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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 04, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Odisha Weather: ओडिशा में बाढ़ और बारिश ने मचाया कोहराम, एक लाख से अधिक लोग अब तक प्रभावित, अलर्ट पर कई जिले

    By Jagran NewsEdited By: Arijita Sen
    Updated: Fri, 04 Aug 2023 09:14 AM (IST)

    Odisha Weather News ओडिशा में लगातार हो रही बारिश से बाढ़ जैसी स्थिति उत्‍पन्‍न हो गई है। अब तक 15 जिलों के 90 प्रखंडों के 672 गांव और 17 नगर निकाय के ...और पढ़ें

    ओडिशा में उफान पर महानदी, लगातार बढ़ता जा रहा जलस्‍तर।
    ओडिशा में उफान पर महानदी, लगातार बढ़ता जा रहा जलस्‍तर।

    HighLights

    1. महानदी के निचले हिस्से में जलस्तर बढ़ रहा है।
    2. विशेष राहत आयुक्त सत्यब्रत साहू ने राज्य में बाढ़ की स्थिति पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की।
    3. ब्राह्मणी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है।

    जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। Odisha Weather News: लगातार हो रही बारिश से राज्य में बाढ़ आ गई है। अब तक 15 जिलों के 90 प्रखंडों के 672 गांव और 17 नगर निकाय के 67 वार्ड प्रभावित हुए हैं। बाढ़ से कुल 1.20 लाख लोग प्रभावित हुए हैं, जबकि 6,834 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। यह संख्या अभी और बढ़ने की संभावना है।

    महानदी में बढ़ता जा रहा जलस्‍तर

    वैतरणी और जलका नदियों का जलस्तर घट रहा है, लेकिन महानदी के निचले हिस्से में जलस्तर बढ़ रहा है। इसके कारण कटक, खुर्दा, पुरी, केंद्रपाड़ा और जगतसिंहपुर जिलों के निचले इलाकों में बाढ़ आने की आशंका है।

    ब्राह्मणी नदी का जलस्तर जेनापुर में खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। कानी नदी का तटबंध टूटा है। इसके अलावा और कहीं से तटबंध टूटने की कोई खबर नहीं है।

    राज्‍य में बाढ़ की स्थिति से एक लाख से अधिक लोग प्रभावित

    विशेष राहत आयुक्त सत्यब्रत साहू ने राज्य में बाढ़ की स्थिति पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की।

    एसआरसी के कार्यालय ने राज्य में बाढ़ की स्थिति के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि प्रारंभिक सूचना के अनुसार भारी बारिश और बाढ़ की स्थिति के कारण 15 जिलों में कुल 1.20 लाख लोग प्रभावित हुए हैं।

    6,834 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है और उन्हें सूखा और पका हुआ भोजन तथा पेयजल उपलब्ध कराया गया है। 136 पके हुए भोजन केंद्र खोले गए हैं।

    प्रशासन की स्थिति पर कड़ी नजर

    महानदी बेसिन में खैरमल में 4.72 लाख क्यूसेक, बारामुल में 7.86 लाख क्यूसेक और मुंडुली में 9.18 लाख क्यूसेक पानी बह रहा है। खैरमल और बारामुल में पानी का बहाव कम हो रहा है।

    गुरुवार शाम पांच बजे 9.18 लाख क्यूसेक बाढ़ का पानी मुंडुली में महानदी नदी में बह रहा था, जबकि शाम चार बजे से जलस्तर स्थिर बना हुआ है।

    नराज में महानदी का जलस्तर बढ़ने से कटक, पुरी, जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा और खुर्दा जिलों के निचले इलाकों में बाढ़ आने की आशंका है। इन जिलों में जिला प्रशासन स्थिति पर करीब से नजर रखे हुए हैं।

    नदियों के जलस्‍तर में उतार-चढ़ाव

    इसी तरह ब्राह्मणी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। जेनापुर में ब्राह्मणी नदी का जलस्तर 23 मीटर है, जबकि शाम चार बजे से जलस्तर 22.20 मीटर पर स्थिर है। दोपहर 3 बजे तक बालेश्वर जिले के मथानी में जलका नदी में जलस्तर घट रहा है।

    उधर, वैतरणी नदी का जलस्तर अखुआपदा में तेजी से घट रहा है। यहां खतरे का निशान 17.83 मीटर है, जबकि यह 19.44 मीटर पर बह रहा है और धीरे-धीरे कम हो रहा है। इसी तरह आनंदपुर में भी जलस्तर घट रहा है।

    एसआरसी के कार्यालय ने कहा कि भद्रक और जाजपुर जिला प्रशासन स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। राज्य में आपातकालीन संचालन केंद्र स्थापित किए गए हैं और एसआरसी का कार्यालय स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रहा है।

    अलर्ट पर संबंधित जिलों के अधिकारी 

    जल संसाधन विभाग के शीर्ष अभियंता भक्तरंजन मोहंती ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि कानी नदी में छोटे बांध के टूटने की खबरें आई हैं, लेकिन इसकी मरम्मत की जा रही है। तटबंध के टूटने की स्थिति कहीं और नहीं है। इस क्षेत्र में कोई बड़ी बाढ़ नहीं आएगी। हम छोटी से मध्यम बाढ़ की उम्मीद कर रहे हैं।

    खबरें और भी

    महानदी के निचले हिस्से में जलस्तर बढ़ने की संभावना है। नयागढ़, कटक, जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा, पुरी, खुर्दा के जिला कलेक्टरों और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को अलर्ट पर रखा गया है। मोहंती ने कहा, 'कणास, पुरी के अस्तरंग, जगतसिंहपुर जिले के इरसमा और केंद्रपाड़ा जिले के निचले इलाकों में बाढ़ आने की आशंका है।'