Odisha Flood : ओडिशा के 20 जिलों में बाढ़ से हाहाकार, 1.89 लाख लोग सुरक्षित स्थानों पर किए गए शिफ्ट
महानदी और काठजोड़ी में जलस्तर बढ़ने से ओडिशा के 20 जिलों में बाढ़ का कहर जारी है, जिससे 7 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। ...और पढ़ें

20 जिलों में बाढ़ से हाहाकार
HighLights
महानदी और काठजोड़ी में जलस्तर खतरे के निशान के करीब।
भट्टारिका मंदिर में पानी घुसा, प्रतिमा अस्थायी रूप से स्थानांतरित।
20 जिलों में 1.89 लाख से अधिक लोग सुरक्षित निकाले गए।
जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। महानदी और उसकी प्रमुख शाखा नदी काठजोड़ी में जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। आशंका है कि जल्द ही मुंडली और नराज में बाढ़ का पानी खतरे के निशान को पार कर सकता है। रिपोर्ट लिखे जाने तक मुंडली में 8.80 लाख क्यूसेक पानी बह रहा था और जलस्तर खतरे के निशान से मात्र डेढ़ फीट नीचे था।
नराज में जलस्तर 25.85 मीटर दर्ज किया गया, जहां 4.34 लाख क्यूसेक पानी प्रवाहित हो रहा था। जोबरा एनीकट से शाम तक 3.97 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था तथा जलस्तर 21.20 मीटर पर पहुंच गया था।
भट्टारिका मंदिर के गर्भगृह में पानी घुसा
महानदी में जलस्तर बढ़ने के कारण बुधवार देर रात भट्टारिका मंदिर के गर्भगृह में पानी घुस गया, जिसके बाद मां भट्टारिका की प्रतिमा को अस्थायी मंदिर में स्थानांतरित कर दिया गया।
वहीं बड़ंबा के जोडुम क्षेत्र में महानदी तटबंध में कटाव होने से खेती की जमीन जलमग्न हो गई है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए धबलेश्वर, भट्टारिका और सिंहनाथ पीठ में गुरुवार से बीएनएस की धारा-163 लागू कर दी गई है।
कई गांवों का संपर्क बाहरी दुनिया से कटा
बांकी-डंपड़ा ब्लॉक के निचले इलाकों में भी बाढ़ का पानी फैल गया है। कई पंचायतों के सैकड़ों हेक्टेयर कृषि क्षेत्र जलमग्न हो गए हैं। बांकी-तिगिरिया मार्ग पर रतागढ़ स्थित हुलुहुला पुल के ऊपर पांच फुट ऊंचाई तक पानी बह रहा है, जबकि कई ग्रामीण सड़कें तीन से चार फुट पानी में डूबी हुई हैं। कई गांवों का संपर्क बाहरी दुनिया से कट गया है।
लोगों को बाढ़ आश्रय स्थलों में पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू
प्रशासन ने एहतियातन आठगढ़ सब-डिवीजन के लगभग 1,500, बांकी के 600, कटक सदर के 800 और कटक नगर निगम क्षेत्र के 1,000 लोगों को बाढ़ आश्रय स्थलों में पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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तीन सब-डिवीजनों में ओड्राफ की एक-एक टीम तथा कटक शहर में एनडीआरएफ की एक टीम तैनात की गई है। जिलाधिकारी दत्तात्रेय भाऊसाहेब शिंदे ने बाढ़ की स्थिति की समीक्षा करते हुए स्वास्थ्य विभाग को सतर्क रहने और सर्पदंश रोधी दवाओं का पर्याप्त भंडारण रखने के निर्देश दिए हैं।
ब्राह्मणी, बैतरणी और बुधाबलंग में घट रहा पानी
राज्य के विभिन्न हिस्सों में लगातार बारिश और बाढ़ के कारण अब तक 20 जिलों के 7,05,232 लोग प्रभावित हुए हैं। हालांकि ब्राह्मणी, बैतरणी और बुधाबलंग नदियों का जलस्तर धीरे-धीरे कम हो रहा है, लेकिन महानदी और उसकी सहायक नदियों में पानी बढ़ने से चिंता बनी हुई है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार अब तक तीन लोगों की मौत हुई है। इनमें केन्दुझर में एक व्यक्ति की डूबने से तथा ढेंकानाल और रायगढ़ा में दीवार गिरने से दो लोगों की जान गई है। बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित जिला भद्रक है, जबकि जाजपुर और बालेश्वर में भी लाखों लोग प्रभावित हुए हैं।
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने को हेलीकॉप्टर से जाजपुर, भद्रक, बालेश्वर और केन्दुझर जिलों की स्थिति का जायजा लिया। उनके साथ विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अरविंद पाढ़ी और विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) राजेश प्रभाकर पाटिल भी मौजूद थे। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जलस्तर घटने के बाद प्रभावित लोगों को शीघ्र मुआवजा उपलब्ध कराया जाए।
20 जिलों में व्यापक तबाही
एसआरसी कार्यालय के अनुसार, बाढ़ और भारी बारिश से अनुगुल, बलांगीर, बालेश्वर, बरगढ़, भद्रक, बौद्ध, ढेंकानाल, जाजपुर, जगतसिंहपुर, कालाहांडी, कंधमाल, केंद्रापड़ा, केन्दुझर, कोरापुट, मलकानगिरि, मयूरभंज, नुआपड़ा, रायगढ़ा, सोनपुर और सुंदरगढ़ जिलों के 100 ब्लॉकों की 539 ग्राम पंचायतों के 1,458 गांव तथा 14 शहरी क्षेत्रों के 176 वार्ड प्रभावित हुए हैं।
बाढ़ से 1,310 पशुओं की मौत हुई है। अब तक 1,89,597 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। 21 गांव पूरी तरह जलमग्न हैं और 24,896 हेक्टेयर कृषि भूमि में पानी भर गया है। बारिश और बाढ़ के कारण 1,353 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं।
प्रभावित लोगों के लिए 520 राहत केंद्र खोले गए हैं, जहां 1,82,252 लोगों को पका और सूखा भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। पशुओं के लिए 19 चारा केंद्रों के माध्यम से 427 मीट्रिक टन चारा वितरित किया गया है। राहत एवं बचाव कार्यों के लिए 17 ओड्राफ, 6 एनडीआरएफ और 112 अग्निशमन दल तैनात किए गए हैं।
भद्रक सबसे ज्यादा प्रभावित
भद्रक जिले में 4,11,422 लोग प्रभावित हुए हैं और 1,20,152 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। जाजपुर जिले में 1,37,010 लोग प्रभावित हैं तथा 35,572 लोगों को निकाला गया है। जिले में 20,206 हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि जलमग्न हो चुकी है।
बालेश्वर जिले में 1,46,504 लोग प्रभावित हुए हैं। यहां 29,011 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, जबकि 654 मकानों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिली है। बाढ़ की स्थिति पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है और राहत कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं।