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    ओडिशा में 1.10 लाख करोड़ का मेगा निवेश, 53,500 से अधिक लोगों को मिलेगा रोजगार

    Updated: Fri, 03 Jul 2026 10:46 AM (GMT+05:30)

    अडानी एंटरप्राइजेज और यूएई की आईएचसी ग्रुप ओडिशा में 1.10 लाख करोड़ रुपये की मेगा एकीकृत एल्युमिनियम परियोजना स्थापित करेंगे। ...और पढ़ें

    ओडिशा में 1.10 लाख करोड़ का मेगा निवेश

    ओडिशा में 1.10 लाख करोड़ का मेगा निवेश

    HighLights

    1. ओडिशा में 1.10 लाख करोड़ का मेगा एल्युमिनियम निवेश।

    2. अडानी एंटरप्राइजेज और यूएई की आईएचसी ग्रुप का समझौता।

    3. परियोजना से 53,500 से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा।

    जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के निवेशकों के लिए ओडिशा का आकर्षण लगातार बढ़ता जा रहा है।इसी क्रम में वैश्विक निवेश आकर्षित करने की दिशा में राज्य के औद्योगिक इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है।

    अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की आईएचसी ग्रुप कंपनी के बीच ओडिशा में 11.5 बिलियन डॉलर (लगभग 1.10 लाख करोड़ रुपये) के निवेश से एक मेगा एकीकृत एल्युमिनियम परियोजना स्थापित की जाएगी।

    समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर

    लोकसेवा भवन कन्वेंशन सेंटर में ओडिशा सरकार की औद्योगिक प्रोत्साहन संस्था इपिकोल और यूएई की इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी (आइएचसी) के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। 

    इस परियोजना के तहत प्रतिवर्ष 40 लाख मीट्रिक टन क्षमता की एल्युमिना रिफाइनरी, 20 लाख टन क्षमता का एल्युमिनियम स्मेल्टर तथा 10 लाख मीट्रिक टन क्षमता का डाउनस्ट्रीम मैन्युफैक्चरिंग पार्क स्थापित किया जाएगा। 

    इसके साथ ही यह देश की सबसे बड़ी एकीकृत एल्युमिनियम परियोजना बन जाएगी।यह ग्रीनफील्ड परियोजना दो चरणों में विकसित की जाएगी। पहले चरण में 66 हजार करोड़ रुपये और दूसरे चरण में 44 हजार करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।

    2036 तक आधुनिक ओडिशा का निर्माण

    एमओयू हस्ताक्षर कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि वर्ष 2036 तक एक समृद्ध, आधुनिक और समावेशी ओडिशा के निर्माण के लिए राज्य सरकार के प्रयास सफलतापूर्वक आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि ओडिशा के प्राकृतिक संसाधनों और प्रतिभा के साथ मध्य-पूर्व की पूंजी एवं तकनीक का समन्वय एक मजबूत साझेदारी का आधार बनेगा।

    53,500 से अधिक लोगों को रोजगार

    मुख्यमंत्री ने बताया कि इस परियोजना के अंतर्गत बॉक्साइट खनन, एल्युमिना रिफाइनिंग, एल्युमिनियम स्मेल्टिंग, कैप्टिव पावर प्लांट तथा डाउनस्ट्रीम एल्युमिनियम उत्पाद निर्माण और आधारभूत संरचना का विकास किया जाएगा। 

    उन्होंने कहा कि इस मेगा परियोजना से निर्माण चरण में लगभग 35,000 तथा परियोजना के संचालन के बाद लगभग 18,500 लोगों को रोजगार मिलेगा। इस प्रकार कुल मिलाकर 53,500 से अधिक प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रोजगार अवसर सृजित होंगे।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य से केवल खनिज संसाधनों का निर्यात ही नहीं, बल्कि मूल्य संवर्धन के माध्यम से औद्योगिकीकरण और युवाओं के लिए रोजगार सृजन सरकार का प्रमुख लक्ष्य है।

    भारत और यूएई के संबंधों में एक नया और मजबूत अध्याय

    इस अवसर पर आईएचसी के मुख्य रणनीतिक अधिकारी (सीएसओ) पीटर अब्राम ने कहा कि यह पहल भारत और यूएई के संबंधों में एक नया और मजबूत अध्याय जोड़ेगी। उन्होंने कहा कि यह समझौता केवल एक व्यावसायिक निवेश नहीं, बल्कि ओडिशा के सतत विकास के लिए दीर्घकालिक साझेदारी है।

    वहीं करण अडानी ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार की सुदृढ़ नीतियों के कारण ओडिशा केवल कच्चे माल की आपूर्ति करने वाले राज्य से आगे बढ़कर मूल्य संवर्धित उत्पादन का प्रमुख केंद्र बन रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह एमओयू ओडिशा की जनता और स्थानीय अर्थव्यवस्था को वैश्विक स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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    कार्यक्रम में उद्योग मंत्री संपद चंद्र स्वाईं, मुख्य सचिव अनु गर्ग, आईएचसी ग्रुप के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ सैयद बसर शुएब, इंटरनेशनल रिसोर्सेज होल्डिंग (आईआरएच) के सीईओ अली अल-रश्दी, आईएचसी समूह के वरिष्ठ अधिकारी हिसाम और अब्दुल्ला अल-रश्दी सहित राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और मीडिया कर्मी उपस्थित थे।उद्योग, गृह एवं सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव हेमंत शर्मा ने स्वागत भाषण दिया, जबकि इपिकोल की निदेशक अबोली सुनील नरवणे ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।