शराब के लिए नहीं दिए रुपये, तो पत्नी को पीट-पीटकर मार डाला; शव सेप्टिक टैंक में छिपाया
ढेंकानाल में सुभद्रा योजना के पैसे शराब के लिए न देने पर एक महिला की पति ने पीट-पीटकर हत्या कर ...और पढ़ें

एआई जनरेटेड फोटो
HighLights
सुभद्रा योजना के पैसे न देने पर पत्नी की हत्या।
पति ने शव को सेप्टिक टैंक में छिपाया था।
ढेंकानाल पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार किया।
जागरण संवाददाता, अनुगुल। ओडिशा सरकार द्वारा रक्षा बंधन के दिन जो सुभद्रा योजना की राशि महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए दी गई, उसी पैसे को लेकर ढेंकानाल में एक महिला की जान चली गई।
ढेंकानाल सदर थाना क्षेत्र के इंदिरापुर गांव के जुआंग साही में शुक्रवार देर रात कौसल्या प्रधान की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई।
आरोप है कि सुभद्रा योजना के तहत मिले पैसे शराब खरीदने के लिए देने से मना करने पर पति गिरीश प्रधान ने उस पर हमला किया। मौत के बाद शव को घर के पीछे सेप्टिक टैंक के गड्ढे में दफनाने का भी आरोप है।
पहले योजना की रकम ली, फिर छिड़ा विवाद
परिजनों के अनुसार, कौसल्या और गिरीश शुक्रवार को सुभद्रा योजना की राशि लेने गए थे। घर लौटने के बाद गिरीश ने कथित तौर पर शराब के लिए पत्नी से पैसे मांगे। कौसल्या ने रकम देने से इनकार कर दिया।
इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ। परिवार का आरोप है कि गुस्से में गिरीश ने कौसल्या की बेरहमी से पिटाई कर दी। इसके बाद उसकी मौत हो गई।
चार बच्चों ने खोला राज
शनिवार सुबह मां के घर नहीं मिलने पर चारों बच्चों ने पड़ोसियों को घटना की जानकारी दी। बच्चों ने माता-पिता के बीच हुए झगड़े के बारे में बताया।
संदेह होने पर ग्रामीणों ने आसपास तलाश शुरू की। इसी दौरान सेप्टिक टैंक के गड्ढे में कौसल्या का हाथ दिखाई दिया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
सेप्टिक टैंक से निकला शव, पति गिरफ्तार
सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस वैज्ञानिक टीम के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल भेज दिया।
मामले को कार्यकारी मजिस्ट्रेट के समक्ष भी पेश किया गया। पुलिस ने आरोपी पति गिरीश प्रधान को गिरफ्तार कर लिया है और घटना का सीन रिक्रिएशन कराया है।
जांच में अब यह साफ होगा कि विवाद के बाद वास्तव में क्या हुआ और महिला की मौत किन परिस्थितियों में हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद तस्वीर और स्पष्ट होगी।
एक योजना, एक रकम और उजड़ गया परिवार
सुभद्रा योजना की राशि महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने की उम्मीद है। लेकिन ढेंकानाल की इस घटना ने इस योजना की रकम के दुरुपयोग और घरेलू हिंसा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
चार बच्चों की मां की मौत के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है....जिस पैसे से परिवार का भविष्य संवारना था, वही रकम परिवार की मां की मौत की वजह कैसे बन गई?
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