दिल्ली एयरपोर्ट से पांच गुना तेजी से होगी नोएडा एयरपोर्ट पर बैगेज की जांच, 15 मिनट में होगी बोर्डिंग
जेवर का नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट आधुनिक सुविधाओं से लैस है। यह डिजी यात्रा, बायोमेट्रिक बोर्डिंग पास और सेल्फ-बैगेज ड्रॉप जैसी डिजिटल सेवाएं प्रदान कर ...और पढ़ें

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उद्घाटन के लिए तैयार खड़ी शानदार टर्मिनल बिल्डिंग। मनोज कुमार शर्मा

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
मनोज कुमार शर्मा, जेवर। जेवर में 11077.60 करोड़ की लागत से बनकर तैयार नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट कई मायनों में देश के अन्य एयरपोर्ट से अलग है। एयरपोर्ट मार्डन आर्किटेक्चर और भारतीय वास्तुकला के बेजोड़ कॉम्बिनेशन से तैयार किया गया है। एयरपोर्ट की टर्मिनल बिल्डिंग उद्घाटन के बाद यात्रियों को डिजिटल और तेज सुविधाएं देने को पूरी तरह तैयार है।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर दिल्ली की अपेक्षा पांच गुना तेजी से बैगेज की जांच पूरी हो सकेगी। ऑनलाइन चेक-इन डिजी यात्रा, सेल्फ-बैगेज ड्राप, बायोमीट्रिक बोर्डिंग पास के साथ ही टर्मिनल के अंदर देश की पुरानी हवेली के आंगन जैसा अनुभव होगा।

एयरपोर्ट पर उद्घाटन कार्यक्रम को लेकर तेजी से चलती तैयारियां। सभी फोटो: मनोज कुमार शर्मा
मिनटों में सुरक्षा जांच, बैगेज स्कैनिंग 5 गुना तेज... 15 मिनट में बोर्डिंग संभव
जेवर के छह गांव की 1334 हेक्टेयर जमीन पर पहले चरण में एक रनवे और टर्मिनल बिल्डिंग के साथ बने एयरपोर्ट की यात्री क्षमता 1.2 करोड़ है। यात्री टर्मिनल में प्रवेश के साथ ही जटिल सजावटी जालीदार स्क्रीन से तैयार कोर्ट इसकी खूबसूरती को चार चांद लगा रहा है।
टर्मिनल के प्रवेश पर वाराणसी और हरिद्वार के विश्व प्रसिद्ध गंगा घाटों की तरह दिखने वाली सीढ़ियां भारतीय वस्तुकला का संगम हैं। प्रवेश के बाद बेहद तेजी से सुरक्षा जांच पूरी करने के साथ ही मात्र 15 से 20 मिनट में बोर्डिंग किया जा सकता है। प्रवेश से लेकर बोर्डिंग तक एयरपोर्ट को पूरी तरह से स्मार्ट बनाया गया है।
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एयरपोर्ट पर उद्घाटन कार्यक्रम को लेकर तेजी से चलती तैयारियां। सभी फोटो: मनोज कुमार शर्मा
यात्री का चेहरा ही बोर्डिंग पास होगा
भीड़भाड़ से बचाव के लिए 48 चेक इन काउंटर पूरी तरह तैयार हैं। एयरपोर्ट दिन में ही ऑपरेशनल रहेगा। फिर रात की फ्लाइट शुरू होंगी। फोरकोर्ट से डोमेस्टिक डिपार्चर के लिए फस्ट फ्लोर पर स्वचलित सीढ़ियों से पहुंचना होता। एयरपोर्ट पूरी तरह से डिजी यात्रा बायोमैट्रिक सिस्टम से लैस हैं बिना किसी कागजात के केवल यात्री का चेहरा ही बोर्डिंग पास होगा।
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सेल्फ बैगेज ड्रॉप सिस्टम
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सेल्फ बैगेज जांच के लिए शानदार सिस्टम लगाया गया है। जहां मात्र 30 सेकंड में बैगेज जमा किया जा सकता है। इसके अलावा 48 चेक इन काउंटर नौ सिक्योरिटी लेंस, 19 इमिग्रेशन काउंटर बनाए गए हैं। एयरपोर्ट पर लगी सेल्फ बैगेज मशीन एक घंटे में 100 से अधिक यात्रियों के बैगेज को हैंडल करने में सक्षम है।
दिल्ली एयरपोर्ट से पांच गुना तेजी से होगी बैगेज की जांच
नोएडा एयरपोर्ट पर सीमेंस बैरियो-ट्रे सिस्टम पर हर मिनट 70 ट्रे के बैगेज की जांच कर आगे बढ़ाने की क्षमता है। यह स्पीड 10 मीटर/सेकंड, जो दिल्ली एयरपोर्ट के आइसीएस के 2.1 मी/ सेकंड से पांच गुना तेज। ये सिस्टम दुबई, बीजिंग, पेरिस जैसे एयरपोर्ट पर संचालित है।
टर्मिनल में एंट्री और सुरक्षा जांच के बाद 15 मिनट में हो जाएगी बोर्डिंग
एयरपोर्ट प्रवेश के दौरान सुरक्षा जांच के लिए 13 सुरक्षा गेट छह एक्सरे मशीनें लगी हीं, सुरक्षा जांच के बाद मात्र 60 मीटर का सफर तय करना है। यात्री एंट्री से बोर्डिंग गेट तक 15 से 20 मिनट में पहुंच सकते हैं। प्रतीक्षालय में लगी सभी सीटों पर मोबाइल और फोन चार्जिंग के अलावा वाई-फाई की सुविधा मिलेगी।