याचिका पर जवाब मांगा है।
गंगा में प्रदूषण के रोकथाम पर काम कर रहा NGT
एनजीटी गंगा नदी के प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण के मुद्दे पर विचार कर रहा है। इस मामले को राज्यवार तरीके से देखा जा रहा है, जिसमें वे सभी राज्य और जिले शामिल हैं जहां से गंगा और उसकी सहायक नदियां बहती हैं। एनजीटी ने अपने आदेश में कहा था कि उसने पहले बिहार में गंगा और उसकी सहायक नदियों के जल की गुणवत्ता के मुद्दे पर विचार किया था।