ओडिशा में नक्सलवाद को करारा झटका, बरगढ़-बलांगीर आधिकारिक रूप से नक्सल मुक्त घोषित
ओडिशा पुलिस ने बरगढ़ और बलांगीर जिलों को आधिकारिक तौर पर नक्सल मुक्त घोषित किया है। यह घोषणा छत्तीसगढ़ के महासमुंद में 15 माओवादियों के आत्मसमर्पण के ...और पढ़ें
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ओडिशा डीजीपी
HighLights
बरगढ़ और बलांगीर जिले आधिकारिक तौर पर नक्सल मुक्त घोषित।
15 माओवादियों के आत्मसमर्पण के बाद यह बड़ी सफलता।
पुलिस, सुरक्षा बलों और स्थानीय सहयोग से मिली उपलब्धि।
जागरण संवाददाता, अनुगुल। ओडिशा पुलिस ने नक्सलवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए बरगढ़ और बलांगीर जिलों को आधिकारिक रूप से नक्सल मुक्त घोषित कर दिया है। योगेश बहादुर खुरानिया ने इसकी औपचारिक घोषणा करते हुए इसे राज्य के लिए बड़ी सफलता बताया।
यह घोषणा उस महत्वपूर्ण घटनाक्रम के बाद की गई, जिसमें छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में 15 माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर हथियार डाल दिए। ये सभी पहले बरगढ़-बलांगीर-महासमुंद सीमावर्ती क्षेत्र में सक्रिय थे। इस सामूहिक आत्मसमर्पण के साथ ही दोनों जिलों में नक्सली गतिविधियों के पूरी तरह समाप्त होने की पुष्टि हुई।
सूत्रों के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वालों में कई सक्रिय सदस्य शामिल थे, जो लंबे समय से सीमा क्षेत्रों में नक्सली नेटवर्क को मजबूत करने में जुटे थे। सुरक्षा एजेंसियों के लगातार दबाव, सटीक खुफिया जानकारी और संयुक्त अभियानों ने इन्हें मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित किया।
स्थानीय समुदायों के अमूल्य सहयोग का परिणाम
डीजीपी खुरानिया ने इस सफलता का श्रेय ओडिशा पुलिस, केंद्रीय अर्धसैनिक बलों और राज्य सुरक्षा बलों के बीच बेहतर समन्वय को दिया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि वर्षों से चल रहे रणनीतिक अभियानों, मजबूत खुफिया तंत्र और स्थानीय समुदायों के अमूल्य सहयोग का परिणाम है।
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उन्होंने पुलिस बल के साहस, दृढ़ता और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि सीमावर्ती और संवेदनशील इलाकों में तैनात जवानों ने कठिन परिस्थितियों में भी अपना कर्तव्य निभाया। साथ ही उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को भी धन्यवाद दिया, जिन्होंने पुलिस पर विश्वास जताते हुए नक्सलवाद के खिलाफ मुहिम में सहयोग किया।
राज्य को पूरी तरह बनाया जाए नक्सल मुक्त
डीजीपी ने स्पष्ट किया कि राज्य के अन्य नक्सल प्रभावित इलाकों में भी इसी तरह की सघन रणनीति अपनाई जाएगी। सरकार की प्राथमिकता है कि विकास योजनाओं को तेजी से लागू कर युवाओं को भटकाव से दूर रखा जाए और राज्य को पूरी तरह नक्सल मुक्त बनाया जाए।
विशेषज्ञों का मानना है कि बरगढ़ और बलांगीर का नक्सल मुक्त होना न केवल सुरक्षा के दृष्टिकोण से अहम है, बल्कि इससे क्षेत्र में निवेश, बुनियादी ढांचे के विकास और सामाजिक स्थिरता को भी बढ़ावा मिलेगा। यह सफलता ओडिशा के लिए एक नई शुरुआत के रूप में देखी जा रही है।