दो हार, कई चुनौतियां: उपचुनावों के नतीजों से BJP के लिए क्या सबक?
बीजेपी को बिहार की बांकीपुर और मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा उपचुनावों में हार का सामना करना पड़ा है, जबकि गुजरात की मंजलपुर सीट पर बड़ी जीत मिली। ...और पढ़ें

उपचुनावों के नतीजों से BJP के लिए क्या सबक।
HighLights
बीजेपी को बांकीपुर और दतिया उपचुनावों में हार मिली।
गुजरात की मंजलपुर सीट पर बीजेपी ने बड़ी जीत दर्ज की।
पार्टी हार के कारणों का विश्लेषण करेगी, बदलाव संभव।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के लिए लगातार दूसरे हफ्ते बुरी खबर आई है। जहां पिछले हफ्ते पेपर लीक के खिलाफ बड़े विरोध-प्रदर्शनों के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हुआ था, वहीं इस हफ्ते की शुरुआत दो विधानसभा उपचुनावों में हार के साथ हो रही है।
बीजेपी बिहार की बांकीपुर सीट, जो पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन के सीट छोड़ने से खाली हुई थी, और मध्य प्रदेश की दतिया सीट हार गई, ये दोनों राज्य ऐसे हैं जहां बीजेपी की सरकार है।
गुजरात में जीत, मध्य प्रदेश और बिहार में हार
आमतौर पर, सत्ताधारी पार्टियां उपचुनाव जीतती हैं, जैसा कि गुजरात की मंजलपुर विधानसभा सीट पर हुआ। बीजेपी ने यह सीट बड़े अंतर से जीती। इस माहौल में, बांकीपुर और दतिया में हार खास तौर पर चुभने वाली है। बांकीपुर की हार तो और भी दर्दनाक है, पिछले चुनाव में, उन्होंने यह सीट 50,000 से ज्यादा वोटों के अंतर से जीती थी।
हार के कारणों का विश्लेषण करेगी बीजेपी
बीजेपी नेताओं ने कहा कि हार का विश्लेषण किया जाएगा। जन सुराज पार्टी के प्रमुख प्रशांत किशोर की जीत का अंतर पता लगाने के लिए बूथ वार विश्लेषण किया जाएगा। चुनावी रणनीतिकार से राजनेता बने प्रशांत किशोर ने यह सीट जीती और राज्य विधानसभा में अपनी पार्टी के लिए जगह बनाई।
बीजेपी के शुरुआती आकलन से पता चलता है कि RJD ने अपने वोट प्रशांत किशोर को ट्रांसफर किए। तेजस्वी यादव ने सिर्फ एक घंटे के लिए प्रचार किया था। बीजेपी ने अब RJD और PK के बीच मिली भगत का आरोप लगाया है।
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आरजेडी का वोट प्रशांत किशोर को ट्रांसफर
एक नेता के अनुसार, जहां आरजेडी ने विधानसभा चुनावों के दौरान अपना मुख्य वोट बैंक बनाए रखा, वहीं उनकी रणनीति में बीजेपी के सवर्ण वोट बैंक में सेंध लगाने के लिए प्रशांत किशोर को बढ़ावा देना शामिल था। पिछले चुनाव में आरजेडी की रेखा गुप्ता को 46,000 से ज्यादा वोट मिले थे, इस बार वह 15,000 वोट भी नहीं जुटा पाईं।
बीजेपी के वोटों की संख्या में एक-तिहाई की कमी
बीजेपी के वोटों की संख्या में लगभग एक-तिहाई की कमी आई है। पार्टी नेताओं ने माना कि पार्टी की कुछ मुख्य वोट बैंक दूर चला गया है, और इसकी समीक्षा की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री को निशाना बनाना, जैसा कि प्रशांत किशोर कर रहे हैं, गलत दिशा में उठाया गया कदम है।
सूत्रों को कहना है कि उम्मीदवार बदलने के फैसले से बीजेपी को नुकसान हुआ। इससे यह संदेश गया कि बीजेपी अपने वोटरों को हल्के में लेती है।
पेपर लीक, UGC और भरत तिवारी एनकाउंटर का दिखा असर
पार्टी ने इस सीट पर प्रचार की जिम्मेदारी स्थानीय नेताओं को सौंपी थी। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने इस क्षेत्र में चार बार दौरा किया था, हालांकि यह उनकी पारंपरिक सीट है। लेकिन बीजेपी नेता इस बात से इनकार नहीं करते कि उनके मुख्य वोटर NEET पेपर लीक आंदोलन, UGC गाइडलाइंस और भरत तिवारी एनकाउंटर जैसे मुद्दों से नाराज हैं। इसका असर कम वोटिंग में भी दिखा।
बिहार के अलग-अलग हिस्सों में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन और पुलिस की कार्रवाई से भी पार्टी को नुकसान उठाना पड़ा।
दतिया में बीजेपी की हार
दतिया में हार से मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव की मुश्किलें बढ़ सकती हैं, जिन्हें पार्टी के ही एक गुट की आलोचना का समाना करना पड़ रहा है।
नरोत्तम मिश्रा के स्थानीय पोलिंग बूथ पर भी हार गई बीजेपी
हालांकि, हार का ठीकरा पूर्व राज्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा पर फूट सकता है, जो इस सीट से तीन बार के जीत चुके हैं, क्योंकि टिकट न मिलने पर उन्होंने सार्वजनिक रूप से अपनी नाराजगी जाहिर की थी। उनके समर्थकों ने बड़े पैमाने पर हिंसा की थी, हालांकि बाद में उन्होंने पार्टी के कहने पर प्रचार किया। आज, पार्टी नरोत्तम मिश्रा के स्थानीय पोलिंग बूथ पर भी हार गई है।
बीजेपी नेताओं का कहना है कि दतिया में मुकाबला कड़ा था। पार्टी पिछले विधानसभा चुनावों में भी यह सीट हार गई थी, जबकि पूरे राज्य में बीजेपी की जबरदस्त लहर थी।
कांग्रेस ने सिर्फ अपनी सीट बचाए रखी। हालांकि, ने इस बात से इनकार नहीं करते कि उम्मीदवार चुनने में कमियां, चाहे बांकीपुर हो या दतिया, ने हार में भूमिका निभाई।
सरकार और संगठन में हो सकते हैं बड़े बदलाव
हालांकि बीजेपी उपचुनावों में हार के लिए युवाओं की नाराजगी और विरोध-प्रदर्शनों को जिम्मेदार मानने से हिचकिचा रही है, लेकिन इन नतीजों के बाद पार्टी निश्चित रूप से आत्म-मंथन करेगी। पार्टी नेताओं का कहना है कि उन्हें बुनियादी मुद्दों को हल करने के लिए तैयार रहना होगा। निकट भविष्य में सरकार और पार्टी संगठन दोनों में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
गुजरात में बीजेपी की बड़ी जीत
गुजरात की मंजलपुर सीट पर हुए उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी को बड़ी जीत हासिल हुई है। यहां बीजेपी उम्मीदवार सतेंद्र पटेल ने 30,630 वोटों के अंतर से बड़ी जीत हासिल की है। उन्हें 55,481 वोट मिले। वहीं कांग्रेस उम्मीदवार भीखाभाई रबारी को 24,851 वोट मिले।