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    नुआपड़ा उपचुनाव: 14 नवंबर को 26 राउंड में त्रिस्तरीय सुरक्षा के बीच मतगणना, 83% रिकॉर्ड मतदान

    By SHESH NATH RAIEdited By: Nishant Bharti
    Updated: Thu, 13 Nov 2025 11:53 AM (IST)

    नुआपड़ा उपचुनाव की मतगणना 14 नवंबर को होगी। नेशनल कॉलेज में त्रिस्तरीय सुरक्षा के बीच 26 राउंड में मतगणना होगी। मतपत्रों की गिनती सुबह 8 बजे शुरू होगी ...और पढ़ें

    नुआपड़ा उपचुनाव

    नुआपड़ा उपचुनाव

    HighLights

    1. 14 नवंबर को नुआपड़ा उपचुनाव की मतगणना

    2. मतगणना के लिए त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था

    3. उपचुनाव में 83% से अधिक रिकॉर्ड मतदान

    जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। नुआपड़ा उपचुनाव का परिणाम शुक्रवार 14 नवम्बर को घोषित किया जाएगा।इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मतगणना नुआपड़ा नेशनल कॉलेज में की जाएगी, जहां त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है।वकुल 26 राउंड में मतगणना की जाएगी और 358 मतदान केंद्रों के लिए 14 टेबलों पर मतगणना की व्यवस्था की गई है।

    मिली जानकारी के मुताबिक मतपत्र (बैलट पेपर) की गिनती सुबह 8 बजे शुरू होगी, जिसके 30 मिनट बाद ईवीएम की गिनती शुरू होगी।मतगणना प्रक्रिया में शामिल कर्मियों को पूरी तरह प्रशिक्षित किया गया है और पारदर्शी एवं शांतिपूर्ण प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा किया गया है।

    83 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज 

    गौरतलब है कि नुआपड़ा उपचुनाव में 83 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया, जो इस क्षेत्र में अब तक के सबसे अधिक मतदानों में से एक है।सभी राजनीतिक दलों ने मतदाताओं की इस सक्रिय भागीदारी पर उत्साह व्यक्त किया है।

    राजनीतिक जानकारों का कहना है कि इस बार उच्च मतदान के पीछे स्थानीय और मौसमी कारण भी जिम्मेदार रहे। नुआखाई पर्व के बाद आम तौर पर नुआपड़ा के लोग रोजगार की तलाश में ओडिशा के बाहर चले जाते हैं।हालांकि इस बार उपचुनाव का समय धान की खेती के मौसम से मेल खाने के कारण बड़ी संख्या में स्थानीय लोग अपने गांवों में ही रहे, जिससे रिकॉर्ड तोड़ मतदान संभव हो सका।

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    बीजद नेता के निधन के बाद उपचुनाव

    गौरतलब है कि नुआपड़ा उप चुनाव वरिष्ठ बीजद नेता राजेन्द्र ढोलकिया के निधन के बाद हुआ है।हालांकि चुनाव से पहले नुआपड़ा में राजनीतिक सरगर्मी खूब देखने को मिली। 

    खासकर स्व. राजेन्द्र ढोलकिया के बेटे को ही बीजू जनता दल भी अपना उम्मीदवार बनाने वाली थी, मगर नाम घोषणा में देरी होने से स्व.ढोलकिया के बेटे जय ढोलकिया बीजद छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए और भाजपा ने उन्हें अपना उम्मीदवार बना दिया। 

    इसके बाद बीजद ने वरिष्ठ नेत्री स्नेहांगिनी छुरिया को चुनाव मैदान में उतारा वहीं कांग्रेस ने घासीराम माझी को अपना उम्मीदवार बनाया है।इनके साथ ही कुल 14 उम्मीदवार चुनाव मैदान में रहे जिनके भाग्य का फैसला ईवीएम मशीन में कैद हो गया है।अब शुक्रवार को इन सभी उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला होगा।