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    'ऐसा कोई काम नहीं करूंगा, जिससे ओडिशा की बदनामी हो'; शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफे पर प्रधान ने तोड़ी चुप्पी

    Updated: Sun, 09 Aug 2026 09:34 AM (GMT+05:30)

    धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफे पर बयान दिया, कहा कि NEET पेपर लीक विरोध-प्रदर्शनों के दौरान 'जेन Z' को गुमराह करने की कोशिश की गई। उन ...और पढ़ें

    धर्मेंद्र प्रधान। फाइल फोटो

    धर्मेंद्र प्रधान। फाइल फोटो

    डिजिटल डेस्क, भुवनेश्वर। बीजेपी नेता और संबलपुर सांसद धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफे को लेकर बड़ा बयान दिया है। शनिवार को भुवनेश्वर की GM यूनिवर्सिटी में छात्रों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि NEET पेपर लीक मामले को लेकर हुए विरोध-प्रदर्शनों के दौरान 'जेन Z' (युवा पीढ़ी) को गुमराह करने की कोशिशें की गईं, जिसके कारण उन्हें केंद्रीय शिक्षा मंत्री का पद छोड़ना पड़ा।

    दिल्ली के जंतर-मंतर पर इस मुद्दे को लेकर हुए भारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच पद छोड़ने के ठीक दो हफ्ते बाद प्रधान उन्होंने चुप्पी तोड़ी। प्रधान ने कहा, "जेन Z हमारे बच्चे हैं। कुछ लोगों ने उन्हें गुमराह करने की कोशिश की। तब मेरा कोई निजी मसला नहीं था।"

    उन्होंने कहा, "भारत में हर साल कम से कम दो करोड़ बच्चे पैदा होते हैं। पिछले 10 सालों में 20 करोड़ बच्चे पैदा हुए। उनकी अपनी उम्मीदें हैं और वे भारत को 'विश्व गुरु' बनाएंगे। मेरे लिए पद महत्वपूर्ण नहीं था।"

    उन्होंने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संपर्क किया था और केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफ़ा देने की पेशकश की थी। प्रधान ने 25 जुलाई को मंत्रालय से इस्तीफा दे दिया था।

    नवीन पटनायक पर साधा निशान 

    प्रधान का ओडिशा में "धर्मेंद्र प्रधान वापस जाओ" के नारों के साथ विरोध भी हुआ। इस पर उन्होंने ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री और BJD अध्यक्ष नवीन पटनायक पर निशाना साधते हुए कहा कि BJD कार्यकर्ताओं के विरोध-प्रदर्शन और वापस जाओ के नारों से उन्हें कोई परेशानी नहीं हुई।

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    न्होंने कहा, "मैं एक किसान का बेटा हूं। अगर आप मुझे वापस जाने के लिए कहेंगे भी, तो भी मैं वापस आऊंगा।" प्रधान ने BJD अध्यक्ष पर युवाओं को उनके खिलाफ विरोध-प्रदर्शन में शामिल करने का आरोप लगाते हुए कहा, "नवीन बाबू मुझे ओडिशा के लोगों के लिए शर्म की बात और बुरा इंसान भी कहते हैं।"

    उन्होंने भीड़ से पूछा, "क्या मैंने कभी ऐसा कुछ किया है, जिससे ओडिशा के लोगों को शर्मिंदगी उठानी पड़े?" उन्होंने कहा, "हो सकता है कि मैं राज्य के लिए कोई बड़ा सम्मान न लाया होऊं, लेकिन मैंने अपने काम से कभी लोगों को शर्मिंदा नहीं किया है। मैं ऐसा कोई काम कभी नहीं करूंगा, जिससे राज्य की बदनामी हो।"

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