यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 11, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Agni 5 Missile का सफल परीक्षण, PM Modi ने DRDO को दी बधाई; खूबियां ऐसी... पाकिस्तान-चीन की उड़ेगी नींद
भारत ने पहली बार एक से अधिक परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम एमआइआरवी तकनीकी से लैस बैलेस्टिक मिसाइल अग्नि 5 का सफल परीक्षण किया है। इसके साथ भारत दुनि ...और पढ़ें

HighLights
- मिशन दिव्यास्त्र के लिए डीआरडीओ के वैज्ञानिकों पर गर्व- PM Modi
- लंबी दूरी की मिसाइल के 25वें वर्जन का सफल परीक्षण
जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। भारत ने आज पहली बार एक से अधिक परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम एमआइआरवी तकनीकी से लैस बैलेस्टिक मिसाइल अग्नि 5 का सफल परीक्षण किया है। इसी के साथ भारत दुनिया के चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है, जिनके पास एमआइआरवी तकनीकी से लैस मिसाइल हैं।
इस मिसाइल के जद पूरे पाकिस्तान के साथ चीन के अधिकांश शहर हैं। इस मिसाइल की मारक क्षमता 5 हजार किमी. से अधिक बताई गई है।
इस मिसाइल की खासियत के बारे में इस बात से ही समझा जा सकता है कि ओडिशा के बालेश्वर में मौजूद इंटरिम परीक्षण रेंज से जैसे ही इस शक्तिशाली और लंबी दूरी तक मार करने वाली मिसाइल का सफल परीक्षण हुआ खुद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ट्वीट कर इसकी जानकारी देने के साथ ही वैज्ञानिकों को बधाई दी।
प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर दी DRDO को बधाई
प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार शाम को ट्वीट करते हुए लिखा कि मल्टिपल इंडीपेंडेंटली टारगेट ब्लू री-एंट्री व्हीकल (एमआइआरवी) तकनीकी के साथ देश में ही विकसित अग्नि 5 मिसाइल का पहला फ्लाइट टेस्ट किया गया है।मिशन दिव्यास्त्र के लिए मुझे मेरे डीआरडीओ के वैज्ञानिकों पर गर्व है। इस मिशन के तहत, उन्होंने स्वदेशी रूप से विकसित अग्नि-5 मिसाइल का पहला उड़ान परीक्षण किया है, जिसे मल्टिपल इंडीपेंडेंटली टारगेट ब्लू री-एंट्री व्हीकल तकनीकी के साथ विकसित किया गया है।
लंबी दूरी की मिसाइल के 25वें वर्जन का सफल परीक्षण
जानकारी के मुताबिक, ओडिशा के बालेश्वर जिले में मौजूद एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप के इंटररिम परीक्षण रेंज से इस शक्तिशाली और लंबी दूरी की मिसाइल के 25वें वर्जन का सफल परीक्षण किया गया। यह मिसाइल जमीन से जमीन पर मारकरने वाली अंत: महादेशीय बैलेस्टिक मिसाइल है।
खबरें और भी
इसके लक्ष्यभेद की क्षमता 5 हजार किमी. से अधिक है। यह मिसाइल पाकिस्तान एवं चीन के लिए चिंता का कारण हो सकती है क्योंकि पाकिस्तान एवं चीन के किसी भी शहर में तांडव रचने में सक्षम है।
मल्टीपल इंडिपेंडेंट टारगेटेबल री-एंट्री व्हीकल (एमआइआरवी) एक ऐसी तकनीक है जो एक एकल बैलिस्टिक मिसाइल को एकाधिक परमाणु हथियार ले जाने की अनुमति देती है।केवल इतना ही नहीं यह मिसाइल 1.5 टन वजन तक परमाणु एवं गैर परमाणु विध्वसंक ले जाने में सक्षम है।
पूरी तरह से स्वदेशी तकनीकी से अग्नि 5 मिसाल को बनाया गया है। 2008 में डीआरडीओ ने अग्नि मिसाइल पर काम करना शुरू किया था। डीआरडीओ रिसर्च सेंटर बिल्डिंग (आरसीआइ), एडवांस सिस्टम लाबोरेटरी (एएसएत) एवं डिफिेंस रिसर्च तथा डेवलेपमेंट लाबोरेटरी (डीआरडीएल) ने संयुक्त रूप से इस मिसाइल को विकसित किए हैं।