विजय थलापति को क्यों रास आया राहुल गांधी का साथ? गठबंधन के पीछे की असली कहानी
कांग्रेस ने तमिलनाडु में अपने पुराने सहयोगी DMK का साथ छोड़कर अभिनेता विजय की नई पार्टी TVK को समर्थन देने का ऐलान किया है। ...और पढ़ें

TVK प्रमुख विजय, कांग्रेस नेता राहुल गांधी

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कांग्रेस ने तमिलनाडु में अपने पुराने सहयोगी डीएमके का साथ छोड़कर अभिनेता विजय की नई नवेली पार्टी तमिलगा वेट्री कड़गम (टीवीके) को समर्थन देने का एलान किया है।
टीवीके ने हालिया विधानसभा चुनावों में शानदार जीत दर्ज कर तमिलनाडु की राजनीतिक में धूम मचा दी। कांग्रेस ने यह समर्थन सशर्त रखा है और साफ कहा है कि टीवीके उन सांप्रदायिक ताकतों से दूरी बनाए रखेगी जिन्हें संविधान में विश्वास नहीं है।

कैसे हुआ गठबंधन?
कांग्रेस ने जोर देकर कहा कि यह गठबंधन केवल सरकार गठन तक सीमित नहीं रहेगा। इसमें स्थानीय निकाय चुनावों के साथ-साथ आगामी लोकसभा और राज्यसभा चुनाव भी शामिल होंगे।
कांग्रेस का तर्क है कि वह जनादेश का सम्मान करते हुए भाजपा को राज्य से दूर रखने के लिए यह कदम उठा रही है। वहीं, इस गठबंधन को पुराने साथ डीएमके ने इसे खुला विश्वासघात बताया है।
महीनों से चल रही बात
यह फैसला अचानक नहीं लिया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले कई महीनों से कांग्रेस के कुछ नेताओं ने टीवीके की बढ़ती ताकत को भांप लिया था। राहुल गांधी के करीबी सांसद मणिकम टैगोर और प्रवीण चक्रवर्ती ने पर्दे के पीछे टीवीके के साथ गठबंधन के लिए कोशिशें की। टीवीके की दो साल में मिली यह 'विजय सुनामी' कई लोगों को चौंकाने वाली थी।
सीटों पर फंसा पेंच
चुनाव से पहले सोच-समझकर जोखिम उठाने की राजनीतिक इच्छाशक्ति दिखाने के बजाय, कांग्रेस के उच्च कमान ने डीएमके के साथ बातचीत करना चुना।
कांग्रेस ने डीएमके से 40 विधानसभा सीटें और मंत्री पद मांगे, जिसे डीएमके ने ठुकरा दिया। वहीं टीवीके ने कांग्रेस को लगभग 60 सीटें देने और सरकार में महत्वपूर्ण भूमिका देने का प्रस्ताव रखा था।
अंतिम समय में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पी चिदंबरम के लचीले रुख के बाद पार्टी ने 28 विधानसभा सीटों व एक राज्यसभा सीट पर DMK के साथ समझौता कर लिया।
राहुल-स्टालिन की दूरी
चुनाव प्रचार के दौरान राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के साथ मंच साझा करने से परहेज किया, जिससे दोनों दलों के बीच मतभेद साफ दिखे।
नतीजे आने के बाद राहुल ने विजय को फोन कर बधाई दी और पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया। खरगे, राहुल और केसी वेणुगोपाल ने दिल्ली में बैठक कर फैसले की पुष्टि की।

कैसे होंगे आंकड़ें पूरे?
टीवीके के पास वर्तमान में 234 सदस्यीय विधानसभा में 108 सीटें हैं। बहुमत के लिए 10 और समर्थन की जरूरत है, जिसमें कांग्रेस की पांच सीटें अहम होंगी। कांग्रेस को विजय सरकार में दो मंत्री पद मिलने की संभावना है। राहुल गांधी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने की भी चर्चा है।

गठबंधन के पीछे की वजह
लगभग 60 साल बाद तमिलनाडु में सरकार में भागीदारी और संगठनात्मक आधार मजबूत करने का मौका कांग्रेस के लिए बड़ा मौका है। विजय लंबे समय से कांग्रेस के करीबी रहे हैं।
टीवीके मुख्यालय में के. कामराज की प्रतिमा भी स्थापित है। नई पार्टी होने के कारण टीवीके कांग्रेस के साथ सम्मानजनक व्यवहार करेगी, ऐसा कांग्रेस को विश्वास है। 2029 के लोकसभा चुनाव इस गठबंधन की पहली बड़ी परीक्षा होंगे।
यह भी पढ़ें- थलापति का थैंक्स... पीएम मोदी ने TVK की ऐतिहासिक जीत पर दी बधाई तो विजय ने फिल्मी स्टाइल में दिया रिप्लाई
यह भी पढ़ें- थलापति की शपथ: क्या 7 मई को हो पाएगा 'विजय तिलक', कैसे आंकड़ों के गणित में फंसे TVK चीफ?