तमिलनाडु में 'रिजॉर्ट पॉलिटिक्स': विजय को राज्यपाल की NO, अब सामने बचा ये ऑप्शन
तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है, जहां टीवीके बहुमत के लिए एआईएडीएमके के विधायकों का समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहा है। ...और पढ़ें
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AIADMK के वरिष्ठ नेता सीवी शनमुगम , टीवीके प्रमुख विजय

समय कम है?
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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव के बाद सरकार गठन को लेकर सियासी घमासान चरम पर पहुंच गया है।
तमिलागा वेट्री कजगम (टीवीके) प्रमुख विजय सरकार बनाने के लिए जरूरी बहुमत हासिल करने की कोशिश में जुटे हैं, जबकि AIADMK के 28 विधायकों को पुडुचेरी के एक रिसॉर्ट में शिफ्ट कर दिया गया है।
TOI की एक खबर के मुताबिक, टीवीके AIADMK के एक गुट से बातचीत कर रहा है और डिप्टी चीफ मिनिस्टर पद समेत अहम मंत्रालयों की पेशकश पर चर्चा हो रही है।
AIADMK की रिजॉर्ट पॉलिटिक्स
AIADMK के वरिष्ठ नेता सीवी शनमुगम के समर्थक इन 28 विधायकों को पुडुचेरी के पूरानकुप्पम स्थित निजी रिजॉर्ट में ठहराया गया है। सूत्रों का कहना है कि ये विधायक टीवीके को समर्थन देने पर विचार कर रहे हैं।
चर्चा के मुताबिक, सीवी शनमुगम को डिप्टी सीएम बनाए जाने और कुछ महत्वपूर्ण विभाग सौंपे जाने का फॉर्मूला तैयार किया जा रहा है। पूर्व मंत्री और टीवीके उम्मीदवार केए सेंगोट्टैयन भी इन बातचीत में शामिल हैं।
हालांकि, एआईएडीएमके में गहरा विभाजन दिखाई दे रहा है। पार्टी महासचिव एडप्पाडी पलानीस्वामी ने टीवीके को समर्थन देने का प्रस्ताव ठुकरा दिया है, जबकि सीवी शनमुगम और ओएस मणियन जैसे नेता गठबंधन सरकार में अहम भूमिका के बदले समर्थन देने के पक्ष में हैं। इस विभाजन के चलते पार्टी की रणनीति अनिश्चित बनी हुई है।
कैसे बनेगी सरकार?
टीवीके चुनाव में बड़ी ताकत के रूप में उभरा, लेकिन बहुमत में 5 विधायकों की कमी है। कांग्रेस के पांच विधायकों का समर्थन मिलने के बावजूद विजय को अभी पांच और विधायकों की जरूरत है। कुछ वरिष्ठ नेता टीवीके को सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट जाने या नए चुनाव कराने का सुझाव दे रहे हैं।
राज्यपाल से दो मुलाकात के बाद भी स्थिति साफ नहीं हुई है। अगर टीवीके-एआईएडीएमके गठबंधन बनता है तो तमिलनाडु में नई सियासी समीकरण बनेंगे। फिलहाल रिजॉर्ट पॉलिटिक्स वापस लौट आई है और सारे नेता संभावित गठबंधनों पर नजर रखे हुए हैं। यह घमासान अगले कुछ दिनों में तय करेगा कि तमिलनाडु की सत्ता किसके हाथ आएगी?