Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 12, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    GDS Fake Certificate Case : फर्जी सर्टिफिकेट से ग्रामीण डाक सेवक नियुक्ति मामले में चंदन चरण साहू गिरफ्तार, 14 फरार

    Updated: Wed, 12 Jun 2024 01:48 PM (IST)

    GDS Fake Certificate Case ओडिशा डाक विभाग में ग्रामीण डाक सेवक यानी जीडीएस नियुक्ति (Gramin Dak Sevak GDS appointment Postal Department) में सामने आई ...और पढ़ें

    JDS Fake Certificate Case : कोरापुट में फर्जी सर्टिफिकेट मामले में चंदन चरण साहू गिरफ्तार, 14 फरार
    JDS Fake Certificate Case : कोरापुट में फर्जी सर्टिफिकेट मामले में चंदन चरण साहू गिरफ्तार, 14 फरार

    HighLights

    1. ग्रामीण डाक सेवक यानी जीडीएस नियुक्ति में गड़बड़ी का मामला
    2. क्राइम ब्रांच नियुक्ति के लिए चुने गए प्रत्याशियों के दस्तावेजों की कर रही जांच

    संवाद सहयोगी, कटक। Odisha Crime News : डाक विभाग में ग्रामीण डाक सेवक यानी जीडीएस नियुक्ति (Gramin Dak Sevak, GDS appointment, Postal Department) में एक बड़ी तरह की गड़बड़ी सामने आया है। क्राइम ब्रांच ने इस घटना में नियुक्ति के लिए चुने जाने वाले एक प्रत्याशी चंदन चरण साहू को गिरफ्तार किया है।

    मैट्रिक के मार्कशीट में 95 फीसदी से अधिक नंबर रखने वाला चंदन अंग्रेजी में एक लाइन शुद्ध वाक्य लिखने में नहीं समर्थ हो पाया है। यह बात जांच पड़ताल से पता चला है। चंदन जैसे और 22 अभ्यर्थी भी फर्जी सर्टिफिकेट इस्तेमाल करने की बात जांच पड़ताल से स्पष्ट हुई है।

    इस घटने में चंदन को मिलाकर अब तक कुल 8 लोगों गिरफ्तार किया गया है। बाकी सभी आरोपी फरार है। उन्हें गिरफ्तार करने के लिए प्रयास जारी है। मिली जानकारी के अनुसार, कोरापुट में मैट्रिक सर्टिफिकेट देकर 22 अभ्यर्थी ग्रामीण डाक सेवक जीडीएस पदवी के लिए चुने गए थे।

    जयपुर टाउन थाने में दर्ज हुआ था मुकदमा

    कोरापुट डाक डिवीजन के वरिष्ठ डाक अधीक्षक मनोज प्रगड़ा जांच के दौरान मैट्रिक सर्टिफिकेट फर्जी होने की बात जान पाए थे। इसके बाद वह जयपुर टाउन थाने में 5 अप्रैल 2023 को शिकायत कर एक मामला दर्ज किया था।

    खबरें और भी

    पुलिस ने दफा 465, 467, 468, 470, 471 और 34 के तहत मामला दर्ज किया था। बाद में इस मामले की जांच की जिम्मेदरी क्राइम ब्रांच को दी गई थी। क्राइम ब्रांच डीएसपी अनादि चरण सेठी की अगुवाई में एक टीम का गठन किया गया था और जांच पड़ताल शुरू हुई थी।

    यूपी और ओडिशा के प्रत्याशी

    यह सभी प्रत्याशी उत्तर प्रदेश और ओडिशा के मैट्रिक एवं प्लस टू के फर्जी सर्टिफिकेट का इस्तेमाल करने की बात जांच के दौरान पता चला था। जिनका नंबर 95 प्रतिशत से अधिक होने की बात जांच में सामने आई थी। इसके बावजूद यह प्रत्याशी अंग्रेजी या ओड़िया में इतना कमजोर होने की बात जानकर क्राइम ब्रांच के अधिकारी भी हैरान हुए।

    इधर, चुने जाने वाले प्रत्याशी चंदन चरण साहू को क्राइम ब्रांच गिरफ्तार कर जयपुर एसडीजेएम की कोर्ट में हाजिर किया गया है। इस मामले में पहले से ही 7 को गिरफ्तार की गई थी और अन्य आरोपित फरार हैं।

    ऑनलाइन आवेदन किया था

    जीडीएस पदवी (Gramin Dak Sevak, GDS appointment, Postal Department) के लिए प्रत्याशी ऑनलाइन में आवेदन करते समय फर्जी मैट्रिक सर्टिफिकेट और मार्कशीट दाखिल किए थे। लेकिन चयन प्रक्रिया के बाद जब सर्टिफिकेट की जांच पड़ताल की गई थी। तब संदेह होने के बाद सर्टिफिकेट की अधिक जांच पड़ताल में सार्टिफिकेट फर्जी होने की बात स्पष्ट हुई थी।

    विदित है कि, बलांगीर में भी ठिक इसी प्रकार की फर्जी सर्टिफिकेट रैकेट वर्ष 2023 में पकड़ा गया था और उस रैकेट की 20 लोगों को गिरफ्तार कर कोर्ट चालान करते हुए जेल भेज दिया गया था।

    यह भी पढ़ें

    Cracker Explosion Puri: पटाखा विस्फोट हादसें में शव की नहीं हो पाई पहचान, तो अब पुलिस इकट्ठा किए लाश के DNA

    ट्रेन के ऊपर पत्थर फेंकने का एक आरोपित गिरफ्तार, वंदे भारत को पहुंचा रहा था नुकसान