ओडिशा की 'दया नदी' का पानी हुआ जहरीला: मर रहीं मछलियां, बीमारी फैलने का खतरा
दया नदी का पानी जहरीला होने से बड़ी संख्या में मछलियां मर रही हैं और डायरिया फैलने का खतरा बढ़ गया है। जलकुंभी, गंगुआ नाले का गंदा पानी और कचरा नदी मे ...और पढ़ें
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दया नदी में प्रदूषण का कहर। फोटो जागरण

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जागरण संवाददाता, पुरी। जिले में स्थित दया नदी का पानी अब जहरीला हो गया है। प्रदूषण के कारण बड़ी संख्या में मछलियों की मौत हो रही है। साथ ही इलाके में डायरिया (झाड़ा-बांती) फैलने की आशंका भी बढ़ गई है, जिससे स्थानीय लोग काफी चिंतित हैं।
नदी में जलकुंभी (बिलाती दल) तेजी से फैल गई है और गंगुआ नाला का गंदा पानी इसमें मिल रहा है। कचरा, मल-मूत्र और गाद के कारण नदी में ऑक्सीजन की कमी हो गई है, जिससे मछलियां मर रही हैं।
झींगा, कंटिया, कालाबैन्ची, कौ, सारणा बालिया, केरांडी, फली जैसी कई प्रजातियों की मरी हुई मछलियां नदी में देखी जा रही हैं।
एक्सपर्ट ने जताई गहरी चिंता
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर पानी की स्थिति ऐसी ही रही, तो मछलियों के अंडे भी नष्ट हो जाएंगे और उनका प्रजनन रुक जाएगा। इससे मछुआरों की आजीविका पर गंभीर असर पड़ेगा। पिछले 4–5 वर्षों से यह समस्या लगातार बनी हुई है, लेकिन समाधान नहीं हो पाया है।
स्थानीय लोगों ने कई बार प्रशासन और सरकार से शिकायत की है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। लोगों की मांग है कि गंगुआ नाले के गंदे पानी को सीधे नदी में छोड़ने के बजाय ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जाए।
प्रदूषित पानी के कारण लोगों में त्वचा रोग और अन्य बीमारियां बढ़ रही हैं। खासकर कणास क्षेत्र में बार-बार डायरिया फैल रहा है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से इस गंभीर समस्या पर तुरंत कार्रवाई करने की मांग की है।