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    ओडिशा में खतरे के निशान से 2 मीटर ऊपर बह रही बैतरनी नदी, भद्रक समेत 4 जिलों में स्कूल-आंगनवाड़ी बंद

    Updated: Thu, 30 Jul 2026 10:59 AM (GMT+05:30)

    ओडिशा में लगातार बारिश और नदियों में उफान से बाढ़ का संकट गहरा गया है, भद्रक में बैतरनी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। ...और पढ़ें

    खतरे के निशान से 2 मीटर ऊपर बह रही बैतरनी नदी

    खतरे के निशान से 2 मीटर ऊपर बह रही बैतरनी नदी

    HighLights

    1. बैतरनी नदी खतरे के निशान से 2.11 मीटर ऊपर।

    2. भद्रक, जाजपुर, नबरंगपुर, कालाहांडी में स्कूल बंद।

    3. कई गांवों का संपर्क टूटा, सड़कें जलमग्न हुईं।

    जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। लगातार बारिश और उफनाती नदियों ने ओडिशा के कई हिस्सों में बाढ़ का संकट गहरा दिया है। भद्रक में बैतरनी और सालंदी नदियों के खतरे के निशान पार करने के बाद निचले इलाकों में पानी फैलने लगा है। कई गांवों और पंचायतों का संपर्क प्रभावित हुआ है, जबकि सड़कें जलमग्न होने से आवाजाही मुश्किल हो गई है।

    बिगड़ते हालात और बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए भद्रक, जाजपुर, नबरंगपुर और कालाहांडी जिला प्रशासन ने गुरुवार को सभी सरकारी और निजी स्कूलों के साथ आंगनवाड़ी केंद्रों को बंद रखने का आदेश दिया है।

    खतरे के निशान से ऊपर बह रही नदी

    भद्रक में बाढ़ की स्थिति सबसे अधिक चिंताजनक बनी हुई है। अखुआपड़ा में बैतरनी नदी का जलस्तर बुधवार सुबह 20.44 मीटर दर्ज किया गया, जबकि यहां खतरे का निशान 18.33 मीटर है। यानी नदी खतरे के स्तर से करीब 2.11 मीटर ऊपर बह रही है। सालंदी नदी के जलस्तर में भी लगातार बढ़ोतरी से तटवर्ती और निचले इलाकों में चिंता बढ़ गई है।

    कई पंचायतों में जलभराव और बाढ़ का असर 

    भंडारीपोखरी, धामनगर और तिहिड़ी ब्लॉकों की कई पंचायतों में बाढ़ का पानी फैल गया है। कई स्थानों पर सड़कें डूबने से गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है। भंडारीपोखरी-जाजपुर सड़क मार्ग पूरी तरह कट गया है। भद्रक शहर के करीब 15 वार्डों के साथ आसपास की कई पंचायतों में भी जलभराव और बाढ़ का असर देखा जा रहा है।

    स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने निगरानी तेज कर दी है। अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों की लगातार समीक्षा करने और जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने लोगों से नदी किनारे और जलभराव वाले इलाकों में जाने से बचने, अनावश्यक यात्रा न करने तथा राहत और बचाव दलों के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

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    कई हिस्सों में बारिश की संभावना 

    इधर, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने गुरुवार सुबह 7:20 बजे जारी बुलेटिन में अगले तीन घंटों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में बारिश की संभावना जताई है। मलकानगिरी, कोरापुट, रायगढ़ा, नबरंगपुर, नुआपड़ा, केंद्रपाड़ा, जगतसिंहपुर, पुरी और खुर्दा जिलों, जिसमें भुवनेश्वर शहर भी शामिल है, के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना है।

    लगातार सक्रिय मानसून और नदियों के बढ़ते जलस्तर के बीच प्रशासन की चिंता यह है कि यदि बारिश का दौर जारी रहा तो निचले इलाकों में बाढ़ का दायरा और बढ़ सकता है। फिलहाल चार जिलों में स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र बंद कर प्रशासन ने बच्चों को संभावित खतरे से दूर रखने का कदम उठाया है। हालात पर चौबीसों घंटे नजर रखी जा रही है और स्थिति के अनुसार आगे का निर्णय लिया जाएगा।

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