Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    PhD से जुड़े नियमों की अनदेखी: यूजीसी ने 5 यूनिवर्सिटी पर लगाई रोक, 30 रडार पर

    Updated: Tue, 04 Aug 2026 10:20 PM (IST)

    यूजीसी ने पीएचडी नियमों का पालन न करने वाले विश्वविद्यालयों की जांच शुरू की है, जिसमें 92 में से 5 विश्वविद्यालयों पर 5 साल के लिए पीएचडी कराने पर रोक ...और पढ़ें

    यूजीसी ने पीएचडी नियमों के उल्लंघन पर जांच शुरू की

    यूजीसी ने पीएचडी नियमों के उल्लंघन पर जांच शुरू की

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। पीएचडी को लेकर बनाए गए मानकों और नियमों का पालन न करने की शिकायतों के बाद विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने देश भर के विश्वविद्यालयों व पीएचडी कराने वाले स्वायत्त संस्थानों की जांच शुरू कर दी है।

    जिसमें अब तक 92 विश्वविद्यालयों की जांच पूरी हो गई है, जिसमें से पांच विश्वविद्यालयों में बड़े स्तर पर गड़बडी सामने आने पर उनके पीएचडी कराने पर अगले पांच साल तक के लिए रोक लगा दी गई है।

    30 अन्य विश्वविद्यालय रडार पर

    साथ ही कहा है कि यदि कोई छात्र इस प्रतिबंधित अवधि में इन संस्थानों के पीएचडी कोर्सों में प्रवेश लेता है, तो उनके प्रवेश और डिग्री दोनों को अवैध माना जाएगा। वहीं इनमें से 30 अन्य विश्वविद्यालय रडार पर है। इन सभी के दस्तावेजों को जांचा जा रहा है।

    इसके साथ ही देश के बाकी विश्वविद्यालयों और पीएचडी प्रदान करने वाले संस्थानों की चरणबद्ध तरीके से जांच हो रही है। जांच के दायरे में 2016 से 2025 के बीच प्रदान की गई पीएचडी डिग्रियों को रखा गया है।

    जिसमें यह जांचा जा रहा है कि क्या यूजीसी की ओर से पीएचडी को लेकर 2009, 2016 व 2022 में जारी किए गए नियमों व मानकों का पालन किया गया।

    इनमें पीएचडी के लिए प्रवेश, सिनोप्सिस, थीसिस व गाइड चयन आदि बिंदुओं को प्रमुखता से शामिल किया गया है। सूत्रों की मानें तो पीएचडी से जुड़ी गड़बड़ियों की शिकायतों के बाद ही यूजीसी ने इसे लेकर ये नए नियम व मानक तय किए थे।

    जिससे थीसिस में होने वाली नकल को रोका जा सके। खासबात यह है कि पीएचडी डिग्रियों को लेकर देश भर में चल रही जांच को लेकर एक जानकारी शिक्षा मंत्रालय ने पिछले दिनों संसद में भी दी है।

    पांच विश्वविद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई 

    इस बीच यूजीसी ने जिन पांच विश्वविद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई की है, उनमें चार राजस्थान व एक उत्तर प्रदेश का विश्वविद्यालय है।

    इनमें राजस्थान के चुरु स्थित ओपीजेएस यूनिवर्सिटी, अलवर स्थित सनराइज यूनिवर्सिटी, झुंझनु स्थित सिंघानिया यूनिवर्सिटी व जेजेटीयू के साथ उत्तर प्रदेश के हापुड़ स्थित मोनाड यूनिवर्सिटी शामिल है।

    सूत्रों के मुताबिक इस बीच यूजीसी के सख्त रुख को देखते हुए अधिकांश विश्वविद्यालयों ने निजी साफ्टवेयर की मदद से सिनोप्सिस व थीसिस आदि की जांच में तेजी दिखाई है।

    साथ ही सिनोप्सिस व थीसिस को लौटाना शुरू किया गया है। गौरतलब है कि मौजूदा समय में देश में एक हजार से अधिक विश्वविद्यालय है।

    खबरें और भी