यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 25, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
अलेप्पो में 200 हमलों के बाद ब्रिटेन, फ्रांस अमेरिका ने बुलाई UNSC की बैठक
सीरियाई शहर अलेप्पो में एक ही दिन में हुए करीब 200 हवाई हमलों पर यूरोपियन यूनियन और अमेरिका ने चिंता जताई है। दाेनों ने ही रूस से हमले तुरंत रोकने की ...और पढ़ें

अलेप्पो (एएफपी)। पिछले एक हफ्ते से जारी युद्धविराम टूटने के बाद सीरिया में विद्रोहियों के कब्जे वाले अलेप्पो शहर में रूस के हवाई हमलों में बड़े पैमाने पर जानमाल की तबाही हुई है। पिछले 24 घंटे में रूसी लड़ाकू विमानों ने सीरियाई सेना के साथ मिलकर 200 हमले किए, जिसमें 100 से ज्यादा लोग मारे गए। जानकारी के मुताबिक यह हमले बैरल और वैक्यूम बमों से किए गए थे। यूरोपीय यूनियन ने इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के खिलाफ करार देते हुए इन्हें तुरंत रोकने की अपील की है। इस मसले पर ब्रिटेन, फ्रांस अमेरिका ने यूएनसएससी की बैठक बुलाई है।
रूस से युद्ध विराम पर अमल करने की अपील
ईयू के विदेश नीति के प्रमुख फेडरिका मोधेरिनी और ह्यूनेनिटेरियन कमिश्नर क्रिस्टोस स्टिेलियनडिस ने एक बयान में कहा है कि आम नागरिकों पर हो रहे हमलों को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। यह किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं है। अलेप्पो में हुए ताजा हमलों के मद्देनजर अमेरिका और उसके यूरोपीय साथियों ने रूस से युद्धविराम संधि पर अमल करने की अपील की है। इन सभी ने रूस पर हमले रोकने को लेकर दबाव बनाने की कोशिशें भी शुरू कर दी हैं।
यहां खंड़हर हुई इमारतों से हर रोज ही निकलते हैं मासूमों के शव

फिर दिखाई दिए दर्द भरे चेहरे
शनिवार को हुए इन हमलों ने सीरिया की बर्बादी की एक बार फिर तस्वीरेंं दुनिया के सामने पेश की हैं। इन हमलों से बचने के लिए हर कोई ईधर-उधर भाग रहा था। हवाई हमलों से खंडहर हुए मकानों के बीच काेई अपना बचा हुआ सामान समेटने में लगा हुआ था। लेकिन हर कोई दर्द से भरा था और अपनी इस मजबूरी के लिए खुद को ही कोस रहा था।

मरने वालों में ज्यादातर आम नागरिक
सीरिया और रूस की सेना द्वारा किए गए इन हमलों में मरने वाले ज्यादातर आम नागरिक थे। इन हमलों में अभी तक सौ लोगों के मारे जाने की बात सामने आई है, लेकिन यह आंकड़ा काफी आगे तक जा सकता है। काफी संख्या में अभी भी लोग मलबे के नीचे दबे हुए हैं। यहां हुए हमले से अलेप्पो और आसपास के हिस्से में वाटर सप्लाई का सिस्टम बर्बाद हो गया है। हमलों में रेस्क्यू ग्रुप 'वाइट हेलमेट' की टीम को भी नहीं बख्शा गया। अंसारी जिले में रेस्क्यू ग्रुप का हेडक्वार्टर क्षतिग्रस्त हो गया। इस ग्रुप की तीन एंबुलेंस और दो अस्पताल पर भी बम गिराए गए।
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बच्ची को जिंदा बचाने का विडियो वायरल
शुक्रवार को बाब अल-नैराब में हमले के बाद मलबे से 5 साल की बच्ची को जिंदा बचाने का विडियो वायरल हुआ है। सोशल मीडिया पर पोस्ट इस विडियों में रेस्क्यू मेंबर बच्ची को बाल पकड़कर बाहर निकालते दिख रहे हैं। बच्ची की पहचान रवन अलोश के तौर पर हुई है। इस हमले में उसकी मां, पिता और चारों भाई-बहन मारे गए। हमले की चपेट में बशकतीन शहर भी आया। यहां एक ही परिवार के 15 लोग मारे गए।