यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 27, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
ओडिशा ILI और SARI संक्रमण से निपटने को तैयार, घबराने की जरूरत नहीं लेकिन सतर्कता है जरूरी
चीन में बच्चों में फैल रहे निमोनिया की चिंताजनक स्थिति को देखते हुए केंद्र ने रविवार को राज्यों से जिला और राज्य स्तर पर इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी (आईए ...और पढ़ें

संवाद सहयोगी, अनुगुल। उत्तरी चीन में बच्चों में निमोनिया चिंताजनक रूप से फैलने के बाद केंद्र सरकार ने अपनी चिंता व्यक्त की है। केंद्र ने रविवार को राज्यों से जिला और राज्य स्तर पर इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी (आईएलआई) और एसएआरआई (गंभीर तीव्र श्वसन संक्रमण) के खिलाफ एहतियाती उपायों के रूप में संशोधित निगरानी रणनीतिक परिचालन दिशानिर्देश (इस साल कोविड-19 के लिए) लागू करने को कहा।
ओडिशावासियों को सतर्क रहने की चेतावनी
इसके बाद विशेषज्ञों और ओडिशा के स्वास्थ्य अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि चिंता की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि राज्य सरकार का स्वास्थ्य ढांचा किसी भी बीमारी से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है।
सार्वजनिक स्वास्थ्य निदेशक डा. निरंजन मिश्रा ने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपनी एडवाइजरी में कहा है कि घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सभी को सतर्क रहना चाहिए।
कोविड-19 की दूसरी लहर को ध्यान में रखते हुए सभी जिला एवं मेडिकल कालेजों में पूरी तैयारी कर ली गई है। बच्चों के लिए आक्सीजन के अलावा सीयू और आइसीयू की व्यवस्था की गई है। हमारे पास परीक्षण और उपचार की पर्याप्त सुविधाएं हैं।
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चीन में इन्फ्लूएंजा की लहर
स्वास्थ्य विशेषज्ञ डा. निरोज मिश्रा ने कहा कि चीन में बच्चों में निमोनिया का कारण बनने वाला वायरस कोई नया वायरस नहीं है। ऐसे वायरल संक्रमण पहले से ही ज्ञात हैं जिसमें साधारणतः सर्दियों में ऐसे मामले बढ़ जाते हैं कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि दिसंबर के मध्य में इन्फ्लूएंजा की एक और लहर शुरू होगी।
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ऐसे श्वसन मामलों से निपटने के लिए आवश्यक कदम सावधानी के साथ हमें तैयार रहना होगा। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि जिन बुजुर्ग लोगों और इन्फ्लूएंजा से प्रभावित लोगों ने टीकाकरण नहीं कराया है उन्हें तुरंत टीका लगवा लेना चाहिए।
वायरस से निपटने के लिए स्वच्छता जरूरी
मिश्रा ने कहा कि बुखार और खांसी के लक्षण वाले लोगों को अपने घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए। यदि आप बाहर जाते हैं, तो मास्क पहनें और नियमित अंतराल पर हाथ धोएं।
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने राज्य सरकार को लिखे अपने पत्र में आइएलआइ और एसएआरआइ मामलों से निपटने के लिए मानव संसाधन, अस्पताल के बिस्तर, वेंटिलेटर, दवाओं का पर्याप्त स्टाक, आक्सीजन, एंटीबायोटिक्स, परीक्षण किट तैयार करने को कहा। राज्य के अधिकारियों को बच्चों और किशोरों के नमूने परीक्षण के लिए प्रयोगशालाओं में भेजने के लिए भी कहा गया है।