यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 19, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Odisha Politics: नवीन पटनायक विधानसभा में अब इस सीट पर बैठेंगे, राजनीतिक करियर में पहली बार होगा ऐसा
Naveen Patnaik ओडिशा की राजनीति में इस साल बड़ा परिवर्तन हुआ। पहली बार भाजपा ने बहुमत हासिल कर बीजद को सत्ता से बेदखल कर दिया। वहीं 24 साल लगातार सीए ...और पढ़ें

HighLights
- नवीन पटनायक पहली बार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभाएंगे
- बीजद के विधायक दल की बैठक में नवीन सर्वसम्मति से नेता प्रतिपक्ष चुने गए
- नवीन पटनायक ने वर्ष 2000 से 2024 तक मुख्यमंत्री के रूप में किया कार्य
जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। Odisha News: ओडिशा में 24 वर्ष तक शासन करने वाले पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक पहली बार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभाएंगे।
बीजू जनता दल के विधायक दल की बैठक में उन्हें सर्वसम्मति से नेता प्रतिपक्ष चुना गया है। वहीं, पूर्व मंत्री तथा रेढाखोल के विधायक प्रसन्न आचार्य को उपनेता प्रतिपक्ष चुना गया है। यह जानकारी बीजद के उपाध्यक्ष देवी प्रसाद मिश्र ने मीडिया को दी है।
जानकारी के मुताबिक, शंख भवन में आज बीजद के चुने गए सभी 51 विधायक एवं पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की बैठक हुई। बैठक में बीजद के विधायकों ने नेता प्रतिपक्ष के तौर पर नवीन पटनायक को चुना। इसी के साथ नवीन सर्वसम्मति से बीजद विधायक दल के नेता बन गए हैं।
नवीन पटनायक ने विधायकों को किया धन्यवाद
अपने राजनीतिक कैरियर में यह पहला मौका है जब नवीन नेता प्रतिपक्ष बने हैं। उन्होंने 2000 से 2024 तक मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया। पांच बार मुख्यमंत्री बनने के बाद उनकी पार्टी को इस बार हार का सामना करना पड़ा। इसी का नतीजा है कि वह नेता प्रतिपक्ष बन गए हैं।
बीजेडी विधायक दल का नेता बनने के बाद नवीन पटनायक ने सभी को धन्यवाद दिया। उन्होंने उनके प्रति आभार और शुभकामनाएं भी व्यक्त कीं। नवीन अब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभाएंगे। बीजू जनता दल के वरिष्ठ नेता प्रसन्न आचार्य को उपनेता प्रतिपक्ष नियुक्त किया गया है।
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बीजद सरकार में विधानसभा अध्यक्ष रहीं बिंझारपुर से विधायक प्रमिला मलिक को विपक्षी दल का मुख्य सचेतक बनाया गया है और आली के विधायक प्रताप देव को विपक्षी दल का उप मुख्य सचेतक बनाया गया है।
कभी विधानसभा जाने से बच रहे थे नवीन पटनायक
यहां उल्लेखनीय है कि ओडिशा में विधासनभा एवं लोकसभा के चुनाव परिणाम आने के बाद नवीन पटनायक के व्यवहार में बदलाव देखा जा रहा है। एक समय था जब नवीन पटनायक विधानसभा जाने से बच रहे थे।
वहीं, नवीन पटनायक विपक्ष के नेता के रूप में विधानसभा की बहस में भाग लेने के लिए तैयार हैं। दूसरे हिसाब से देखें तो बीजद को एकजुट रखने के लिए सदन में नवीन पटनायक की मजबूत उपस्थिति भी जरूरी है, क्योंकि उनके बिना पार्टी को आगे बढ़ना मुश्किल है।