टीएमसी बागी गुट ने बदली राह, नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी से हाथ मिलाने का एलान; लोक सभा अध्यक्ष को सौंपी चिट्ठी
तृणमूल कांग्रेस की नेता काकोली घोष दस्तीदार ने बताया कि 20 बागी सांसद नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी में विलय करेंगे। उन्होंने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मि ...और पढ़ें

स्पीकर ओम बिरला को सौंपा लेटर। (सोशल मीडिया)
HighLights
20 TMC बागी सांसद नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी में विलय करेंगे।
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मिलकर अलग बैठने का अनुरोध किया।
प्रधानमंत्री के नेतृत्व में NDA के साथ मिलकर काम करेंगे।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस की नेता काकोली घोष दस्तीदार का कहना है कि 20 लोगों का बागी गुट नेशनिस्ट सिटिजन्स पार्टी में विलय करेगा।
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात के बाद, बागी TMC सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने कहा कि हमने बैठने के लिए अलग इंतजाम करने का अनुरोध किया है। हमने कहा है कि हम नेशनिस्ट सिटिजन्स पार्टी में विलय कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री के नेतृत्व में NDA के साथ मिलकर काम करेंगे- काकोली घोष
TMC सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने कहा, "AITC से चुने गए हम बीस सांसदों ने स्पीकर से मुलाकात की और अलग बैठने का अनुरोध करते हुए एक पत्र सौंपा; ये बीस सांसद हमारी कुल संख्या का दो-तिहाई से ज्यादा हिस्सा हैं। हम नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी में विलय कर रहे हैं। आगे चलकर, हम देश के लिए काम करेंगे और प्रधानमंत्री के नेतृत्व में NDA के साथ मिलकर काम करेंगे।"
#WATCH | Delhi: After meeting Lok Sabha Speaker Om Birla, Rebel TMC MP Kakoli Ghosh Dastidar says, "We, the twenty MPs elected from the AITC, met the Speaker and submitted a letter requesting to sit separately; these twenty MPs constitute more than two-thirds of our total… https://t.co/9rbLSAmmwQ pic.twitter.com/XIOlUMGSsY
— ANI (@ANI) June 14, 2026
तृणमूल में और गहराया आंतरिक संकट
इस कदम से तृणमूल के अंदर का संकट और भी गहरा गया है, जिसके लोकसभा में 28 सांसद हैं। साथ ही, संसद के मॉनसून सत्र से पहले निचले सदन में विपक्ष की संख्या भी काफी कम हो जाएगी।
सूत्रों ने बताया कि यह फैसला कानूनी पेचीदगियों के बचने के लिए लिया गया है, जो आम तौर पर एक अलग गुट बनाने पर सामने आती हैं।
कीर्ति आजाद ने लोकसभा स्पीकर को सौंपा पत्र
इससे पहले आज, तृणमूल के कीर्ति आजाद और सागरिका घोष ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात की और पार्टी के नंबर दो नेता और संसदीय दल के प्रमुख अभिषेक बनर्जी का एक पत्र सौंपा। पत्र में स्पीकर से बागी गुट को स्वीकार न करने का आग्रह किया गया था, क्योंकि राजनीतिक पार्टी ही सर्वोपति होती है, न कि विधायी दल।
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पत्र में लिखा था, "लोकसभा में विधायी दल का अस्तित्व राजनीतिक पार्टी से ही बनता है और वह उसी का एक हिस्सा होता है। कोई भी सदस्य या सदस्यों का समूह अपनी मर्जी से उसी पार्टी का कोई समानांतर समूह या गुट नहीं बना सकता और सदन के भीतर स्वतंत्र मान्यता का दावा नहीं कर सकता।"
अदालत के एक संबंधित आदेश का हवाला देते हुए पत्र में कहा गया कि कानून किसी राजनीतिक पार्टी के प्रतिस्पर्धी समूहों में बंटने को जायज नहीं मानता है। इसके बजाय, ऐसे व्यवहार को अयोग्यता के नजरिए से देखा जाता है।