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    सरकार ने लॉन्च किया 'ई-समुद्र', समुद्री सेवाओं को डिजिटल बनाने पर जोर

    Updated: Sun, 09 Aug 2026 06:24 AM (IST)

    नाविकों, शिपिंग कंपनियों, बंदरगाहों और अन्य हितधारकों के लिए समुद्री सेवाओं को एकीकृत करने के लिहाज से सरकार ने शनिवार को 'ई-समुद्र' नाम का एक डिजिटल ...और पढ़ें

    सरकार ने लॉन्च किया 'ई-समुद्र', समुद्री सेवाओं को डिजिटल बनाने पर जोर

    सरकार ने लॉन्च किया 'ई-समुद्र', समुद्री सेवाओं को डिजिटल बनाने पर जोर

    HighLights

    1. विभिन्न समुद्री सेवाओं को एक प्लेटफार्म पर एकीकृत किया जाएगा

    2. भारत जहाजों को रीसाइकिल करने वाला दुनिया का प्रमुख देश है

    आईएएनएस, मुंबई। नाविकों, शिपिंग कंपनियों, बंदरगाहों और अन्य हितधारकों के लिए समुद्री सेवाओं को एकीकृत करने के लिहाज से सरकार ने शनिवार को 'ई-समुद्र' नाम का एक डिजिटल प्लेटफार्म लांच किया।

    इसका मकसद समुद्री कामकाज को आधुनिक बनाना और नाविकों का कल्याण सुनिश्चित करना है। इस प्लेटफार्म का उद्घाटन करते हुए बंदरगाह, शिपिंग और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि नाविक भारत की समुद्री विकास नीति के केंद्र में बने रहेंगे।

    सरकार उनकी सुरक्षा, गरिमा और कल्याण सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। भारत नाविकों की आपूर्ति करने वाला दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश बन गया है। उम्मीद है कि जल्द ही यह दुनिया में सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता बन जाएगा।

    भारत जहाजों को रीसाइकिल करने वाला दुनिया का प्रमुख देश है और जहाज बनाने वाले शीर्ष पांच देशों में शामिल होने की दिशा में काम कर रहा है।

    एएनआई के अनुसार, सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण अब तक चार हजार से ज्यादा भारतीय नाविकों को वापस लाया गया है।

    मुंबई में पत्रकारों से बात करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारतीय नाविकों की सुरक्षा के लिए निर्देश दिए हैं। हर नाविक की लोकेशन और हालत की जानकारी समुद्री प्रशासन महानिदेशालय को दी जाएगी।