Odisha News: झारसुगुड़ा स्टेशन पर शॉर्ट सर्किट से भीषण आग, हाई टेंशन तार में विस्फोट; ट्रेनें प्रभावित
झारसुगुड़ा रेलवे स्टेशन के टेलीफोन व सिग्नल कार्यालय में शॉर्ट सर्किट से भीषण आग लग गई। फुट ओवरब्रिज निर्माण के दौरान सामग्री हाई टेंशन तार पर गिरने स ...और पढ़ें

HighLights
शॉर्ट सर्किट से झारसुगुड़ा स्टेशन के टीएंडएस कार्यालय में आग।
निर्माण सामग्री गिरने से हाई टेंशन तार में हुआ विस्फोट।
संचार व्यवस्था ठप, ट्रेनों का संचालन रोकना पड़ा, फिर बहाल।
संवाद सूत्र, झारसुगुड़ा। शॉर्ट सर्किट से झारसुगुड़ा जंक्शन के टेलीफोन व सिग्नल कार्यालय (टीएंडएस) में भीषण आग लगने से स्टेशन की पूरी संचार व्यवस्था ठप हो गई। सुबह करीब 11 बजे हुई इस घटना से स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी मच गई और ट्रेनों का संचालन रोकना पड़ा। प्राथमिक तौर पर निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी को हादसे की बड़ी वजह बताया जा रहा है, हालांकि रेलवे ने कहा है कि निष्पक्ष जांच के बाद ही पूरी सच्चाई सामने आएगी।
जानकारी के अनुसार, झारसुगुड़ा स्टेशन के पुराने फुट ओवरब्रिज के विस्तार कार्य के दौरान मजदूरों की लापरवाही से निर्माण सामग्री ओवरहेड हाई टेंशन वायर 25,000 वोल्ट पर गिर पड़ी। इससे जोरदार विस्फोट के साथ तार टूटकर नीचे गिरा, जहां टेलीफोन व सिग्नल केबल बिछी हुई थी। तार गिरते ही केबल में शॉर्ट सर्किट हो गया और आग भड़क उठी।

देखते ही देखते आग की लपटें टीएंडएस कार्यालय तक पहुंच गईं और वहां से उठता घना काला धुआं पूरे स्टेशन क्षेत्र में फैल गया। घटना के तुरंत बाद प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर खड़े यात्रियों और आम लोगों को आरपीएफ, जीआरपी और रेलकर्मियों ने सुरक्षित बाहर निकाला। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं।

घने धुएं के कारण दमकलकर्मियों को अंदर घुसने में काफी दिक्कत हुई। बाद में विभाग की विशेष टीम ने मास्क और ऑक्सीजन सिलेंडर के साथ अंदर जाकर करीब ढाई घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग में टीएंडएस कार्यालय पूरी तरह जल गया, जबकि इससे सटे उप-स्टेशन मैनेजर, पूछताछ कार्यालय सहित सात से अधिक दफ्तर भी इसकी चपेट में आ गए।
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नुकसान का विस्तृत आकलन फिलहाल नहीं हो सका है। हादसे के तुरंत बाद हाई टेंशन लाइन की बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई और संचार व्यवस्था ठप होने से पूर्वाह्न 11 बजे से ट्रेनों का आवागमन रोक दिया गया। बाद में रेलवे की सेफ्टी टीम ने टूटे हाई टेंशन तार को जोड़कर ऊर्जा आपूर्ति बहाल की।

स्टेशन मैनेजर एम बेऊरा ने बताया कि दोपहर करीब 1 बजे संचार व्यवस्था आंशिक रूप से सामान्य हो गई और 2 बजे से इस मार्ग पर ट्रेनों का आवागमन भी सामान्य रूप से शुरू कर दिया गया। इधर, हादसे के बाद टाउन पुलिस अधिकारी भी घटनास्थल पहुंचे और रेल पुलिस के साथ मिलकर व्यवस्था संभाली।
प्रारंभिक संकेतों में दुर्घटना का प्रमुख कारण निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन न करना सामने आया है। झारसुगुड़ा स्टेशन के विस्तार के तहत फुट ओवरब्रिज पर काम चल रहा था, जहां बिना पर्याप्त सुरक्षा उपायों के ऊपरी तारों के पास सामग्री गिरने से यह हादसा हुआ।
सीनियर डीसीएम आदित्य चौधरी ने कहा कि ओवरहेड वायर में तकनीकी खराबी (डिफेक्ट) की भी जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि घटना की विभाजित (डिटेल्ड) जांच के लिए समिति गठित की गई है। रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक कारणों व क्षति का स्पष्ट आंकलन किया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है और वर्तमान स्थिति पूरी तरह सामान्य है। नुकसान कितना हुआ है, यह जांच के बाद ही बताया जा सकेगा।