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    ओडिशा के सुंदरगढ़ में हाथी का आतंक: किसान को कुचलकर मार डाला, वन विभाग की लापरवाही पर लोगों का फूटा गुस्सा

    Updated: Sat, 01 Aug 2026 02:03 PM (IST)

    ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले में एक दंतैल हाथी के हमले में 50 वर्षीय रामचंद्र गौड़ की मौत हो गई, जिससे मानव-हाथी संघर्ष फिर गहरा गया है। ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. सुंदरगढ़ में दंतैल हाथी के हमले में ग्रामीण की मौत।

    2. वन विभाग की निष्क्रियता पर ग्रामीणों ने जताया आक्रोश।

    3. मानव-हाथी संघर्ष के स्थायी समाधान की मांग तेज।

    संवाद सूत्र, बीरमित्रपुर। ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले में मानव-हाथी संघर्ष थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार सुबह एक बार फिर हाथी के हमले में एक 50 वर्षीय ग्रामीण को अपनी जान गंवानी पड़ी। मृतक की पहचान हाथीबाड़ी थाना क्षेत्र के ओलानी गांव निवासी रामचंद्र गौड़ के रूप में हुई है।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, रामचंद्र शनिवार सुबह जब अपने खेत की ओर जा रहे थे, तभी रास्ते में अचानक एक अकेले दंतैल हाथी ने उन पर जानलेवा हमला कर दिया। घटना की भनक लगते ही स्थानीय ग्रामीण आनन-फानन में मौके पर पहुंचे और हो-हल्ला कर किसी तरह हाथी को वहां से खदेड़ा।

    ग्रामीणों ने रामचंद्र को बचाने का प्रयास किया, लेकिन हाथी के हमले में गंभीर रूप से घायल होने के कारण तब तक उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो चुकी थी। इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे गांव में शोक और भारी आक्रोश का माहौल है। घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं और शव को कब्जे में लेकर आगे की विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी है।

    इस घटना ने ग्रामीणों के गुस्से को भड़का दिया है। आक्रोशित लोगों का आरोप है कि यह अकेला दंतैल हाथी लंबे समय से इलाके में जमकर उत्पात मचा रहा है। लगातार हो रही घटनाओं और शिकायतों के बावजूद वन विभाग इस हाथी को खदेड़ने या कोई प्रभावी कदम उठाने में पूरी तरह से नाकाम रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग की लापरवाही के कारण ही आज एक और बेगुनाह को अपनी जान गंवानी पड़ी है।

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    गौरतलब है कि सुंदरगढ़ जिले के बिसरा, बं डामुंडा, बणई, कोइड़ा, लाठीकाटा और अन्य आसपास के इलाकों में हाथियों का आतंक लगातार गहराता जा रहा है। आए दिन हो रहे मानव-हाथी संघर्ष में न केवल लोगों की जानें जा रही हैं, बल्कि किसानों की खून-पसीने की फसलें भी बड़े पैमाने पर बर्बाद हो रही हैं।

    इलाके में दहशत इस कदर है कि लोग अब घरों से बाहर निकलने में भी खौफ खा रहे हैं। इस ताजा घटना के बाद स्थानीय निवासियों ने एक बार फिर राज्य सरकार और वन विभाग से जिले में हाथियों के आतंक से निजात दिलाने के लिए जल्द से जल्द एक दीर्घकालिक और स्थायी समाधान लागू करने की मांग की है।

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