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ओडिशा में 5 ओरंगुटान की तस्करी, CCTV फुटेज में दिखी काली SUV; जांच एजेंसियों की तलाश तेज

By Agency Edited By: Rajat Mourya
Published: Wed, 09 Sep 2026 05:26 PM (IST)

ओडिशा के बालासोर जिले के एक जंगल में 5 दुर्लभ ओरंगुटान मिलने से अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव तस्करी का संदेह गहरा गया ...और पढ़ें

ओडिशा में 5 ओरंगुटान की तस्करी, CCTV फुटेज में दिखी संदिग्ध काली SUV

ओडिशा में 5 ओरंगुटान की तस्करी, CCTV फुटेज में दिखी संदिग्ध काली SUV

HighLights

  1. बालासोर जंगल में 5 दुर्लभ ओरंगुटान मिले, हड़कंप।

  2. अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव तस्करी का मामला, जांच जारी।

  3. संदिग्ध काली एसयूवी और सीसीटीवी फुटेज अहम सुराग।

पीटीआई, भुवनेश्वर। बालासोर जिले के एक जंगल में अचानक 5 दुर्लभ ओरंगुटान (विदेशी बंदर) मिलने से हड़कंप मच गया है। माना जा रहा है कि यह एक अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव तस्करी से जुड़ा मामला है और इसे सुलझाने के लिए पुलिस और जांच एजेंसियों का पूरा फोकस अब एक सीसीटीवी (CCTV) फुटेज और उसमें नजर आई एक संदिग्ध काली एसयूवी (SUV) पर टिक गया है।

काली SUV और CCTV फुटेज से खुलेगा राज

मंगलवार सुबह बालासोर के भोगराई ब्लॉक स्थित बिचित्रपुर के कैसुआरीना जंगल में स्थानीय लोगों ने इन विदेशी जानवरों को पेड़ों से चिपके हुए देखा था। जब पुलिस और वन विभाग की टीमों ने घर-घर जाकर जानकारी जुटाई, तो ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने सोमवार रात जंगल के पास एक काली एसयूवी देखी थी।

स्थानीय पुलिस ने जब इलाके के सीसीटीवी कैमरों की जांच की, तो फुटेज में भी यह काली गाड़ी कैद मिली। अधिकारियों का मानना है कि यह एसयूवी ही इस पूरे मामले की सबसे अहम कड़ी है।

पुलिस का कहना है कि इस गाड़ी और इसके मालिक का सुराग मिलते ही यह साफ हो जाएगा कि इन विदेशी जानवरों को बालासोर तक कैसे और कौन लाया।

अन्य जगहों के CCTV भी खंगाल रही है पुलिस

तस्करों के नेटवर्क को ट्रैक करने के लिए राज्य सरकार कोई कसर नहीं छोड़ रही है। वन और पर्यावरण मंत्री गणेश राम सिंहखुंटिया ने बताया कि तस्करों के रूट का पता लगाने के लिए अब राज्य के सभी हवाई अड्डों, बंदरगाहों और प्रमुख रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज भी बारीकी से चेक किए जा रहे हैं।

इसके अलावा, समुद्री रास्ते से तस्करी की आशंका को देखते हुए भारतीय तटरक्षक बल से भी जानकारी मांगी गई है।

अंतरराष्ट्रीय तस्करी का शक

बता दें कि ओरंगुटान भारत में नहीं पाए जाते (ये मलेशिया, इंडोनेशिया, बोर्नियो और सुमात्रा के मूल निवासी हैं) और अंतरराष्ट्रीय बाजार में एक ओरंगुटान की कीमत 20 से 25 लाख रुपये तक होती है, इसलिए इसके पीछे किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय गिरोह का हाथ माना जा रहा है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए ओडिशा पुलिस की एसटीएफ और वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो ने संयुक्त जांच शुरू कर दी है।

नंदनकानन चिड़ियाघर में सुरक्षित हैं जानवर

रेस्क्यू किए गए पांचों ओरंगुटान (जिनमें तीन नर और दो मादा हैं) की उम्र छह महीने से एक साल के बीच है। फिलहाल इन्हें भुवनेश्वर के नंदनकानन जूलॉजिकल पार्क में वातानुकूलित क्वारंटाइन में रखा गया है, जहां पशु चिकित्सकों की टीम उनकी निगरानी कर रही है।

राज्य सरकार ने केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण से इन जानवरों को स्थायी रूप से नंदनकानन में ही रखने की अनुमति भी मांगी है।

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