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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 28, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Sukhoi Mirage Crash: सर्जिकल स्ट्राइक और करगिल में 'मिराज 2000' ने निभाई थी अहम भूमिका, सुखोई भी कम नहीं

    By Mahen KhannaEdited By: Mahen Khanna
    Updated: Sat, 28 Jan 2023 02:22 PM (GMT+05:30)

    Sukhoi 30 Mirage 2000 Crash मध्य प्रदेश के मुरैना में सुखोई-30 और मिराज-2000 दुर्घटनाग्रस्त हो गए हैं। भारत के लिए इस दुर्घटना को बड़े नुकसान के रूप म ...और पढ़ें

    Sukhoi 30 Mirage 2000 Crash सुखोई और मिराज।
    Sukhoi 30 Mirage 2000 Crash सुखोई और मिराज।

    नई दिल्ली, आनलाइन डेस्क। Sukhoi 30 Mirage 2000 Crash मध्य प्रदेश के मुरैना में वायुसेना के दो विमान सुखोई-30 और मिराज-2000  दुर्घटनाग्रस्त हो गए हैं। जानकारी के अनुसार दोनों लड़ाकू विमान ग्वालियर एयरबेस से रवाना हुए थे और अभ्यास कर रहे थे। हादसा करीब सुबह 9 बजे हुआ। हादसा पहाड़गढ़ से करीब पांच किमी दूर हुआ है। बता दें कि दोनों लड़ाकू विमान भारतीय वायुसेना का एक अहम हिस्सा माने जाते हैं। मिराज ने तो करगिल युद्ध और पाकिस्तान पर 2019 में की गई सर्जिकल स्ट्राइक में अहम भूमिका निभाई थी, आइए जानें दोनों विमानों की खासियत।

    मिराज 2000 से पाक में की गई थी सर्जिकल स्ट्राइक

    पाकिस्तान के बालाकोट में वर्ष 2019 में भारत द्वारा की गई सर्जिकल स्ट्राइक में भी मिराज 2000 ने अहम भूमिका निभाई थी। लड़ाकू विमान ने आधी रात को पाकिस्तान की सीमा में घुसकर आतंकी बंकरो को नेस्तनाबूद कर दिया था। मिराज ने करगिल युद्ध में भी पाकिस्तान के दांत खट्टे किए थे। वर्ष 1999 में तीन महीनों तक चले करगिल युद्ध में मिराज ने टाइगर हिल पर पाक सेना के बंकरों को निशाना बनाया था। मिराज के इसी हमले से पाक सेना को बड़ा नुकसान हुआ था और भारतीय सेना आसानी से आगे बढ़ सकी थी।

    यह है मिराज की खासियत

    मिराज 2000 एक फ्रांसिसी लडाकू विमान है और इसकी तकनीकी जानकारी लेकर भारत ने इसको निर्यात किया है। विमान की खासियत यह है कि विमान 13800 किलो गोला बारूद के साथ करीब 2336 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से उड़ सकता है। मिराज 47 फीट लंबा होता है और यह 7500 किलो का भारी भरकम विमान है। मिराज 125 गोलियां और 18 रॉकेट एक मिनट में दाग सकता है। 

    सुखोई भी कम नहीं 

    Sukhoi 30MKI चौथी पीढ़ी का लड़ाकू विमान है। सुखोई को रूस के सैन्य विमान निर्माता कंपनी सुखोई तथा भारत की हिन्दुस्तान ऐरोनॉटिक्स लिमिटेड के सहयोग से बनाया गया है। सुखोई के एयरोडायनामिक इंजन के चलते यह 2100 किमी प्रतिघंटे से भी तेज रफ्तार से उड़ सकता है। यह 1 मिनट में 150 राउंड फायर कर सकता है। इसकी सबसे मुख्य खासियत यह है कि ये हवा में ही इंधन भर सकता है। सुखोई ब्रह्मोस समेत कई मिसाइलों और लेजर बमों को लेकर उड़ान भर सकता है।

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