ओडिशा में लगातार बारिश से बेकाबू हो रहे हालात, 3 जिलों की कमान संभालेंगे सीनियर आईएएस
उत्तर ओडिशा में बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने बालेश्वर, भद्रक और जाजपुर जिलों में राहत कार्यों की निगरानी के लिए तीन वरिष्ठ आईएएस अ ...और पढ़ें

ओडिशा में लगातार बारिश से बेकाबू हो रहे हालात ( एआई जेनरेटेड तस्वीर )
HighLights
उत्तर ओडिशा में बाढ़ की स्थिति गंभीर, राहत कार्य तेज।
बालेश्वर, भद्रक, जाजपुर में तीन वरिष्ठ आईएएस तैनात।
नदियां खतरे के निशान से ऊपर, अगले 12 घंटे महत्वपूर्ण।
जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। उत्तर ओडिशा में बाढ़ की गंभीर होती स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने राहत एवं बचाव कार्यों को तेज कर दिया है। सरकार ने बालेश्वर, भद्रक और जाजपुर जिलों में निगरानी एवं राहत व्यवस्था को मजबूत करने के लिए तीन वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों की तैनाती की है।
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने चेतावनी दी है कि अगले 12 घंटे बेहद महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि लगातार बारिश के कारण कई नदियों का जलस्तर और बढ़ने की आशंका है।
लोगों को पहले ही सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया
राज्य सरकार के आदेश के अनुसार ओडिशा माइनिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक सुधांशु मोहन सामल को भद्रक, ओडिशा स्टेट सिविल सप्लाइज कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक के. सुदर्शन चक्रवर्ती को बालेश्वर और आबकारी आयुक्त पी. अन्वेषा रेड्डी को जाजपुर जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ये अधिकारी संबंधित जिलों के कलेक्टरों के साथ मिलकर राहत, पुनर्वास और पुनर्स्थापन कार्यों की निगरानी करेंगे।
मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा कि ऊपरी और निचले जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार बारिश होने से नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। संवेदनशील इलाकों के लोगों को पहले ही सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है तथा राहत शिविरों में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।
मुख्य सचिव ने संभाली कमान
मुख्य सचिव अनु गर्ग ने कहा कि तैनात किए गए तीनों वरिष्ठ अधिकारी पहले भी इन जिलों में कार्य कर चुके हैं और स्थानीय परिस्थितियों से भलीभांति परिचित हैं। वे जिला प्रशासन की सहायता करने के साथ-साथ राज्य सरकार को लगातार स्थिति की जानकारी देंगे।उन्होंने बताया कि जल संसाधन विभाग के इंजीनियरों को भी संवेदनशील तटबंधों और नदी किनारे के इलाकों में तैनात किया गया है। रातभर गश्त की जाएगी और किसी भी स्थान पर तटबंध में दरार या टूट-फूट की स्थिति उत्पन्न होने पर तत्काल बालू की बोरियों सहित अन्य उपायों से स्थिति को नियंत्रित किया जाएगा।
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खतरे के निशान से ऊपर बह रहीं तीन नदियां
प्रशासन के अनुसार जलका, बुढ़ाबलंगा और सालंदी नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच चुका है। इसके अलावा मयूरभंज, केंदुझर और संबलपुर जिलों की स्थिति पर भी लगातार नजर रखी जा रही है।
सरकार ने निचले इलाकों से बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, बच्चों और पशुधन को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में ओडिशा डिजास्टर रैपिड एक्शन फोर्स की टीमों को भी तैनात कर दिया गया है।
पुलिस को दिए गए विशेष निर्देश
पुलिस महानिदेशक वाई.बी. खुरानिया ने बताया कि केंदुझर, मयूरभंज, बालेश्वर, भद्रक और जाजपुर के पुलिस अधीक्षकों को निकासी अभियान में जिला प्रशासन की मदद करने के निर्देश दिए गए हैं। राहत शिविरों में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए महिला पुलिसकर्मियों की भी तैनाती की जाएगी।
लगातार हो रही बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए राज्य सरकार पूरी तरह सतर्क है। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव अभियान को और तेज किया जाएगा।