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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 21, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    संबलपुर सीट पर बिजली-पानी के साथ साड़ी के भी चर्चे, 25 मई को होगा इन दो उम्‍मीदवारों में जबरदस्‍त मुकाबला

    Updated: Tue, 21 May 2024 09:25 AM (IST)

    Odisha Lok Sabha Election 2024 ओडिशा के संबलपुर में 25 मई को मतदान है। इस सीट पर दो दिग्‍गज केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान व भाजपा उम्‍मीदवार और बी ...और पढ़ें

    धर्मेंद्र प्रधान और प्रणब दास की फाइल फोटो।
    धर्मेंद्र प्रधान और प्रणब दास की फाइल फोटो।

    HighLights

    1. धर्मेंद्र प्रधान ओडिशा में हैं भाजपा का प्रमुख चेहरा
    2. बीजद प्रत्‍याशी प्रणब दास का भी अपनी पार्टी में खास प्रभाव
    3. कांग्रेस ने इस बार यहां बीजद के पूर्व सांसद नागेंद्र प्रधान को उतारा
    4. नागेंद्र नामांकन दाखिल करने से कुछ दिन पहले ही बीजद को छोड़ कांग्रेस में हो गए थे शामिल

    उत्तम नाथ पाठक, संबलपुर। Odisha Lok Sabha Election 2024 : संबलपुरी साड़ी से देश- विदेश में अपनी पहचान रखने वाले ओडिशा के संबलपुर में दो दिग्गज आमने-सामने हैं। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान लंबे समय बाद संसदीय चुनाव लड़ने अपने पुराने क्षेत्र देवगढ़ को छोड़कर संबलपुर पहुंचे हैं। यहां उन्हें बीजू जनता दल (बीजद) के संगठन मंत्री प्रणब दास चुनौती दे रहे हैं। यहां 25 मई को मतदान होना है। यहां बिजली-पानी के साथ ही साड़ी भी चुनावी मुद्दा है।

    संबलपुर सीट पर दोनों के बीच तगड़ा मुकाबला

    धर्मेंद्र प्रधान जहां ओडिशा में भाजपा का प्रमुख चेहरा हैं, वहीं प्रणब दास बीजद में बीके पांडियन के बाद दूसरे नंबर के प्रभावशाली नेता हैं। वह जाजपुर से तीन बार के विधायक हैं। दोनों उम्मीदवार अपनी-अपनी पार्टियों के लिए खासे महत्वपूर्ण है। दोनों में यहां सीधा मुकाबला दिख रहा है।

    यहां 2009 में कांग्रेस के अमरनाथ प्रधान, 2014 में बीजद के नागेंद्र प्रधान और 2019 में भाजपा के नीतेश गंगा देव ने जीत दर्ज की थी।

    कांग्रेस ने इस बार यहां बीजद के पूर्व सांसद नागेंद्र प्रधान को इन दोनों दिग्गजों के मुकाबले मैदान में उतारा है। नागेंद्र प्रधान नामांकन दाखिल करने से कुछ दिन पहले ही राज्य में सत्तारूढ़ बीजद का साथ छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए हैं।

    कांग्रेस ने पहले संबलपुर सीट से दुलालचंद्र प्रधान को उम्मीदवार बनाया था, लेकिन बाद में उन्हें बदल दिया। इससे नाराज होकर दुलाल अब भाजपा में शामिल हो गए हैं।

    नागेंद्र अनुगुल जिले के आठमल्लिक विधानसभा क्षेत्र से तीन बार विधायक तथा नवीन पटनायक कैबिनेट में मंत्री भी रह चुके हैं।

    250 करोड़ का काॅरिडोर

    उधर, संबलेश्वरी मंदिर के आसपास ओडिशा सरकार 250 करोड़ रुपये की लागत से वाराणसी स्थित विश्वनाथ मंदिर व उज्जैन के महाकाल मंदिर की तरह कारिडोर का निर्माण करा रही है। अभी लाइटिंग व पत्थरों की घिसाई का काम जारी है। बीजद के नेता इस उपलब्धि के बूते भी वोट मांग रहे हैं।

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    स्थानीय मुद्दों को साथ मोदी की गारंटी भी

    धर्मेंद्र प्रधान संबल के सात विधानसभा क्षेत्रों में खासा समय बिता रहे हैं। स्थानीय मुद्दों के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी से संबलपुर के विकास का वादा कर रहे हैं।

    पश्चिमी ओडिशा के ये इलाके राज्य के बाकी हिस्सों के मुकाबले विकास की दौड़ में पीछे हैं। यहां 700 साल पुराने संबलेश्वरी मंदिर के प्रति लोगों में गहरी आस्था है।

    पुरातन ग्रंथों में भी संबलपुर का जिक्र मिलता है। मोदी की गारंटी और ओडिशा अस्मिता के साथ मिट्टी का पुत्र का नारा संबलपुर में धर्मेंद्र प्रधान को बल दे रहा है।

    संबलपुरी साड़ी बनाने वालों को नकली उत्पाद से चोट

    ओडिशा की पहचान बनी संबलपुरी साड़ी के अस्तित्व पर संकट छाया हुआ है। केंद्र व राज्य सरकार की तरफ से बुनकरों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं शुरू की गई हैं, लेकिन इसका लाभ निचले स्तर के बुनकरों तक नहीं पहुंच पा रहा है।

    बुनकर दीपक कहते हैं कि बाजार में नकली संबलपुरी साड़ियों के आ जाने से असली साड़ियों की मांग कम हो गई है। एक साड़ी बुनने में चार से पांच दिन का समय लग जाता है, लेकिन लागत और मेहनत का उचित मूल्य नहीं मिल पाता। चारपाली गांव के बुनकर कहते हैं कि बिजली की आंख मिचौली की वजह से भी काम प्रभावित होता है।

    तो भी स्‍थानीय लोगों को हो रही दिक्‍कत

    ओडिशा की जीवन रेखा कही जाने वाली महानदी पर देश का पहला बहुउद्देश्यीय हीराकुद बांध बना था। यह संबलपुर शहर से करीब 13 किलोमीटर दूर है। विडंबना है कि इतने विशाल जलभंडर के तट पर बसे गांव व शहर के लोगों को जलसंकट का सामना करना पड़ रहा है।

    हीराकुद बांध से निकला पानी सीधे बहते हुए बंगाल की खाड़ी में समा जाता है। पानी को रोकने के लिए न तो कभी कांग्रेस और न ही बीजद की सरकार ने कोई योजना बनाई।

    दूसरी ओर हीराकुद बांध के बुर्ला और चिपलिमा पनबिजली केंद्रों से उत्पादित विद्युत के बावजूद संबलपुर लोकसभा क्षेत्र के लोग बिजली संकट झेलने को मजबूर हैं, बिजली की बढ़ी हुई दरों पर भी लोगों में असंतोष है।

    इस बार बीजद ने चुनाव जीतने पर जीरो बिल की बात कहते हुए 100 यूनिट फ्री बिजली देने की बात कही है। भाजपा इसे चुनावी स्टंट करार दे रही है।

    संबलपुर में आइआइएम की स्थापना समेत कई महत्वपूर्ण कार्य कराए। लोग केंद्र सरकार के विकास कार्यों से खुश हैं और प्रधानमंत्री मोदी की गारंटी पर उन्हें विश्वास है। अगले कार्यकाल में संबलपुर में कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना कराने और इसे टेक्सटाइल हब बनाने की दिशा में प्रयास करेंगे- धर्मेंद्र प्रधान, केंद्रीय मंत्री व भाजपा उम्मीदवार

    लोग मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से प्यार और उनके नेतृत्व पर विश्वास करते हैं। बीजद सरकार ने किसानों, बुनकरों, छात्रों, युवाओं और महिलाओं के लिए कई तरह के कल्याणकारी कार्यक्रम चलाए, जिनका सीधा लाभ आम लोगों को मिल रहा है। चाहे स्वास्थ्य बीमा कार्ड हो या आवास की बात हो एक-एक व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। आगे भी विकास के कार्य जारी रहेंगे- प्रणब दास, बीजू जनता दल के संगठन मंत्री व पार्टी के प्रत्याशी

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