विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

सिंगापुर जा रहा कार्गो जहाज ओडिशा तट के पास डूबा, 24 लोग थे सवार

Updated: Sat, 22 Aug 2026 11:28 PM (GMT+05:30)

पनामा ध्वज वाला मालवाहक पोत 'एमवी ओशन-विनर' ओडिशा तट के पास डूब गया, जिसमें 24 क्रू सदस्य सवार थे।

कार्गो विमान ओडिशा तट के पास डूबा। (फोटो: रॉयटर्स)

कार्गो विमान ओडिशा तट के पास डूबा। (फोटो: रॉयटर्स)

HighLights

  1. पनामा ध्वज वाला मालवाहक पोत 'एमवी ओशन-विनर' ओडिशा तट पर डूबा।

  2. जहाज पर 24 क्रू सदस्य सवार थे, जिनमें चीनी, म्यांमार, बांग्लादेशी शामिल।

  3. भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल ने संयुक्त बचाव अभियान चलाया।

जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। बंगाल की खाड़ी में शनिवार को बड़ा समुद्री हादसा हो गया। ओडिशा के पारादीप बंदरगाह से सिंगापुर के लिए रवाना हुआ पनामा-ध्वज वाला मालवाहक जहाज एमवी ओशियन-विनर समुद्र में डूब गया।

हादसा पारादीप तट से करीब 240 नॉटिकल मील दूर बताया जा रहा है। जहाज पर 24 क्रू सदस्य सवार थे। इनमें 20 चीनी, तीन म्यांमार और एक बांग्लादेशी नागरिक शामिल हैं। भारतीय नौसेना और कोस्ट गार्ड ने बड़े पैमाने पर खोज एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया है।

दो लाइफ राफ्ट से मिले दो जीवित लोग

ताजा जानकारी के अनुसार, करीब रात आठ बजे दो लाइफ राफ्ट से दो लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। हालांकि, बाकी क्रू सदस्यों की स्थिति को लेकर अभी अभियान जारी है।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सभी 24 सदस्यों की स्थिति की पूरी पुष्टि अभी नहीं हो सकी है। आसपास से गुजर रहे अन्य जहाजों को भी अलर्ट कर बचाव कार्य में सहयोग मांगा गया है।

1700 टन लौह अयस्क लेकर निकला था जहाज

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक एमवी ओशियन-विनर करीब 1,700 टन लौह अयस्क लेकर पारादीप से रवाना हुआ था। जहाज ने 20 अगस्त की रात करीब 10:30 बजे पारादीप बंदरगाह छोड़ा था और सिंगापुर की ओर बढ़ रहा था।

cargo ship sinks (1)

करीब 200 नॉटिकल मील दूर पहुंचने के बाद जहाज से संपर्क टूट गया। इसके बाद उसके समुद्र में डूबने की सूचना सामने आई।

नौसेना और कोस्ट गार्ड ने संभाला मोर्चा

संपर्क टूटने की सूचना मिलते ही समुद्री बचाव एजेंसियां सक्रिय हो गईं। भारतीय कोस्ट गार्ड के जहाज वरद और अनमोल को खोज एवं बचाव अभियान में लगाया गया है, जबकि विजित को भी अभियान में सहयोग के लिए तैनात किया गया है। अंडमान-निकोबार क्षेत्र से भी बचाव संसाधनों को लगाया गया है।

हादसा कैसे हुआ, अभी साफ नहीं

जहाज के डूबने के वास्तविक कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। शुरुआती रिपोर्टों में खराब मौसम, समुद्री परिस्थितियों या तकनीकी कारणों की संभावनाएं सामने आई हैं, लेकिन अधिकारियों ने किसी कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

हर जिंदगी बचाने की कोशिश

रेस्क्यू टीमों का मुख्य लक्ष्य समुद्र में फंसे क्रू सदस्यों तक जल्द से जल्द पहुंचना है। घटनास्थल की अत्यधिक दूरी और समुद्री परिस्थितियों के कारण अभियान चुनौतीपूर्ण बताया जा रहा है। आसपास मौजूद व्यापारिक जहाजों को भी सतर्क कर दिया गया है। बचाए गए लोगों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने के साथ अन्य क्रू सदस्यों की तलाश जारी है।

(नोट: क्रू के सभी सदस्यों की स्थिति और जहाज के डूबने के तकनीकी कारणों को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।)

यह भी पढ़ें- 8 दिन से पानी में घिरे 40 परिवार, डर के साये में कट रही जिंदगी; ओडिशा के केंद्रापड़ा में बाढ़ का कहर