Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 10, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    खल्लीकोट की रानी और 10 बार की विधायक का निधन, ओडिशा के CM, धर्मेंद्र प्रधान समेत इन हस्तियों ने जताया दुख

    By Sheshnath Rai Edited By: Shashank Shekhar
    Updated: Sat, 10 Feb 2024 01:58 PM (GMT+05:30)

    खल्लीकोट की रानी विशिष्ट राजनीतिज्ञ तथा खल्लीकोट विधानसभा क्षेत्र की पूर्व विधायक वी. सुज्ञान कुमारी देव का निधन हो गया है। इलाज के दौरान चेन्नई के एक ...और पढ़ें

    पूर्व विधायक वी. सुज्ञान कुमारी देव का फाइल फोटो एवं नवीन पटनायक द्वारा ट्वीट की गई तस्वीर।
    पूर्व विधायक वी. सुज्ञान कुमारी देव का फाइल फोटो एवं नवीन पटनायक द्वारा ट्वीट की गई तस्वीर।

    HighLights

    1. पूर्व विधायक देव पहली बार 1963 में ओडिशा विधानसभा के लिए चुनी गईं
    2. राजनीतिक जीवन में खल्लीकोट-कविसूर्यनगर क्षेत्र से 10 बार चुनाव जीतीं।

    जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। खल्लीकोट की रानी, विशिष्ट राजनीतिज्ञ तथा खल्लीकोट विधानसभा क्षेत्र की पूर्व विधायक वी. सुज्ञान कुमारी देव का निधन हो गया है। इलाज के दौरान चेन्नई के एक निजी अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस लीं।

    शुक्रवार को मुख्यमंत्री नवीन पटनायक चेन्नई जाकर सुज्ञान कुमारी देव से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली थी। हालांकि, आज देर रात 12:44 बजे उनका निधन हो गया। निधन के समय उनकी उम्र 87 वर्ष थी।

    पूर्व विधायक देव पहली बार 1963 में ओडिशा विधानसभा के लिए चुनी गईं और अपने राजनीतिक जीवन में खल्लीकोट और कविसूर्यनगर निर्वाचन क्षेत्रों से 10 बार चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंची। वह खल्लीकोट के शाही परिवार से ताल्लुक रखती थीं।

    1963 में कांग्रेस की टिकट पर विधानसभा के लिए चुनी गईं

    एक राजनेता के अलावा एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में भी देव की खास पहचान रही है। उनका जन्म 5 अगस्त, 1937 को चेन्नई में हुआ था। उनके पिता का नाम राजा आर वी एम मिलाद्री देव और उनके पति पूर्णचंद्र मर्दाराज देव थे। वह 1963, 1974, 1977, 1985, 1990, 1995, 2000, 2004, 2009 और 2014 में विधायक चुनी गईं।

    देव पहली बार 1963 में कांग्रेस के टिकट पर राज्य विधानसभा के लिए चुने गई थी। उन्होंने चुनाव जीता और उत्कल कांग्रेस नेता के रूप में 1974-1977 तक फिर से विधायक रहीं।वह जनता दल के टिकट पर 1977-1980 तक तीसरी बार खल्लीकोट की विधायक बनीं।

    वह 1985-1990 तक के लिए चौथी बार विधानसभा की सदस्य बनीं। वह 1990-95 में पांचवीं बार खल्लीकोट से चुनी गईं। इसके बाद उन्होंने 1995-2000 में जनता दल से भी चुनाव भी जीता। वह 2009-2014 और 2014-2019 से दो कार्यकालों के लिए कविसूर्यनगर से बीजद के टिकट पर चुनी गई थीं। स्व. देव ओडिशा विधानसभा की विभिन्न समितियों की रही। हालांकि, वह 10 बार विधायक रहने के बावजूद कभी मंत्री बनने की इच्छा जाहिर नहीं की।

    नवीन पटनायक ने निधन पर जताया गहरा दुख 

    उनके निधन पर मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने शोक व्यक्त करने के साथ ही अपने साथ की एक पुरानी तस्वीर को ट्वीट किया है। मुख्यमंत्री ने लिखा है कि कुमारी देव के निधन की खबर सुनकर मैं अत्यंत ही दुखित हूं।बीजद संगठन को मजबूत बनाने में आपकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। 10 बार विधायक बनकर आपने जनसेवा के क्षेत्र में आपने अमिट छाप छोड़ी है। आपका निधन अपूरणीय क्षति है। आपकी अमर आत्मा की सद्गति की कामना करता हूं और इस दुख की घड़ी में शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदन प्रकट करता हूं।

    खबरें और भी

    धर्मेंद्र प्रधान ने भी जताया दुख 

    वहीं, केन्द्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ट्वीट कर लिखा है कि प्रसिद्ध राजनेता, पूर्व विधायक और खल्लीकोट रानी बी.सुज्ञान कुमारी देव के दुखद निधन के बारे में जानकर गहरा दुख हुआ है। वह ओडिशा में बहुत लोकप्रिय शख्सियत थीं। उनके निधन के साथ ही ओडिशा ने एक मुखर नेता खो दिया। राज्य की राजनीति में जन प्रतिनिधि के रूप में समाज के प्रति उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। उनकी आत्मा को शांति मिले। मैं शोक संतप्त परिवार के सदस्यों के प्रति भी अपनी सहानुभूति व्यक्त करता हूं। ओम शांति।

    भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बैजयंत पांडा ने शोक प्रकट किया  

    भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बैजयंत पांडा ने ट्वीट कर लिखा है कि रानी सुज्ञान कुमारी देव विरल व्यक्तित्व थीं, जिन्हें कभी सत्ता और शक्ति का लालच नहीं था। उन्होंने अपने लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए ओडिशा विधानसभा में विधायक के रूप में दस बार खल्लीकोट और कविसूर्यनगर का प्रतिनिधित्व किया।वह एक रोल मॉडल थीं, हमेशा मेरे प्रति बहुत दयालु थीं, और मेरे कठिन समय के दौरान मुझे प्रोत्साहित और आश्वस्त करती थीं। ओम शांति।

    ये भी पढ़ें: Odisha Crime : नीलगिरी डबल मर्डर हत्याकांड की गुत्थी सुलझी, एक महिला समेत छह गिरफ्तार; एक फरार

    ये भी पढ़ें: ओडिशा में घुमाए गए अर्पण रथ से मिली 3 करोड़ रु. से अधिक की दक्षिणा, पुरी जगन्नाथ मंदिर के बैंक खाते में जमा की जाएगी धनराशि