Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    ओडिशा कैबिनेट का फैसला: 7 विभागों के 13 प्रस्तावों पर मोहर, ₹2496 करोड़ की कृषि सब्सिडी योजना मंजूर

    Updated: Wed, 15 Jul 2026 12:37 PM (GMT+05:30)

    ओडिशा मंत्रिमंडल ने सात विभागों के 13 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी, जिनमें ग्रामीण संपर्क, कृषि, सहकारिता और मत्स्य पालन पर विशेष ध्यान दिया गया ...और पढ़ें

    ओडिशा कैबिनेट। फाइल फोटो

    ओडिशा कैबिनेट। फाइल फोटो

    HighLights

    1. मुख्यमंत्री सड़क योजना का विस्तार, 4,000 करोड़ रुपये का प्रावधान।

    2. कृषि सब्सिडी योजना जारी रहेगी, कृषि उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा।

    3. ओडिशा कृषि उपज बाजार अधिनियम निरस्त, नया कानून आएगा।

    जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। ओडिशा मंत्रिमंडल ने मंगलवार को सात विभागों से जुड़े 13 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी। इन फैसलों में ग्रामीण संपर्क, कृषि, सहकारिता सुधार, मत्स्य पालन और उपभोक्ता सेवाओं को विशेष प्राथमिकता दी गई है। कैबिनेट बैठक के बाद मुख्य सचिव अनु गर्ग ने इसकी जानकारी दी।

    कैबिनेट ने मुख्यमंत्री सड़क योजना (एमएमएसवाई) को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक अगले पांच वर्षों के लिए जारी रखने को मंजूरी दी। इसके लिए 4,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

    योजना के तहत लगभग 4,607 किलोमीटर नई सड़कों का निर्माण तथा 115 किलोमीटर लंबित सड़क परियोजनाओं को पूरा किया जाएगा। इसका उद्देश्य राज्य के दूरदराज ग्रामीण क्षेत्रों को बारहमासी सड़क संपर्क उपलब्ध कराना और सड़क अवसंरचना को मजबूत करना है।

    इसके अलावा, कैबिनेट ने एमएमएसवाई–इम्प्रूवमेंट टू एग्जिस्टिंग आरडी रोड्स योजना को भी वर्ष 2025-26 से 2029-30 तक जारी रखने की मंजूरी दी। 5,750 करोड़ रुपये की लागत वाली इस योजना के तहत करीब 17,500 किलोमीटर ग्रामीण विकास सड़कों का उन्नयन किया जाएगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा, बाजार, पर्यटन स्थलों और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंच आसान होगी।

    मंत्रिमंडल ने सेतु बंध योजना को भी अगले पांच वर्षों के लिए बढ़ाने का निर्णय लिया है। इसके तहत राज्य भर में 3,167 पुराने पुलों की मरम्मत, सुदृढ़ीकरण और उन्नयन किया जाएगा, जिससे आवागमन सुरक्षित और सुगम हो सकेगा।

    कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए कैबिनेट ने राज्य कृषि नीति के अंतर्गत सब्सिडी योजना को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दी। इस योजना पर 2,496.40 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

    योजना का उद्देश्य कृषि, उद्यानिकी, मत्स्य पालन, पशु संसाधन और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्रों में व्यावसायिक उद्यमों को पूंजीगत सब्सिडी देकर कृषि उद्यमिता को प्रोत्साहित करना है। इसके तहत राज्य के सभी 30 जिलों में लगभग 8,500 कृषि-आधारित व्यावसायिक परियोजनाएं स्थापित किए जाने का लक्ष्य है, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और किसानों की आय में वृद्धि होगी।

    खबरें और भी

    एक महत्वपूर्ण सुधारात्मक कदम के तहत कैबिनेट ने ओडिशा कृषि उपज बाजार (ओएपीएम) अधिनियम, 1956 को निरस्त कर उसके स्थान पर नया कृषि विपणन कानून लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। प्रस्तावित कानून का उद्देश्य निजी निवेश को बढ़ावा देना, बाजार अवसंरचना को मजबूत करना और किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाना है। इससे कृषि विपणन व्यवस्था अधिक उदार, प्रतिस्पर्धी और किसान-केंद्रित बनेगी।

    मंत्रिमंडल ने ओडिशा सहकारी समितियां अधिनियम, 1956 में संशोधन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी, जिससे राज्य में सहकारी क्षेत्र को और अधिक मजबूत किया जा सकेगा।

    मत्स्य क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए कैबिनेट ने ओडिशा फिशरीज सर्विस (भर्ती एवं सेवा शर्तें) नियम, 2026 को मंजूरी दी। मत्स्य सेवा संवर्ग के पुनर्गठन के बाद स्वीकृत पदों की संख्या 617 से बढ़ाकर 835 कर दी गई है। इससे सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा, राज्य की ब्लू इकोनॉमी पहल को बल मिलेगा तथा 33 लाख मीट्रिक टन मछली उत्पादन और 25,000 करोड़ रुपये के समुद्री खाद्य निर्यात के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी।

    इसके अलावा, कैबिनेट ने ओडिशा राज्य एवं जिला उपभोक्ता आयोग आशुलिपिक (भर्ती पद्धति एवं सेवा शर्तें) नियम, 2026 को भी मंजूरी दी। नए नियमों के तहत राज्य और जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोगों में कार्यरत आशुलिपिकों की भर्ती, स्थानांतरण और सेवा शर्तों को विनियमित किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता, एकरूपता और प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी।

    राज्य सरकार का मानना है कि इन फैसलों से अवसंरचना विकास को गति मिलेगी, ग्रामीण संपर्क व्यवस्था मजबूत होगी, कृषि उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा, कृषि विपणन प्रणाली का आधुनिकीकरण होगा, मत्स्य प्रशासन अधिक प्रभावी बनेगा तथा विभिन्न क्षेत्रों में सुशासन को मजबूती मिलेगी।

    यह भी पढ़ें- पुरी रथ यात्रा: श्रीमंदिर के सामने आज लाए जाएंगे तीनों रथ, कल मौसीबाड़ी प्रस्थान करेंगे महाप्रभु जगन्नाथ

    यह भी पढ़ें- पुरी रथ यात्रा 2026: श्रद्धालुओं के लिए नया ट्रैफिक व पार्किंग प्लान जारी, श्रीमंदिर तक का इलाका नो-व्हीकल जोन घोषित