यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 15, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
भ्रष्टाचार में घिरे नवाज शरीफ को राहत, याचिका खारिज
जस्टिस शम्स महमूद मिर्जा ने शरीफ और उनके छोटे भाई शहबाज शरीफ को अयोग्य करार दिए जाने की मांग वाली याचिका बुधवार को खारिज कर दी। अदालत ने कहा, याचिका स ...और पढ़ें

लाहौर, प्रेट्र : पनामा पेपर लीक में घिरे पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को बड़ी राहत मिली है। लाहौर हाई कोर्ट ने भ्रष्टाचार के आधार पर शरीफ को अयोग्य करार दिए जाने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी। पनामा पेपर में उनके परिवार का नाम आया है। इसमें उन पर अनुचित तरीके से ब्रिटेन में संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगा है।
जस्टिस शम्स महमूद मिर्जा ने शरीफ और उनके छोटे भाई शहबाज शरीफ को अयोग्य करार दिए जाने की मांग वाली याचिका बुधवार को खारिज कर दी। अदालत ने कहा, याचिका सुनवाई योग्य नहीं है। इसमें सरकारी परियोजनाओं में भ्रष्टाचार और पनामा पेपर में नाम उजागर होने का हवाला दिया गया था। शहबाज पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री हैं। याचिका में कहा गया था कि सभी सरकारी विभागों में जबरदस्त भ्रष्टाचार है। अयोग्य और भ्रष्ट लोग नियुक्त किए गए हैं। प्रधानमंत्री और पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री भ्रष्टाचार बढ़ने के लिए जिम्मेदार हैं।
शरीफ और उनके बच्चों के नाम पनामा पेपर में उजागर हुए हैं। इसलिए शरीफ और शहबाज को किसी भी पद पर रहने के अयोग्य करार दिया जाना चाहिए। हाई कोर्ट की जस्टिस आयशा मलिक ने शहबाज के खिलाफ दायर एक अन्य याचिका भी खारिज कर दी। इसमें उन पर सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगाया गया था।
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