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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 02, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Odisha News : 'लापता क्वार्टर' की तलाश तेज; फाइलें जब्त, अफसर पूछ रहे- कहां गायब हो गया?

    By Jagran NewsEdited By: Yogesh Sahu
    Updated: Sat, 02 Dec 2023 12:18 PM (IST)

    Odisha News ओडिशा में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां केंद्रपाड़ा जिले में एक पंचायत के कार्यकारी अधिकारी के लिए लाखों रुपये खर्च करके ...और पढ़ें

    Odisha News : 'लापता क्वार्टर' की तलाश तेज; फाइलें जब्त, अफसर पूछ रहे- कहां गायब हो गया?
    Odisha News : 'लापता क्वार्टर' की तलाश तेज; फाइलें जब्त, अफसर पूछ रहे- कहां गायब हो गया?

    संतोष कुमार पांडेय, अनुगुल। एक आश्चर्यजनक घटना में केंद्रपाड़ा जिले के कोइलीपुर पंचायत के कार्यकारी अधिकारी के रहने के लिए बनाई गई एक सरकारी इमारत निर्माण किए गए स्थान से गायब है।

    पंचायत कार्यालय के दस्तावेजों के अनुसार, पंचायत कार्यकारी अधिकारी के रहने का क्वार्टर लगभग 6.22 लाख रुपये की कीमत में वर्ष 2020 में बनाया गया था। परंतु, वह क्वार्टर अपने स्थान से गायब है।

    ऐसे सामने आया मामला

    यह मामला तब प्रकाश में आया, जब पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी विवेकानंद मल्लिक ने क्वार्टर के बारे में पूछताछ की। चार महीने पहले ही यहां तैनात हुए मल्लिक ने कहा कि किसी ने मेरे लिए आधिकारिक क्वार्टर नहीं बनाया है।

    उन्होंने कहा कि बल्कि यह इमारत केवल कागजों पर ही मौजूद है। कोइलीपुर ग्राम पंचायत के सरपंच दिलीप राउत ने बताया कि मुझे हाल ही में पता चला कि 2020 में पंचायत ने पंचायत कार्यकारी अधिकारी के रहने के लिए इसे बनवाया था।

    सरपंच राउत ने बताया कि क्वार्टर के निर्माण के लिए 6 लाख रुपये से अधिक का भुगतान किया गया है, लेकिन क्वार्टर मौजूद नहीं है। सरपंच ने कहा कि मैंने जिला प्रशासन से इस मामले की जांच करने का आग्रह किया है।

    हड़कंप मचा तो जिला प्रशासन ने शुरू की जांच

    केंद्रापाड़ा जिला प्रशासन ने इस खुलासे के बाद जांच शुरू कर दी है। राजनगर के खंड विकास अधिकारी निसान मिश्रा ने कहा कि 'लापता क्वार्टर' के बारे में पता चलने के बाद जांच शुरू कर दी गई है। पंचायत कार्यालय से कुछ फाइलें जब्त कर ली गई हैं।

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    मिश्रा ने यह भी कहा कि प्रारंभिक जांच के दौरान हमें पता चला है कि इमारत का निर्माण नहीं किया गया था, लेकिन क्वार्टर के निर्माण के लिए ठेकेदार को 2020 में 6.22 लाख रुपये का भुगतान किया गया था।

    ठेकेदार की ओर से इमारत की तस्वीरें जमा करना अनिवार्य है। परंतु आधिकारिक फाइल में हमें कोई भी फोटो नहीं मिली है। मिश्रा ने कहा कि भ्रष्टाचार में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

    भाजपा बोली- दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो

    इधर, इस खुलासे के बाद भाजपा ने दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वरिष्ठ भाजपा नेता और राजनगर की पूर्व विधायक लेखा जेना ने कहा कि भ्रष्ट अधिकारियों और पंचायत निकाय के सदस्यों ने ठेकेदारों के साथ स्पष्ट सांठगांठ करके पैसे की हेराफेरी की है। जिला प्रशासन को घोटाले में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए।

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