यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 08, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Weather News: 125 वर्ष में इस बार मई में हुई सबसे ज्यादा वर्षा, सूरज की आग में तप रहा राजस्थान; श्रीगंगानगर में 47.4 डिग्री रिकॉर्ड तापमान
मई 2025 में भारत में 125 वर्षों में सबसे अधिक बारिश हुई है जिसका औसत 126.7 मिमी दर्ज किया गया। यह दीर्घकालिक औसत से 106% अधिक है। दक्षिण-पश्चिम मानसून ...और पढ़ें

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मई यानी लू के थपेड़ों और पसीने से लथपथ रखने वाला महीना, लेकिन इस बार राहत रही। उतनी भयंकर गर्मी नहीं पड़ी, जितनी कि आमतौर पर पड़ती है। इसकी वजह रही महीने में समय-समय पर होती रही बारिश। मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा है कि 125 वर्ष में इस बार मई में सबसे ज्यादा बारिश हुई है। पूरे देश में मई में औसत वर्षा 126.7 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।
आमतौर पर मई में पूरे देश में 61.4 मिलीमीटर होती रही है। दक्षिण-पश्चिम मानसून के जल्द आगमन का रिकार्ड बारिश में अहम योगदान रहा। आईएमडी ने अपने इंटरनेट मीडिया पोस्ट पर लिखा- ''मई 2025 में भारत भर में औसत मासिक वर्षा 126.7 मिमी और मध्य भारत में 100.9 मिमी हुई। यह 1901 के बाद से सबसे अधिक है।
मौसम विभाग के अनुसार, यह इसके दीर्घकालिक औसत (एलपीए) 61.4 मिमी से 106 प्रतिशत अधिक है। दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में मासिक वर्षा 199.7 मिमी रही, जोकि 1901 के बाद से दूसरी सबसे अधिक बारिश है, इससे पहले 1990 में यहां 201.4 मिमी बारिश दर्ज की गई थी।
उत्तर-पश्चिम भारत में 48.1 मिमी वर्षा हुई जोकि 1901 के बाद से 13वीं और 2001 के बाद से चौथी सबसे अधिक बारिश है। पूर्व और उत्तर-पूर्व भारत में मासिक वर्षा 242.8 मिमी रही, जोकि 1901 के बाद से 29वीं सबसे अधिक बारिश है।
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आईएमडी के अनुसार, मई में 25 सबडिवीजन में अत्यधिक वर्षा, पांच सबडिवीजन में अधिक वर्षा और छह सबडिवीजन में सामान्य वर्षा दर्ज की गई। मई 2025 में पश्चिमी तट, असम, मेघालय, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में अत्यधिक भारी वर्षा (204.4 मिमी या उससे अधिक) हुई।
मौसम विभाग ने बताया कि भारत के अधिकांश हिस्सों में नियमित अंतराल पर गरज के साथ बारिश हुई और तेज हवाएं चलीं। मई में देश का औसत अधिकतम, औसत न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे रहा। औसत अधिकतम तापमान 35.08 डिग्री सेल्सियस, न्यूनतम 24.07 डिग्री सेल्सियस रहा, जोकि सामान्य से क्रमश: -1.52 , -0.10 डिग्री कम है। इस वर्ष दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 24 मई को केरल में दस्तक दी जो कि सामान्य तिथि एक जून से आठ दिन पहले है।
राजस्थान में भीषण गर्मी
राजस्थान के कई क्षेत्रों में रविवार को अधिकतम तापमान 45 डिग्री के पार पहुंच गया। सबसे गर्म जिला श्रीगंगानगर रहा, जहां तापमान 47.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जयपुर मौसम विज्ञान केंद्र ने अनुमान जताया है कि राज्य आने वाले दिनों में भीषण गर्मी की लहर से जूझता रहेगा।
बीकानेर में अधिकतम तापमान 46.0 डिग्री, बाड़मेर में 45.9 डिग्री, चुरू में 45.6 डिग्री, फालोदी में 45.4 डिग्री, जैसलमेर में 45.2 डिग्री और कोटा में 45 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक बीकानेर डिवीजन में 11 जून तक तापमान 45 से 47 डिग्री तक पहुंच सकता है, कुछ स्थानों पर भीषण गर्मी की लहर का सामना करना पड़ सकता है।