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    सटीक निशाना, अचूक वार: भारत ने किया स्वदेशी 'पिनाका' लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट का सफल परीक्षण

    By Agency Edited By: Rajat Mourya
    Updated: Wed, 08 Jul 2026 09:34 PM (GMT+05:30)

    भारत ने 8 जुलाई को ओडिशा के चांदीपुर में पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट (LRGR) का सफल उड़ान परीक्षण किया। इस स्वदेशी रॉकेट को मौजूदा पिनाका लॉन्चर से ...और पढ़ें

    भारत ने पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट का किया सफल परीक्षण (सौजन्य- डीआरडीओ)

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    एजेंसी, भुवनेश्वर। भारत ने बुधवार यानी 8 जुलाई को ओडिशा के चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज से पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट (LRGR) का सफलतापूर्वक उड़ान परीक्षण पूरा किया। अधिकारियों ने बताया कि इस रॉकेट को 60 किलोमीटर की न्यूनतम निर्धारित सीमा (रेंज) के लिए परखा गया।

    रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह सफल परीक्षण 8 जुलाई को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा किया गया।

    अधिकारी ने बताया कि परीक्षण के दौरान, इस रॉकेट ने योजना के अनुरूप हवा में सभी पैंतरेबाजियों का शानदार प्रदर्शन किया।

    अधिकारियों ने इस बात की भी पुष्टि की है कि रॉकेट ने अपने निर्धारित पथ पर चलते हुए लक्ष्य पर बिल्कुल सटीक निशाना साधा। उड़ान के पूरे रास्ते में वहां तैनात सभी उपकरणों ने इस रॉकेट की ट्रैकिंग की।

    ARDE और HEMRL ने मिलकर किया डिजाइन

    इस हाईटेक पिनाका LRGR को आर्मामेंट रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट (ARDE) और हाई एनर्जी मैटेरियल्स रिसर्च लेबोरेटरी (HEMRL) ने मिलकर डिजाइन किया है। इस प्रोजेक्ट में डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट लेबोरेटरी (DRDL) और रिसर्च सेंटर इमारत (RCI) ने भी अपना महत्वपूर्ण सहयोग दिया है।

    मंत्रालय के बयान के मुताबिक, इस उड़ान परीक्षण का समन्वय ITR और प्रूफ एंड एक्सपेरिमेंटल एस्टेब्लिशमेंट द्वारा किया गया।

    पिनाका लॉन्चर की बहुमुखी क्षमता

    सबसे खास बात यह रही कि इसे सेना में पहले से मौजूद पिनाका लॉन्चर से ही दागा गया। यह इस लॉन्चर की बहुमुखी क्षमता को साबित करता है, जिससे एक ही लॉन्चर के जरिए अलग-अलग रेंज वाले पिनाका वेरिएंट्स को लॉन्च किया जा सकता है।

    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दी बधाई

    इस बड़ी सफलता पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने DRDO, भारतीय सेना और रक्षा उद्योग से जुड़े सभी लोगों को बधाई दी है। उन्होंने इस उपलब्धि को लंबी दूरी के गाइडेड रॉकेटों के स्वदेशी डिजाइन और विकास की दिशा में एक "बड़ा मील का पत्थर" बताया।

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    रक्षा सचिव और DRDO के अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह ने भी इस पूरे परीक्षण पर करीब से नजर रखी और इस सफलता के लिए पूरी टीम के प्रयासों की जमकर सराहना की।

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