कब होगा होलिका दहन? ज्योतिषाचार्य ने बताया कब तक रहेगा चंद्रग्रहण का असर; मिनट-टू-मिनट जानें सबकुछ?
ललितपुर में होली का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। होलिका दहन 2-3 मार्च की रात होगा, जिसके बाद 4 मार्च को होली खेली जाएगी। 5 मार्च को भाई दूज और ...और पढ़ें


समय कम है?
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ललितपुर ब्यूरो। प्रेम और भाईचारा के साथ ही रंगों का पर्व होली परम्परागत हर्षोल्लास के साथ मनाया जायेगा। होलिका दहन आज 2 मार्च की देर रात्रि 1 बजे से कल 3 मार्च को प्रात: 5 बजे तक होगा। अगले दिन 4 मार्च को होली पर्व पर खूब रंग-गुलाल उड़ेगा। अगले दिन 5 मार्च को भाई दोज व 8 मार्च को रंग पंचमी का पर्व को मनाया जायेगा। रंगों के त्योहार को लेकर तैयारियाँ जोरों पर चल रही है।
पौराणिक आख्यानों के अनुसार सतयुग में दैत्यराज हिरण्यकश्यप ने अपने पुत्र भगवान विष्णु के परम भक्त प्रहलाद को जलाने को अपनी बहिन होलिका को आदेश दिया था। होलिका राक्षसी प्रहलाद को गोद में लेकर लकड़ी के ढेर पर में बैठ गयी और दैत्यों ने चारों ओर से लकड़ी के ढेर में आग लगा दी। अग्नि में होलिका राक्षसी जलकर राख हो गयी, लेकिन प्रहलाद का बाल भी बांका नही हुआ। तब से देश में होलिका दहन की परम्परा शुरू हुयी थी। जो अनवरत रूप से चली आ रही है।
नेहरू महाविद्यालय के प्राचार्य व ज्योतिषाचार्य डॉ. ओमप्रकाश शास्त्री ने बताया कि होलिका दहन आज 2 मार्च की देर रात्रि 1 बजे से कल 3 मार्च की सुबह 5 बजे तक होगा। वहीं कल 3 मार्च की ही शाम 5 बजकर 59 मिनट से 6 बजकर 47 मिनट तक चन्द्रग्रहण रहेगा।
ग्रहण का सूतक प्रात: 9 बजे से शुरू होगा। इस दौरान मन्दिरों के कपाट बन्द हेंगे। सूतक का समय शुरू होने से पूर्व मन्दिरों में पूजा-पाठ हो जायेगा, इसके पश्चात मन्दिर के कपाट बन्द हो जायेंगे। चन्द्रग्रहण की अवधि पूर्ण होने के बाद पुन: मन्दिरों में वैदिक मन्त्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना होगी।