यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 31, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Lok Sabha Election: 'कांग्रेस को देनी होगी अधिक कुर्बानी' I.N.D.I.A में सीट बंटवारे पर फिर फंसा पेंच; इस पार्टी ने रखी ये शर्त
ओडिशा में इंडी गठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर बैठक हुई। बैठक में सीपीआई एवं कांग्रेस के बीच चर्चा हुई है। सीपीआई ने दो संसदीय और 17 विधानसभा सीटों पर ...और पढ़ें

HighLights
- सीट बंटवारे को लेकर इंडी गठबंधन की पहली बैठक
- दूसरे दौर की वार्ता 5 फरवरी को होने की संभावना
जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। ओडिशा में इंडी गठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर बैठक हुई है। इस बैठक में सीपीआई एवं कांग्रेस नेतृत्व के बीच चर्चा हुई है। सीपीआई ने राज्य में दो संसदीय और 17 विधानसभा सीटों पर दावा पेश किया है।
सीट बंटवारे को लेकर विभिन्न राज्यों में इंडी गठबंधन के दलों के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है। हालांकि, कांग्रेस समेत सहयोगी दल ओडिशा में ऐसी स्थिति से बचने की कोशिश कर रहे हैं।
ओडिशा में इस गठबंधन के सीट बंटवारे को राज्य की विशेष स्थिति को महत्व दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक, सीपीआई नेता अभय साहू ने पीसीसी अध्यक्ष शरत पटनायक और पूर्व अध्यक्ष प्रसाद हरिचंदन से चर्चा की। सीपीआई ने जगतसिंहपुर और आसिका संसदीय क्षेत्र तथा जगतसिंहपुर, गंजाम, बालेश्वर, जाजपुर और कालाहांडी जिलों में 17 विधानसभा सीटों की मांग की है।
हालांकि, कांग्रेस ने इस मांग पर अभी तक कोई फैसला नहीं लिया है। कांग्रेस का कहना है कि राज्य कांग्रेस प्रभारी अजय कुमार और अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ चर्चा के बाद सीट बंटवारे के समझौते की घोषणा की जाएगी।
कांग्रेस को अधिक बलिदान देना होगा- CPI
सीपीआई के राज्य सचिव अभय साहू ने कहा है कि कांग्रेस देश की एक प्रमुख राजनीतिक पार्टी है। इसलिए, यदि 'इंडी' गठबंधन को सांप्रदायिक ताकतों का सामना करना है तो कांग्रेस को अधिक बलिदान देना होगा। राज्य में भाजपा-बीजद के बीच रहने वाला अंदरूनी गठबंधन के बारे में सबको पता चल गया है।
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आगामी चुनाव में राष्ट्रीय स्तर के मुद्दों के साथ-साथ ओडिशा का मुद्दा भी काफी अहम रहने वाला है। सीट बंटवारे को लेकर पहले दौर की वार्ता हुई है। साहू ने कहा कि अगले कुछ दिनों में दूसरे दौर की बातचीत में सीटों के बंटवारे की साफ तस्वीर उभरकर सामने आएगी।
उधर, कांग्रेस अगले कुछ दिनों में अन्य सहयोगियों के साथ बातचीत करेगी। दूसरे दौर की वार्ता पांच फरवरी को होने की उम्मीद है।
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