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भारत में कब और कहां दिखेगा पूर्ण चंद्रग्रहण, कितनी देर रहेगा ब्लड मून का असर?

Published: Mon, 02 Mar 2026 03:57 PM (IST)

3 मार्च 2026 को भारत में पूर्ण चंद्र ग्रहण लगेगा, जिसे 'ब्लड मून' भी कहा जाएगा। ग्रहण दोपहर 3:20 बजे शुरू होकर शाम 6:48 बजे समाप्त होगा।

भारत में कब और कहां दिखेगा ब्लड मून(फाइल फोटो)

भारत में कब और कहां दिखेगा ब्लड मून(फाइल फोटो)

HighLights

  1. 3 मार्च 2026 को भारत में पूर्ण चंद्र ग्रहण लगेगा

  2. IMD ने बताया, ग्रहण का मैग्नीट्यूड 1.155 होगा

  3. ग्रहण दोपहर 3:20 से शाम 6:48 बजे तक चलेगा

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। इस साल होली से पहले 3 मार्च, 2026(मंगलवार) को एक महत्वपूर्ण खगोलीय घटना घटित होने जा रही है। इस दिन पूरे भारत में पूर्ण चंद्र ग्रहण लगेगा। पूर्ण चंद्र ग्रहण के दौरान, पूरा चांद पृथ्वी की छाया में चला जाता है।

इंडिया मेटियोरोलॉजिकल डिपार्टमेंट (IMD) के अनुसार, 3 मार्च को होने वाले इस इवेंट का मैग्नीट्यूड 1.155 होगा, जिससे यह एक गहरा पूर्ण ग्रहण बन जाएगा।

क्यों खास है यह चंद्रग्रहण

पूर्ण चंद्रग्रहण तब होता है जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीध में होते हैं और पृथ्वी, सूर्य व चंद्रमा के बीच आ जाती है। इस दौरान पूरा चंद्रमा पृथ्वी की गहरी छाया (अम्ब्रा) में चला जाता है।

ग्रहण की अवस्था में चंद्रमा अक्सर लाल रंग का दिखाई देता है, जिसे ब्लड मून भी कहा जाता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि पृथ्वी के वायुमंडल से होकर गुजरने वाली लाल रोशनी ही चंद्रमा तक पहुंच पाती है, जबकि नीली रोशनी बिखर जाती है।

IMD ने कहा कि भारत में, इलाके के हिसाब से विजिबिलिटी अलग-अलग होगी। देश में ज्यादातर जगहों पर चंद्रोदय के समय ग्रहण का आखिरी फेज दिखेगा। हालांकि, नॉर्थ-ईस्ट भारत के कुछ हिस्सों और अंडमान और निकोबार आइलैंड्स में भी ग्रहण का आखिरी फेज देखा जा सकेगा।

चंद्रग्रहण का समय (भारतीय समयानुसार)

ग्रहण की शुरुआत: दोपहर 3:20 बजे
पूर्ण ग्रहण शुरू: शाम 4:34 बजे
पूर्ण ग्रहण समाप्त: शाम 5:33 बजे
ग्रहण का समापन: शाम 6:48 बजे

इंडियन स्टैंडर्ड टाइम (IST) के अनुसार, ग्रहण दोपहर 3:20 बजे शुरू होगा। पूर्ण ग्रहण दोपहर 4:34 बजे से शुरू होगा और शाम 5:33 बजे खत्म होगा। जो शाम 6:48 बजेखत्म होगा। यह ग्रहण पूर्वी एशिया, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका में भी दिखाई देगा।

पूर्ण चंद्र ग्रहण तब होता है जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीध में होते हैं, और पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है, जिससे सीधी धूप नहीं पड़ पाती। पूर्ण ग्रहण के दौरान, चंद्रमा अक्सर लाल दिखाई देता है क्योंकि पृथ्वी के वायुमंडल से केवल लाल रोशनी ही गुजरती है, जबकि नीली रोशनी बिखर जाती है।

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