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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 22, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    महिला के हाथ में होगी मानवयुक्त गगनयान मिशन की कमान, इसरो प्रमुख ने कहा- लड़ाकू विमान उड़ाने वाली पायलट को प्राथमिकता

    By AgencyEdited By: Achyut Kumar
    Updated: Sun, 22 Oct 2023 09:41 PM (IST)

    मानवयुक्त गगनयान मिशन की कमान किसी महिला के हाथ में होगी। इसरो प्रमुख एस सोमनाथ ने कहा कि लड़ाकू विमान उड़ाने वाली पायलट या महिला विज्ञानी को प्राथमिक ...और पढ़ें

    इसरो प्रमुख ने कहा- लड़ाकू विमान उड़ाने वाली पायलट या महिला विज्ञानी को गगनयान मिशन में दी जाएगी प्राथमिकता
    इसरो प्रमुख ने कहा- लड़ाकू विमान उड़ाने वाली पायलट या महिला विज्ञानी को गगनयान मिशन में दी जाएगी प्राथमिकता

    HighLights

    1. महिला के हाथ होगी मानवयुक्त गगनयान मिशन की कमान
    2. इसरो प्रमुख ने कहा- लड़ाकू विमान उड़ाने वाली पायलट या महिला विज्ञानी को प्राथमिकता
    3. अगले वर्ष मानव रोबोट को लेकर अंतरिक्ष में जाएगा गगनयान

    तिरुअनंतपुरम, पीटीआई। भविष्य में यदि सबकुछ ठीक-ठाक रहा तो इसरो के मानवयुक्त अंतरिक्ष गगनयान मिशन को लड़ाकू विमान उड़ाने वाली महिला पायलट लेकर जाएंगी। यह भी संभव है कि किसी महिला विज्ञानी के साथ गगनयान उड़ान भरे। मगर इतना तय है कि मिशन गगनयान में महिलाओं को प्राथमिकता मिलेगी। इस बात के संकेत भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के प्रमुख एस. सोमनाथ ने रविवार को स्वयं दिए हैं।

    महिला विज्ञानियों को दी जाएगी प्राथमिकता

    सोमनाथ ने कहा कि अंतरिक्ष एजेंसी बहुप्रतीक्षित मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम गगनयान मिशन के लिए लड़ाकू विमान उड़ाने वाली महिला पायलटों या महिला विज्ञानियों को प्राथमिकता देती है और भविष्य में उन्हें भेजना संभव होगा। उन्होंने कहा कि इसरो अगले साल अपने मानव रहित गगनयान अंतरिक्ष यान में एक महिला ह्यूमनाइड (रोबोट जो मानव जैसा दिखता है) भेजेगा। 

    छोटी अवधि का मिशन होगा गगनयान

    सोमनाथ ने कहा कि इसरो का लक्ष्य तीन दिवसीय गगनयान मिशन के लिए मानव को 400 किलोमीटर की पृथ्वी की निचली कक्षा में अंतरिक्ष में भेजना और पृथ्वी पर सुरक्षित वापस लाना है। उन्होंने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि हमें भविष्य में ऐसी संभावित महिला उम्मीदवारों का पता लगाना होगा। मानवयुक्त मिशन 2025 तक आने की उम्मीद है और यह एक छोटी अवधि का मिशन होगा।

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    'हमारे पास अभी महिला पायलट नहीं हैं'

    इसरो प्रमुख ने कहा कि अभी प्रारंभिक उम्मीदवार वायुसेना के लड़ाकू विमानों के पायलटों में से होंगे। वे थोड़ी अलग श्रेणी के हैं। हमारे पास अभी महिला पायलट नहीं हैं। इसलिए जब वे आ जाएंगी तो एक तरीका यह होगा कि महिला मानवयुक्त गगनयान मिशन की कमान संभाले।' उन्होंने कहा कि जब अधिक वैज्ञानिक गतिविधियां होंगी और फिर वैज्ञानिक अंतरिक्ष यात्री बनकर जाएंगे तो उस वक्त मेरा मानना है कि महिलाओं के लिए ज्यादा संभावनाएं हैं।

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    सफल रहा मिशन गगनयान का पहला मानवरहित परीक्षण उड़ान

    इसरो प्रमुख ने कहा कि इसरो का लक्ष्य 2035 तक पूरी तरह से परिचालन वाला अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करना है। बता दें कि भारत ने शनिवार को अपने महत्वाकांक्षी मानव अंतरिक्ष मिशन गगनयान में पहली मानव रहित परीक्षण उड़ान सफलतापूर्वक पूरी की थी। इससे पहले, परीक्षण को प्रतिकूल परिस्थिति के चलते प्रक्षेपण से महज चार सेकंड पहले रोक दिया गया, लेकिन इसके दो घंटे से कम समय बाद इसे सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया।

    सुबह 10 बजे प्रक्षेपित किया गया टीवी-डी1 परीक्षण यान

    इसरो के अनुसार, मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशन गगनयान से पहले टीवी-डी1 परीक्षण यान को शनिवार सुबह 10 बजे सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया गया। क्रू माड्यूल राकेट से अलग हो गया और योजना के अनुसार बंगाल की खाड़ी में गिर गया।