यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 13, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Odisha Politics: नवीन सरकार के 'बैग योजना' का BJP ने किया विरोध, डिलर केंद्र पर रखे बैग किए आग के हवाले
Odisha Politics भारतीय जनता पार्टी ने आरोप लगाया कि नवीन सरकार ने इस बार केन्द्रीय योजनाओं को हाइजैक करने की नई तरकीब निकाली है। इस बार केन्द्र सरकार ...और पढ़ें

HighLights
- भाजपा ने कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन करने के साथ ही बैग जलाए
- राज्य सरकार प्रचार के लिए लिए अपना लोगो वाले बैग में राशन दे रही- भाजपा
जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। भारतीय जनता पार्टी ने आरोप लगाया कि नवीन सरकार ने इस बार केन्द्रीय योजनाओं को हाइजैक करने की नई तरकीब निकाली है। इस बार केन्द्र सरकार का चावल है तो राज्य सरकार का बैग। बैग के ऊपर ओडिशा सरकार एवं फाइव टी का लोगो लगाया गया है। इसमें आम ओडिशा नवीन ओडिशा चिन्ह भी अंकित है।
इसे लेकर अब राजनीति शुरू हो गई है। इसको लेकर राज्य भाजपा ने कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन करने के साथ ही बैग जलाए। जानकारी के मुताबिक, फूलवाणी मास्ट्रपड़ा स्थित एक राशन वितरण केंद्र पर स्थानीय भाजपा नेताओं ने उक्त बैग में चावल वितरण का विरोध किया। हालांकि, जब फुटकर विक्रेता ने एक न सुनी तो भाजपा कार्यकर्ताओं ने राशन केंद्र में रखे सभी बैग सड़क पर लाकर उन्हें आग के हवाले कर दिया।
बालुगांव एन.ए.सी में भाजपा नेता पृथ्वीराज हरिचंदन और उनके समर्थकों ने एक डीलर प्वाइंट पर पहुंचे और उक्त बैग को जला दिए। भाजपा नेताओं का कहना है कि चावल केन्द्र सरकार दे रही है, राज्य सरकार अपना प्रचार-प्रसार करने के लिए लिए अपने लोगो वाले बैग में राशन दे रही है।
भाजपा नेताओं ने लगाए ये आरोप
यहां सवाल उठता है कि अचानक बीजद सरकार की बैग योजना क्यों? जूट के खाली बोरों से लाभार्थियों को क्या लाभ मिलेगा? या बीजद सरकार को बढ़ावा देने की रणनीति? क्या ब्रांडिंग चोरी का प्रयास है? क्या चावल से राज्य सरकार की जड़ें काटने के बाद क्रेडिट चोरी करने की कोशिश की जा रही है? 2014 और 2019 के चुनावों में, बीजद ने चावल की ब्रांडिंग करके वोट हासिल किए थे, जो केंद्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत आता है।
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भाजपा नेताओं ने ये भी आरोप लगाया कि उस समय केंद्र सरकार 27 रुपये प्रति किलो चावल देती थी, लेकिन राज्य सरकार सिर्फ 2 रुपये देकर क्रेडिट लेती थी, लेकिन अब जब पूरा खर्च केंद्र सरकार उठा रही है तो सत्ताधारी बीजेडी चिंतित है। इसलिए, सरकार ने हाल ही में काउंटर के लिए राशन का सारा सामान बांटने के लिए केंद्र के सामने राज्य सरकार के बैनर लगाने का आदेश दिया था। इसको लेकर विवाद भी हुआ था।
अब बैग बांटने को लेकर भी राजनीति हो रही है। भाजपा ने कहा है कि पार्टी हर राशन केंद्र की सुरक्षा करेगी। यहां उल्लेखनीय है कि प्रदेश में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत केंद्र सरकार 3 करोड़ 26 लाख हितग्राहियों को चावल निःशुल्क दे रही है, जबकि राज्य सरकार अपनी खाद्य सुरक्षा योजना में 9 लाख 97 हजार हितग्राहियों को चावल दे रही है।