Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    ममता बनर्जी को लगा एक और झटका, सबसे पुराने साथी सुदीप बंदोपाध्याय ने भी छोड़ा साथ

    Updated: Sat, 13 Jun 2026 11:53 PM (GMT+05:30)

    पश्चिम बंगाल में हार के बाद ममता बनर्जी को एक और झटका लगा है, क्योंकि तृणमूल कांग्रेस के संस्थापक सदस्य सुदीप बंदोपाध्याय ने पार्टी छोड़ दी है। ...और पढ़ें

    सुदीप बंदोपाध्याय ने छोड़ा ममता बनर्जी का साथ (फाइल फोटो)

    सुदीप बंदोपाध्याय ने छोड़ा ममता बनर्जी का साथ (फाइल फोटो)

    HighLights

    1. सुदीप बंदोपाध्याय ने छोड़ा ममता बनर्जी का साथ।

    2. 20 बागी सांसद और विधायक पत्नी भी साथ हो गए।

    3. पार्टी में बड़ा संकट, मूल तृणमूल पर दावा संभव।

    जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। यूं तो पश्चिम बंगाल हार के बाद ममता बनर्जी को हर दिन नए झटके लग रहे हैं लेकिन शनिवार का दिन ज्यादा गंभीर था।

    तृणमूल कांग्रेस की स्थापना में ममता के साथ रहे सुदीप बंदोपाध्याय ने भी अलग जाने का फैसला कर लिया है। शनिवार को वह केंद्रीय मंत्री और पश्चिम बंगाल के चुनाव प्रभारी भूपेंद्र यादव से मिले। इसके साथ ही बागी सांसदों की संख्या 20 हो गई।

    बागी सांसदों की लिस्ट में शामिल हुए सुदीप बंदोपाध्याय

    सुदीप बंदोपाध्याय के रुख का संदेश यह है कि राज्य विधानसभा में सदस्य उनकी पत्नी भी अब बागी विधायक दल के साथ जाएंगी।

    बंदोपाध्याय के अलग होने से यह अटकलें भी तेज हो गई हैं कि दो दिनों के अंदर कुछ और सदस्य पार्टी छोड़ कर मूल तृणमूल पार्टी का दावा कर सकते हैं।

    तृणमूल कांग्रेस के लोकसभा में 28 सदस्य हैं। सूत्रों का कहना है कि बागी सांसदों के गुट को चार या पांच सदस्यों को छोड़कर हर किसी से समर्थन की आशा है।

    बताया जाता है कि यह गुट का ममता के भतीजे अभिषेक बनर्जी, कल्याण बनर्जी, महुआ मोइत्रा और भाजपा से कांग्रेस होते हुए तृणमूल में गए कीर्ति आजाद से कोई संवाद नहीं हो रहा है।

    ऐसे में सोमवार को लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात के वक्त संख्या और बढ़ जाए तो आश्चर्य नहीं। लेकिन फिलहाल 20 सदस्य एकजुट हैं। शनिवार को सुदीप और शताब्दी राय ने भूपेंद्र यादव से मुलाकात की।

    सुदीप का आना इस कारण से इस गुट के लिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वह सबसे पुराने नेता हैं। ममता के दिल्ली से पश्चिम बंगाल जाने के बाद लंबे समय तक वही सदन में पार्टी नेता भी रहे और उनको सभी का विश्वास भी प्राप्त है। वह गुट को बांधे रखने में सक्षम होंगे।

    सुदीप बंदोपाध्याय की पत्नी नयना बंदोपाध्याय विधायक हैं और माना जा रहा है कि वह भी 60 विधायकों वाले गुट में शामिल होंगी।

    सोमवार को गुट को मान्यता मिलने के बाद पार्टी पर दावे को लेकर दिल्ली से कोलकाता तक चुनाव आयोग के सामने दावा पेश किया जाएगा।

    यह भी पढ़ें- फ्रांस में होगी पीएम मोदी-ट्रंप की मुलाकात, G-7 बैठक में भी लेंगे हिस्सा