NEET पेपर लीक कांड में CBI की रडार पर महाराष्ट्र कोचिंग के 'एम सर', कौन है शिवराज मोटेगांवकर?
शिवराज मोटेगांवकर, जिन्हें 'एम सर' के नाम से जाना जाता है, NEET और JEE कोचिंग में महाराष्ट्र का एक प्रमुख नाम है। NEET पेपर लीक मामले में सीबीआई उनसे ...और पढ़ें

एम सर से सीबीआई कर रही पूछताछ।

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। महाराष्ट्र के कोचिंग जगत में "M Sir" के नाम से मशहूर शिवराज मोटेगांवकर राज्य के NEET और JEE की तैयारी कराने वाली इंडस्ट्री का एक जाना-माना नाम है। लातूर के रहने वाले केमिस्ट्री के टीचर मोटेगांवकर ने आरसीसी क्लासेस (Renukai Career Center) को महाराष्ट्र के सबसे बड़े कोचिंग ब्रांड्स में से एक बनाया है।
हाल ही में चल रही NEET पेपर लीक की जांच में उनका नाम सामने आया है और सीबीआई पिछले कई दिनों से उनसे पूछताछ कर रही है।
किसान परिवार से एम सर
शिवराज मोटेगांवकर लातूर के एक किसान परिवार से है। शिवराज ने पहले निजी ट्यूशन देकर पढ़ाना शुरू किया। अक्सर छात्रों तक पहुंचने के लिए वो पूरे शहर में साइकिल से सफर करते। 1990 के दशक के आखिर में उन्होंने एक किराए के कमरे में लगभग दस छात्रों के साथ कोचिंग देना शुरू किया।
शुरुआती वर्षों में वे संस्थान के हर पहलू से गहराई से जुड़े रहे। वे खुद केमिस्ट्री पढ़ाते, हाथ से लिखे नोट्स तैयार करते और 11वीं व 12वीं कक्षा के छात्रों के साथ-साथ प्रवेश परीक्षा की तैयारी करने वालों के छोटे-छोटे बैच भी संभालते थे।
अगले दो दशकों में उनकी कोचिंग का विस्तार लातूर पैटर्न के साथ-साथ हुआ, जो प्रतियोगी परीक्षाओं में टॉपर्स देने के लिए महाराष्ट्र में मशहूर हो गया।
2024 में छात्रों के लिए किया था प्रदर्शन
2024 में जब नीट यूजी पेपर लीक का पता चला था, तब M सर ने भी छात्रों के लिए विरोध प्रदर्शन किया था। 2026 लीक से नाम जुड़ने के बाद M सर का 2024 का वह वीडियो फिर से चर्चा में आया है।
खबरें और भी
कार में रिकॉर्ड किए गए एक वीडियो में M सर छात्रों को बता रहे हैं कि उन्होंने संभाजीनगर में हाई कोर्ट की औरंगाबाद बेंच में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की है।
इंस्टाग्राम पर 66 हजार से ज्यादा फॉलोअर्स
इंस्टाग्राम पर 66,000 से ज्यादा फॉलोअर्स और यूट्यूब, व्हाट्सएप के साथ-साथ प्ले स्टोर पर अपने खुद के एप पर मौजूदगी के साथ आरसीसी क्लासेस अपने केमिस्ट्री नोट्स, टेस्ट सीरीज और पढ़ाने के तरीके के लिए जाना जाता है। इससे ये पूरे महाराष्ट्र से NEET, JEE और CET की तैयारी करने वाले छात्र इनके कोचिंग सेंटर में पढ़ने आते थे
आज आरसीसी लातूर, पुणे, नासिक, छत्रपति संभाजीनगर, नांदेड़, सोलापुर और कोल्हापुर सहित कई शहरों में अपने केंद्र संचालित करता है। अनुमानों के अनुसार, हर साल लगभग 40,000 छात्र दाखिला लेते हैं।
पूर्व छात्र मोटेगांवकर को एक ऐसे शिक्षक के रूप में बताते हैं, जिन्होंने केमिस्ट्री को आसान बनाया। खासकर ग्रामीण और अर्ध-शहरी पृष्ठभूमि के छात्रों के लिए। शुरुआत में आरसीसी ने कॉन्सेप्ट-आधारित पढ़ाई और किफायती फीस पर ध्यान केंद्रित किया। जैसे-जैसे इसका विस्तार हुआ संस्थान ने डिजिटल लर्निंग, राज्य-व्यापी टेस्ट सीरीज, मेंटरशिप प्रोग्राम और ऐप-आधारित स्टडी मटीरियल की शुरुआत की।
एमएससी गोल्ड मेडलिस्ट
केमिस्ट्री में एमएससी गोल्ड मेडलिस्ट मोटेगांवकर को एक दूरदर्शी शिक्षक माना जाता है। हालांकि, अब उनके खिलाफ जांच चल रही है, क्योंकि उन पर केमिस्ट्री के रिटायर्ड प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी से कथित तौर पर जुड़े होने का आरोप है। कुलकर्णी को NEET पेपर लीक मामले में गिरफ्तार किया गया है।
खबरों के मुताबिक, कुलकर्णी ने पहले आरसीसी में पढ़ाया था और जांचकर्ता अब इन दोनों के बीच किसी भी पेशेवर संबंध और पेपर लीक मामले में उसकी प्रासंगिकता की जांच कर रहे हैं।
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