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    विजय पर सस्पेंस बरकरार, AIADMK-DMK गठबंधन की चर्चा; किस करवट बैठेगी तमिलनाडु की राजनीति?

    Updated: Fri, 08 May 2026 01:55 PM (IST)

    तमिलनाडु में राज्यपाल और अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके के बीच गतिरोध के बाद डीएमके और एआईएडीएमके के बीच गठबंधन की चर्चा तेज हो गई है। ...और पढ़ें

    AIADMK-DMK गठबंधन की चर्चा तेज, किस करवट बैठेगी तमिलनाडु की राजनीति?

    AIADMK-DMK गठबंधन की चर्चा तेज, किस करवट बैठेगी तमिलनाडु की राजनीति?

    HighLights

    1. टीवीके को बहुमत से 10 सीटें कम मिलीं

    2. डीएमके ने एआईएडीएमके से भाजपा से नाता तोड़ने को कहा

    3. कांग्रेस ने विजय को समर्थन देने की घोषणा की

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। तामिलनाडु में राज्यपाल आर.वी. अर्लेकर और अभिनेता विजय की तमिलग वेट्री कझगम (टीवीके) के बीच गतिरोध ने द्रविड़ मुन्नेत्र कझगम (डीएमके) और अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कझगम (एआईएडीएमके) के बीच गठबंधन की राह खोल दी है। दशकों पुरानी कट्टर दूश्मनी को दरकिनार करते हुए तमिलनाडु में एक ऐतिहासिक गठबंधन की  चर्चा तेज हो गई है।

    विधानसभा चुनाव में टीवीके ने 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी का दर्जा हासिल किया, लेकिन बहुमत (118) से 10 सीटें कम रह गईं। इस स्थिति में डीएमके और एआईएडीएमके के बीच चर्चा शुरू हो गई है। सूत्रों के अनुसार, डीएमके ने एआईएडीएमके से भाजपा से नाता तोड़ने की शर्त रखी है, जिसे सांप्रदायिक पार्टी बताया है।

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    डीएमके ने क्या रखी शर्तें?

    डीएमके ने साफ किया है कि भाजपा से अलग होने के बाद ही बाहरी समर्थन पर विचार किया जा सकता है। साथ ही, विदुथलै चिरुथैगल काची (वीकेसी) जैसे छोटे सहयोगियों को मंत्रिपद देने की मांग भी रखी गई है। डीएमके की योजना वीकेसी को विजय से दूर रखने की है।

    एनडीटीवी के अनुसार, यह रणनीति कामयाब होती दिख रही है। वीकेसी अब डीएमके के खेमे में लौट आया है और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPI-M) तथा भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) को भी मनाने की कोशिश कर रहा है।

    AIADMK

     

    वामपंथी दलों की दुविधा

     

    विजय ने कांग्रेस, वाम दलों और वीकेसी के फॉर्मूले पर विचार कर रहा था, जिससे टीवीके को 9 अतिरिक्त सीटों का समर्थन मिल सकता था। हालांकि, वाम दल डीएमके-एआईएडीएमके गठबंधन के पक्ष में नहीं हैं। कुछ नेता तटस्थ रहने या विजय के साथ जाने की बात कह रहे हैं। वरिष्ठ वामपंथी नेता आज दोपहर बैठक कर फैसला लेंगे।

    खबरें और भी

     

    कांग्रेस ने अपनी समर्थन विजय को देने की घोषणा कर दी है। इससे डीएमके के साथ उसका पुराना गठबंधन टूट गया है। कांग्रेस नेता मणिक्कम टैगोर बी ने डीएमके पर सेकुलरिज्म से धोखा करने का आरोप लगाया और एआईएडीएमके को भाजपा की बी टीम बताया।

     

    आंकड़ों के अनुसार, यदि डीएमके और एआईएडीएमके अपने सहयोगियों सहित गठबंधन करते हैं तो उनके पास 120 सीटें हो जाएंगी, जो बहुमत से अधिक है।

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    गठबंधन के पीछे भाजपा का हाथ

    एनडीटीवी के रिपोर्ट के अनुसार, कई लोग इस गठबंधन में भाजपा का हाथ बता रहे हैं। कहा जा रहा है कि भाजपा कांग्रेस को तमिलनाडु में सत्ता से दूर रखना चाहती है। हालांकि, भाजपा के राज्य प्रवक्ता एन. थिरुपति ने इन आरोपों से इनकार किया। उन्होंने कहा कि यह फ्रैक्चर्ड वर्डिक्ट है। अगर विजय बहुमत साबित करते हैं तो राज्यपाल संवैधानिक रूप से उन्हें स्वीकार करेंगे। कोई भ्रम नहीं है।

    लेकिन पार्टी की राज्य इकाई के प्रवक्ता एन. तिरुपति ने पत्रकारों से कहा कि यह एक खंडित जनादेश है, TVK के पास बहुमत नहीं है। अगर वह बहुमत साबित कर देते हैं, तो राज्यपाल संवैधानिक रूप से इसे स्वीकार कर लेंगे। इसमें कोई भ्रम नहीं है।

    कांग्रेस के इस बदलाव पर भाजपा पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव बी.एल. संतोष ने एक्स पर कहा कि तमिलनाडु में सरकार कौन बनाएगा, यह तो वक्त ही बताएगा। लेकिन एक बात पक्की है। कांग्रेस को आखिर में शर्मिंदगी ही झेलनी पड़ेगी।