विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 13, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'कश्मीर समस्या के समाधान में नए UN प्रमुख को भी है दिलचस्पी'

By Kishor JoshiEdited By:
Updated: Fri, 13 Jan 2017 02:55 PM (IST)

संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता ने कहा है कि नए महासचिव भी कश्मीर समस्या का समाधान निकालने में दिलचस्पी रखते हैं।

'कश्मीर समस्या के समाधान में नए UN प्रमुख को भी है दिलचस्पी'
'कश्मीर समस्या के समाधान में नए UN प्रमुख को भी है दिलचस्पी'

संयुक्त राष्ट्र (पीटीआई)। संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा है कि संयुक्त राष्ट्र के नए महासचिव एंटोनियो गुटेरेस को भी कश्मीर का मसला सुलझाने में दिलचस्पी है लेकिन यूएन प्रमुख का कार्यभार ग्रहण करने के बाद अभी तक उनकी भारत और पाकिस्तान के नेताओं से बात नहीं हो सकी है।

स्टीफन ने उन आरोपों को खारिज किया जिनमें कहा गया था कि पूर्व पूर्तगाली प्रधानमंत्री कश्मीर मसला हल करने में कोई दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। दुजारिक ने कहा कि गुटेरेस ने इसी 1 जनवरी को कार्यभार संभाला है और वो अभी तक कई वैश्विक सरकारी नेताओं से मिल चुके हैं।

यह भी पढ़ें: यूएन के पूर्व महासचिव पर रिश्तेदारों के रिश्वत मामले की गाज

दुजारिक ने बताया, "जहां तक मुझे जानकारी है, उनकी अभी तक भारत और पाकिस्तान के प्रधानमंत्रियों से फोन पर भी बात नहीं हुई है, तो ऐसे में सवाल ही पैदा नहीं होता है कि उनकी कश्मीर समस्या सुलझाने में कोई दिलचस्पी नहीं है। कश्मीर के अलावा कई और वैश्विक मुद्दे भी हैं।" दुजारिक ने कहा कि नए यूएन महासचिव को अभी थोड़ा और समय दिया जाना चाहिए।

पिछले हफ्ते भी एक प्रेस कांफ्रेस के दौरान दुजारिक से यह सवाल पूछा गया था कि क्या नए यूएन महासचिव ने भारत-पाक सीमा पर तनावपूर्ण माहौल को लेकर भारतीय अधिकारियों से बातचीत की है। जिसके जवाब में यूएन महासचिव ने कहा था, "कश्मीर मुद्दे को लेकर हमने पहले से ही चली आ रही अपनी नीति में कोई बदलाव नहीं किया है।"

यह भी पढ़ें: यूएन में अमेरिकी राजदूत के लिए हेली की पुष्टि अगले सप्ताह

आपको बता दें कि पूर्व यूएन महासचिव बान-की-मून ने अपने कार्यकाल के दौरान इस बात के दवाब डाला था कि भारत और पाकिस्तान को अपने मसलों का हल निकालने के लिए बातचीत करनी चाहिए। बान ने लगातार यह कहा था कि यदि भारत पाकिस्तान चाहें तो उनके अच्छे अधिकारी इसकी मध्यस्थता करने को तैयार हैं।