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8 दिन से पानी में घिरे 40 परिवार, डर के साये में कट रही जिंदगी; ओडिशा के केंद्रापड़ा में बाढ़ का कहर

Updated: Sat, 22 Aug 2026 10:06 AM (IST)

ओडिशा के केंद्रापड़ा जिले में बैतरणी नदी की बाढ़ से कानपुर कैमा गांव के करीब 40 परिवार आठ दिनों से घिरे हैं, जहां घुटनों तक पानी भरा है और जनजीवन अस्त-व्यस्त है।

केंद्रीपाड़ा में बाढ़। फोटो जागरण

केंद्रीपाड़ा में बाढ़। फोटो जागरण

HighLights

  1. केंद्रापड़ा में 40 परिवार 8 दिन से बाढ़ में फंसे।

  2. घुटनों तक पानी, सड़क संपर्क टूटा, जनजीवन अस्त-व्यस्त।

  3. ग्रामीणों ने स्थायी बांध निर्माण और राहत की मांग की।

जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। ओडिशा के केंद्रापड़ा जिले में बाढ़ का संकट अभी भी टला नहीं है। राजकनिका ब्लॉक की बरहाडोमांडा पंचायत के कानपुर कैमा गांव में करीब 40 परिवार पिछले आठ दिनों से बैतरणी नदी के बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं।

गांव में घुटनों तक पानी भरा है और लोगों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। घरों में पानी घुसने से परिवारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि गांव तीन ओर से नदियों के पानी से घिर चुका है। सड़क संपर्क टूट जाने के कारण लोग गांव से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। खाद्य सामग्री, पीने के पानी और अन्य आवश्यक वस्तुओं की व्यवस्था करना भी चुनौती बन गया है।

लगातार जलभराव के कारण इलाके में सांप, अन्य विषैले जीव और मगरमच्छों की आवाजाही बढ़ गई है, जिससे लोगों में दहशत का माहौल है।

गांव के एक निवासी ने बताया कि पिछले आठ दिनों से पूरा गांव पानी में डूबा हुआ है। लोगों को घरों के भीतर ही रहने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि राहत सामग्री तो पहुंची, लेकिन काफी देर से मिली। ग्रामीणों ने सरकार से स्थायी समाधान के लिए बांध निर्माण की मांग की है ताकि हर साल आने वाली बाढ़ से राहत मिल सके।

बाढ़ का सबसे अधिक असर छोटे बच्चों और महिलाओं पर पड़ा है। कई मकान पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं, जिसके कारण परिवारों को अपने घर छोड़कर पड़ोसियों के सुरक्षित मकानों के बरामदों में शरण लेनी पड़ रही है।

एक महिला ने बताया कि चारों ओर पानी होने से हालात बेहद कठिन हो गए हैं। छोटे बच्चों के साथ रहना मुश्किल हो रहा है और मगरमच्छ व सांपों के डर ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से राहत कार्यों में तेजी लाने और क्षेत्र के लिए दीर्घकालिक बाढ़ प्रबंधन योजना तैयार करने की मांग की है। हालांकि प्रशासन की ओर से राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है, लेकिन पानी नहीं उतरने से लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। गांव के लोग अब भी सामान्य स्थिति बहाल होने और सुरक्षित जीवन की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

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